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Sunday, February 28, 2021
Chandigarh

चंडीगढ़ में अब हर मकान का होगा डिजिटल डोर नंबर और क्यू आर कोड

February 21, 2021 08:01 AM

चंडीगढ़ (मयंक मिश्रा) - शहर में किसी सेक्टर की किसी गली, एरिया में बने मकान तक पहुंचने के लिए अब आपको किसी से पूछने और परेशान होने की जरूरत नहीं होगी। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड (सीएससीएल) द्वारा अब हर मकान को यूनिक आईडी वाला डिजिटल डोर नंबर (डीडीएन) देने की तैयारी हो गई है। इसमें हर मकान की जियो टैगिंग होगी और कोई भी व्यक्ति उस डीडीएन के जरिए मकान की सही लोकेशन पर पहुंच सकेगा। यानि शहर में अब आम लोगों के आधार कार्ड की तरह प्रॉपर्टी को भी खास नंबरों से जाना-पहचाना जा सकेगा। चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड (सीएससीएल) के अधिकारी इस कवायद में जुट गए हैं। चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटे शहर के व्यावसायिक और आवासीय प्रॉपर्टी के लिए एक डिजिटल डोर नंबर सिस्टम विकसित कर रहा है।

इसका उपयोग आम लोगों के साथ साथ विविध सरकारी विभाग जैसे किसी घटना के होने पर पुलिस द्वारा डीडीएन के जरिए सीधे उस जगह पहुंचा जा सकेगा। इसी तरह एंबुलेंस पहुंचना हो या फायर ब्रिगेड यह सभी भी तत्काल पहुंच सकेंगे। इस सिस्टम के तहत यहां पर स्थित सभी प्रॉपर्टी का क्यूआर कोड, यूनिक प्रॉपर्टी आईडी और भौगोलिक सूचना प्रणाली (जीआईएस) मैपिंग की जाएगी। सीएससीएल के मुख्य महाप्रबंधक ने बताया कि जैसे भारत में रहने वालों के लिए आधार कार्ड है, वैसे ही चंडीगढ़ की प्रॉपर्टी का भी आधार होगा। उन्होंने कहा कि प्रॉपर्टी का आधार का मकसद यही है कि सभी प्रॉपर्टी का जीआईएस मैप पर डिजिटल फुटप्रिंट हो।

इस सिस्टम के तहत आपके मकान की प्लेट पर क्यूआर कोड भी रहेगा। आपकी गली में सफाई हुई है या नहीं, आप मोबाइल से क्यूआर कोड को स्कैन करके निगम को जानकारी दे सकेंगे। संपत्ति कर व अन्य कर भरने की सुविधा भी इसी क्यूआर कोड से मिल जाएगी। डीडीएन में इस मकान में रहने वाले लोगों की संख्या व अन्य जानकारी भी रहेगी। शर्मा ने बताया कि सीएससीएल की ओर से इसे पूरे चंडीगढ़ शहर के लिए किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हम दस्तावेजों पर काम कर रहे हैं और साल के अंत तक यह लागू हो जाएगा। मालूम हो कि पानी और बिजली मीटर आईडी को डिजिटल डोर नंबर (डीडीएन) के साथ भी जोड़ा जाएगा।

2016 में चंडीगढ़ को स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत चुना गया

2014  में केन्द्र में मोदी सरकार बनने के बाद देश में स्मार्ट सिटी योजना आया था। इसके अंतर्गत ही 13 जुलाई 2016 को चंडीगढ़ को स्मार्ट सिटी परियोजना के अंतर्गत चुना गया था। देशभर के 98 शहरों की सूची में चंडीगढ़ प्रमुख 20 शहरों में शामिल था। केंद्र सरकार ने चार साल का लक्ष्य देते हुए चंडीगढ़ को अपनी परियोजनाओं को पूरा करने को कहा था।

नगर निगम के लगभग 600 करोड़ के कार्य स्मार्ट सिटी से ही पूरे किए जा रहे हैं। इसमें स्वच्छता अभियान में शहर को बेहतर रैंकिंग दिलाने के लिए 390 गाड़ियां मंगवाने का प्रोजेक्ट भी शामिल है। स्मार्ट सिटी के कारण ही निगम का मैटीरियल रिकवरी फेसलिटी सेंटर और डंपिंग ग्राउंड पर 500 टन कचरे के निस्तारण की योजना सफल हो सकी है। स्मार्ट सिटी के अधिकारियों के अनुसार चंडीगढ़ को इस परियोजना के तहत एक हजार करोड़ मिलना था। अभी इसके तहत केंद्र और प्रशासन से 200-200 करोड़ मिले हैं। परियोजना के लिए केंद्र और प्रशासन से 300-300 करोड़ रुपये आने हैं। वहीं, स्मार्ट सिटी परियोजना के लिए अभी 200 करोड़ खाते में पड़े हुए हैं।

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