Breaking News
Magha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं कियाMagha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं किया

अयोध्या महासचिव चंपत राय को भेंट की गई “सद्गुण श्री राम” नामक विशेष पुस्तक

VVinita Kohli
अयोध्या महासचिव चंपत राय को भेंट की गई “सद्गुण श्री राम” नामक विशेष पुस्तक
शेयर करें
AI Quick Summary

Want to save time? Let our AI read the article and give you 3 quick bullet points.

Listen to this article
AUDIO VERSION

अयोध्या: अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय को “सद्गुण श्री राम” नामक विशेष पुस्तक भेंट की गई, जिसमें मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के 130 विभिन्न सद्गुणों को सरल भाषा में प्रस्तुत किया गया है। यह पुस्तक आंध्र प्रदेश के नेल्लोर निवासी और सेवानिवृत्त नेशनल इनफॉरमेशन सेंटर के निदेशक सुब्रमण्यम साईं सूरी द्वारा लिखी गई है। कारसेवकपुरम स्थित शिविर कार्यालय में यह भेंट कार्यक्रम आयोजित हुआ, जहां पुस्तक की विषयवस्तु और उद्देश्य पर भी चर्चा की गई।

पुस्तक की खासियत और उद्देश्य

विज्ञापन

“सद्गुण श्री राम” पुस्तक को पारंपरिक धार्मिक ग्रंथों से अलग दृष्टिकोण के साथ तैयार किया गया है। इसमें भगवान श्रीराम के 130 गुणों को चित्रों और सरल व्याख्या के साथ प्रस्तुत किया गया है, ताकि आम लोग भी इसे आसानी से समझ सकें। लेखक का मानना है कि धार्मिक ग्रंथों को केवल पूजन तक सीमित रखने के बजाय उनके संदेश को जीवन में अपनाना अधिक महत्वपूर्ण है।

आध्यात्मिक संदेश को जीवन में उतारने पर जोर

सुब्रमण्यम साईं सूरी का कहना है कि भारत में रामायण विभिन्न भाषाओं में उपलब्ध है, लेकिन उसका वास्तविक संदेश आम लोगों तक पूरी तरह नहीं पहुंच पाता। इसी कमी को दूर करने के लिए उन्होंने इस पुस्तक की रचना की है। उनका उद्देश्य है कि लोग श्रीराम के आदर्शों और गुणों को समझकर अपने जीवन में लागू करें, जिससे समाज में सकारात्मक बदलाव आए।

चित्रों और सरल भाषा में व्याख्या

इस पुस्तक की एक खास विशेषता यह है कि इसमें हर पृष्ठ पर एक अलग सद्गुण को चित्र सहित समझाया गया है। इससे पाठकों को विषय को समझने में आसानी होती है और वे उसे अपने दैनिक जीवन से जोड़ सकते हैं। सरल भाषा का उपयोग इसे हर आयु वर्ग के लिए उपयोगी बनाता है, खासकर युवा पीढ़ी के लिए।

चंपत राय ने की सराहना

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय ने इस पुस्तक की सराहना करते हुए कहा कि यह प्रयास निश्चित रूप से सफल होगा और आने वाली पीढ़ियों को इससे प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने कहा कि इस तरह की पहल से धार्मिक मूल्यों को समझने और उन्हें जीवन में अपनाने की दिशा में सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

विज्ञापन

दिल्ली की और ख़बरें

ताज़ा ख़बरें सीधे अपने ईमेल पर

जगमार्ग न्यूज़ की बड़ी ख़बरें रोज़ अपने इनबॉक्स में पाएं। मुफ़्त, कभी भी अनसब्सक्राइब करें।