दिल्ली। देशभर के लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए आठवां वेतन आयोग अब महज चर्चा का विषय नहीं, बल्कि धरातल पर उतरता हुआ सच नजर आ रहा है। केंद्र सरकार द्वारा गठित इस आयोग ने अपना काम रफ्तार से शुरू कर दिया है। साल 2016 में लागू हुए सातवें वेतन आयोग के 10 साल पूरे होने से पहले ही, 2026 के शुरुआती महीनों में ही हलचलें तेज हो गई हैं। मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, सरकार ने एक ‘सुझाव पोर्टल’ शुरू किया है जो 30 अप्रैल 2026 तक खुला रहेगा। इसके जरिए कर्मचारी संगठन और विशेषज्ञ अपनी राय सीधे आयोग तक पहुंचा सकते हैं, ताकि वेतन विसंगतियों को दूर किया जा सके।
फिटमेंट फैक्टर का गणित: कितनी बढ़ेगी आपकी टेक-होम सैलरी?
वेतन आयोग की पूरी गणित ‘फिटमेंट फैक्टर’ (Fitment Factor) के इर्द-गिर्द घूमती है। वर्तमान में जो कयास लगाए जा रहे हैं, यदि उन पर मुहर लगी तो कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी 18,000 रुपये से बढ़कर सीधे 25,000 से 28,000 रुपये के बीच पहुंच सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार सरकार फिटमेंट फैक्टर को 2.57 से बढ़ाकर 3.00 तक ले जा सकती है। इसका मतलब यह है कि आपकी मौजूदा बेसिक पे में 3 के गुणांक से इजाफा होगा, जिससे कुल वेतन में 20 से 35 प्रतिशत तक की बंपर बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। यह कदम न केवल कर्मचारियों की क्रय शक्ति बढ़ाएगा, बल्कि रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली पेंशन में भी सम्मानजनक वृद्धि सुनिश्चित करेगा।
18 महीने का डेडलाइन और एरियर की आस
सरकार ने आयोग को अपनी अंतिम सिफारिशें पेश करने के लिए करीब डेढ़ साल (18 महीने) का वक्त दिया है। इस दौरान आयोग सभी राज्यों की आर्थिक स्थिति, महंगाई दर (CPI-IW) और सरकारी खजाने पर पड़ने वाले बोझ का सूक्ष्म अध्ययन करेगा। कर्मचारियों के लिए सबसे सुखद खबर ‘एरियर’ को लेकर आ रही है। चर्चा है कि यदि आयोग की सिफारिशें लागू होने में देरी होती है, तो सरकार पिछली तारीखों से बढ़ा हुआ वेतन देने पर विचार कर सकती है। यह उन करोड़ों लोगों के लिए बड़ी राहत होगी जो लंबे समय से महंगाई के मुकाबले वेतन में स्थिरता की शिकायत कर रहे थे।
क्या है सरकार की अगली चाल?
हालांकि सरकार अभी खुलकर कोई आंकड़ा पेश नहीं कर रही है, लेकिन सुझाव पोर्टल का सक्रिय होना इस बात का प्रमाण है कि वह इस बार कर्मचारियों की मांगों को लेकर गंभीर है। 30 अप्रैल तक मिलने वाले फीडबैक के आधार पर ही ड्राफ्ट रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इस बदलाव से न केवल वर्तमान कर्मचारियों की सैलरी स्ट्रक्चर में सुधार होगा, बल्कि यह भविष्य के भर्ती अभियानों के लिए भी एक मानक तय करेगा। अब सबकी नजरें आयोग की उस अंतरिम रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो इस साल के अंत तक आ सकती है।

