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पीयू में 67 शिक्षकों को आईसीएएमएसई रिसर्च अवॉर्ड, प्रो.सहगल व प्रो. गुरजसप्रीत को सर्वोच्च सम्मान

VVinita Kohli
पीयू में 67 शिक्षकों को आईसीएएमएसई रिसर्च अवॉर्ड, प्रो.सहगल व प्रो. गुरजसप्रीत को सर्वोच्च सम्मान
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चंडीगढ़: पंजाब यूनिवर्सिटी में ‘आईसीएएमएसई रिसर्च अवॉर्ड-2026’ के जरिए शोध उत्कृष्टता का भव्य सम्मान किया गया। यूनिवर्सिटी की वाइस चांसलर प्रो.रेनू विग ने 67 शिक्षकों को उनकी उच्च गुणवत्ता वाली रिसर्च पब्लिकेशन के लिए सम्मानित किया। यह आयोजन सेक्टर-14 स्थित राजीव गांधी भवन के सेमिनार हॉल में हुआ।

दो बेस्ट रिसर्चर्स को 15-15 हजार का इनाम

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इस वर्ष दो बेस्ट आईसीएएमएसई रिसर्चर अवॉर्ड घोषित किए गए। प्रो. गुरजसप्रीत सिंह (रसायन विज्ञान विभाग) को ‘बेस्ट आईसीएएमएसई ईएंडएस रिसर्चर अवॉर्ड’ और यूआईईटी के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के कोऑर्डिनेटर प्रो. शंकर सहगल को ‘बेस्ट आईसीएएमएसई एमई रिसर्चर अवॉर्ड’ से नवाजा गया। दोनों विजेताओं को 15-15 हजार रुपये का कैश प्राइज, सर्टिफिकेट और मोमेंटो प्रदान किया गया।

 74 आवेदन, 67 फैकल्टी को सम्मान

डॉ. परवीन गोयल के अनुसार इस बार कुल 74 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से 67 फैकल्टी को सर्टिफिकेट और मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। इनमें से दो फैकल्टी की रिसर्च को सर्वश्रेष्ठ आंका गया। चयन प्रक्रिया में 2025 के स्केल-इंडेक्स्ड शोध पत्र, जर्नल्स के इम्पैक्ट फैक्टर और लेखक की भूमिका को प्रमुख आधार बनाया गया।

 सेल्फ फाइनेंस मॉडल से हुआ आयोजन

यह पहल सेल्फ फाइनेंस कॉन्फ्रेंस से जुटाए गए फंड के माध्यम से की गई, जिससे विश्वविद्यालय पर कोई अतिरिक्त आर्थिक भार नहीं पड़ा। फैकल्टी के लिए इस तरह के अवॉर्ड पहली बार शुरू किए गए हैं, जिसे अकादमिक जगत में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।

वीसी ने रिसर्च व इनोवेशन पर दिया जोर

वीसी प्रो. रेनू विग ने कहा कि ऐसे अवॉर्ड से फैकल्टी को क्वालिटी रिसर्च और इम्पैक्टफुल पब्लिकेशन की ओर अधिक प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने विश्वविद्यालय में नवाचार, स्टार्टअप संस्कृति और प्रभावी शोध को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यक्रम में डायरेक्टर रिसर्च एंड डेवलपमेंट प्रो. मीनाक्षी गोयल गेस्ट ऑफ ऑनर रहीं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के सम्मान शिक्षकों को उच्च स्तर के शोध कार्य के लिए प्रेरित करते हैं और यूनिवर्सिटी की अकादमिक गुणवत्ता को मजबूत करते हैं।

 कोविड काल से अंतरराष्ट्रीय पहचान तक आईसीएएमएसई

कार्यक्रम का आयोजन आईसीएएमएसई कोऑर्डिनेटर प्रो. शंकर सहगल और डॉ. परवीन गोयल द्वारा किया गया। प्रो. सहगल ने बताया कि आईसीएएमएसई की शुरुआत 2020 में कोविड-19 के दौरान एक छोटी लैब से हुई थी, जो आज 35 से अधिक देशों के शोधकर्ताओं को जोड़ने वाला अंतरराष्ट्रीय मंच बन चुका है। समारोह के अंत में ब्रंच का आयोजन किया गया, जहां फैकल्टी सदस्यों ने आपसी संवाद के साथ उपलब्धियों का जश्न मनाया। यह आयोजन न केवल शोधकर्ताओं के कार्य का सम्मान था, बल्कि पंजाब यूनिवर्सिटी में बढ़ती रिसर्च संस्कृति और गुणवत्ता का प्रतीक भी बनकर उभरा।

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