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Punjab News: जालंधर जिले में आप का प्रदर्शन, भगवंत मान के वायरल वीडियो पर कार्यकर्ताओं ने किया बीजेपी दफ्तरों का घेराव

VVinita Kohli
Punjab News: जालंधर जिले में आप का प्रदर्शन, भगवंत मान के वायरल वीडियो पर कार्यकर्ताओं ने किया बीजेपी दफ्तरों का घेराव
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जालंधर: पंजाब के जालंधर में मुख्यमंत्री भगवंत मान से जुड़ी सोशल मीडिया पर वायरल एक कथित फर्जी वीडियो को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। आम आदमी पार्टी (AAP) के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को शहर में भाजपा और शिरोमणि अकाली दल के कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन किया। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री की छवि को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और डीपफेक तकनीक का इस्तेमाल कर वीडियो तैयार किया गया है। प्रदर्शन के दौरान नारेबाजी भी की गई और कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई गई।

शीतला माता मंदिर के पास कार्यालयों का घेराव

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AAP कार्यकर्ताओं ने जालंधर शहर में शीतला माता मंदिर के निकट स्थित भाजपा और शिरोमणि अकाली दल के कार्यालयों के बाहर एकत्र होकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में बैनर और पोस्टर लेकर विरोध जताया। इस दौरान ‘पंजाब विरोधी भाजपा मुर्दाबाद’ जैसे नारे भी लगाए गए। पार्टी कार्यकर्ताओं का कहना था कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के खिलाफ दुष्प्रचार फैलाने की कोशिश की जा रही है।

आम आदमी पार्टी ने दावा किया कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो वास्तविक नहीं है। पार्टी नेताओं के अनुसार, वीडियो को तैयार करने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डीपफेक तकनीक का उपयोग किया गया है। उनका कहना है कि इस तरह की सामग्री का उद्देश्य जनता के बीच भ्रम फैलाना और मुख्यमंत्री की छवि को नुकसान पहुंचाना है। पार्टी ने मामले की जांच और जिम्मेदार लोगों की पहचान की मांग की है।

विपक्ष पर राजनीतिक साजिश के आरोप

प्रदर्शन में शामिल कार्यकर्ताओं ने कहा कि पंजाब में AAP सरकार बनने के बाद विपक्षी दल लगातार सरकार को घेरने की कोशिश कर रहे हैं। उनका आरोप है कि विपक्ष के पास जनता के सामने रखने के लिए कोई बड़ा मुद्दा नहीं बचा है। इसी वजह से मुख्यमंत्री भगवंत मान को विवादों में घसीटने के लिए इस प्रकार के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने इसे सुनियोजित राजनीतिक रणनीति करार दिया।

AAP कार्यकर्ताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग केवल राजनीतिक दबाव बनाने का प्रयास है। उनका दावा है कि पंजाब के लोग इस वीडियो की वास्तविकता को समझ चुके हैं और उन्हें पता है कि इसमें कोई सच्चाई नहीं है। पार्टी नेताओं ने कहा कि जनता के बीच वीडियो को लेकर भ्रम की स्थिति नहीं है और लोग इसे राजनीतिक विवाद के रूप में देख रहे हैं।

विपक्षी दलों के जनाधार पर उठाए सवाल

प्रदर्शनकारियों ने भाजपा और शिरोमणि अकाली दल पर निशाना साधते हुए कहा कि दोनों दलों का जनाधार कमजोर हुआ है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा के पास पंजाब विधानसभा में केवल दो विधायक हैं, जबकि अकाली दल की राजनीतिक स्थिति भी पहले जैसी मजबूत नहीं रही। कार्यकर्ताओं का कहना था कि इसी कारण विपक्षी दल सरकार और मुख्यमंत्री को निशाना बनाकर राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास कर रहे हैं।

AAP नेताओं ने स्पष्ट किया कि कथित फर्जी वीडियो को तैयार करने या प्रसारित करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पार्टी का कहना है कि सोशल मीडिया पर भ्रामक सामग्री फैलाने के मामलों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने कहा कि यदि ऐसे मामलों पर सख्ती नहीं की गई तो लोकतांत्रिक संवाद और राजनीतिक मर्यादाओं को नुकसान पहुंच सकता है। पार्टी ने प्रशासन से भी मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग की।

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