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वैज्ञानिक प्रबंधन पर ध्यान केंद्रित करने के लिए बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट पर कार्यशाला आयोजित

VVinita Kohli
वैज्ञानिक प्रबंधन पर ध्यान केंद्रित करने के लिए बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट पर कार्यशाला आयोजित
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चंडीगढ़: चंडीगढ़ प्रदूषण नियंत्रण समिति (सीपीसीसी) ने स्वास्थ्य विभाग, चंडीगढ़ प्रशासन के सहयोग से शुक्रवार को सेक्टर-16 स्थित गवर्नमेंट मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल में बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट पर कार्यशाला का आयोजन किया। कार्यक्रम की थीम थी “सुरक्षित निस्तारण, सुरक्षित जीवन”, जिसका उद्देश्य बायोमेडिकल कचरे के सुरक्षित और वैज्ञानिक प्रबंधन पर ध्यान केंद्रित करना था। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, पर्यावरण सचिव एवं स्वास्थ्य सचिव, मनदीप सिंह बराड़ ने कहा कि बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट केवल नियमों का पालन नहीं, बल्कि स्वास्थ्य संस्थाओं और कर्मियों का नैतिक और व्यावसायिक दायित्व भी है। उन्होंने स्वास्थ्य संस्थानों और नियामक एजेंसियों के बीच मजबूत साझेदारी और प्रशिक्षण की आवश्यकता पर बल दिया। 

सीपीसीसी के सदस्य सचिव,  सौरभ कुमार ने राज्य के बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन पर अपने दृष्टिकोण को साझा किया। उन्होंने कहा कि बढ़ती स्वास्थ्य जरूरतों के लिए स्मार्ट, तकनीक-आधारित और सख्त नियामक प्रणालियों की आवश्यकता है। कार्यशाला में प्रतिभागियों को बायोमेडिकल वेस्ट दिशानिर्देश, पीजीआईएमईआर का वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम, एनिमल बायोमेडिकल वेस्ट प्रथाएँ और गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल, सेक्टर 32 की उत्कृष्ट प्रथाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि ने कॉमन बायोमेडिकल वेस्ट ट्रीटमेंट एंड डिस्पोज़ल फैसिलिटी द्वारा प्रस्तुत ई-वाहनों को हरी झंडी दिखाई। इसके बाद हुए इंटरएक्टिव प्रश्नोत्तर सत्र में प्रतिभागियों ने अनुभव, चुनौतियाँ और समाधान साझा किए। सीपीसीसी ने यह दोहराया कि नेतृत्व का सहयोग, संस्थागत अनुशासन और सक्रिय समन्वय बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट में उत्कृष्टता हासिल करने के लिए अनिवार्य हैं। 

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