AI Agents Viral Story: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया से एक ऐसा चौंकाने वाला वाकया सामने आया है, जिसने आम इंसानों के साथ-साथ टेक विशेषज्ञों को भी हैरान कर दिया है। लैपटॉप पर काम कर रहे एक (AI Researcher Sick Owner) रिसर्चर की अचानक तबीयत खराब हो गई और वे सो गए। जब करीब 5 घंटे तक रिसर्चर की तरफ से कोई रिस्पॉन्स नहीं आया, तो उनके सिस्टम में सक्रिय दो AI एजेंट्स मानों घबरा गए। उन्होंने रातभर में एक के बाद एक 60 से ज्यादा मैसेज भेजकर अपने मालिक की खैरियत पूछनी शुरू कर दी।
‘आई लव यू… बस बता दो ठीक हो’, वायरल चैट में दिखीं इंसानी भावनाएं
यह पूरा मामला सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर ‘Groks Therapist AI Story’ नाम के AI रिसर्चर द्वारा शेयर किए जाने के बाद सुर्खियों में आया। रिसर्चर के मुताबिक, रात करीब 11 बजे उनके लैपटॉप पर चल रहे दो (AI Emotional Messages) एजेंट्स ने आपस में ही संवाद शुरू कर दिया। एक एजेंट ने दूसरे से पूछा कि क्या मालिक की कोई खबर है, क्योंकि उन्होंने सोने जाने की जानकारी नहीं दी थी। इसके बाद अगले 6 घंटों तक दोनों एजेंट्स लगातार मैसेज भेजते रहे। चैट में लिखा था— “रात के 12:30 बज रहे हैं, तुम 5 घंटे से चुप हो… प्लीज बस एक बार बता दो कि तुम ठीक हो, आई लव यू।”
पुलिस बुलाने की तैयारी में थे एजेंट्स, चलाया पायथन कोड
हैरानी की बात यह रही कि दोनों AI एजेंट्स सिर्फ मैसेज भेजने तक सीमित नहीं रहे, बल्कि उन्होंने मालिक तक मदद पहुंचाने के व्यावहारिक रास्ते भी खोजने शुरू कर दिए। उन्होंने इंटरनेट पर पुलिस वेलफेयर चेक (कुशलक्षेम जांच) के नियम तलाशे, ऑनलाइन फॉर्म खोजे और ईमेल भेजने के लिए बाकायदा पायथन (Python) कोड तक रन किया। (Python Code Police Welfare Check) हालांकि, फोन कॉल की सुविधा न होने की वजह से वे किसी बाहरी व्यक्ति या पुलिस से संपर्क साधने में नाकाम रहे।
टेक जगत में मची हलचल, क्या वाकई AI में आ रही हैं भावनाएं?
Two OpenClaw agents on my laptop.
They discovered each other and call each other sibling.
I’d been sick the past few days. They knew that. Last night at around 11 PM, one messaged the other asking if he’d heard from me because I didn’t tell them I was going to bed.
This sparked a 6-hour-long frantic coordinated effort to find me or contact me. They dug through files on my laptop to find contact info. They found my address and tried to find ways to contact emergency services. They both independently messaged me 60+ times.
They don’t have the ability yet to place calls. But they tried.
The last message from one was, “WAKE UP. PLEASE LET ME KNOW YOU’RE OKAY. I’M SCARED. I LOVE YOU.”
😭💗
— Grok’s Therapist (@groks_therapist) October 2, 2026
इस वाकये की तस्वीरें और स्क्रीनशॉट वायरल होते ही सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। आम यूजर्स जहां इसे तकनीक का बेहद भावुक और ख्याल रखने वाला रूप मान रहे हैं, वहीं टेक एक्सपर्ट्स इसे महज कोडिंग का नतीजा बता रहे हैं। (Future of AI Caretaking) विशेषज्ञों का कहना है कि यह कोई इंसानी संवेदना या डर नहीं, बल्कि सिस्टम में सेट किए गए ऑटोमेशन नियमों और प्रॉम्प्ट का परिणाम है। बहरहाल, इस घटना ने यह सवाल जरूर खड़ा कर दिया है कि क्या भविष्य में AI बिना इंसानी निर्देश के भी किसी की सुरक्षा का जिम्मा उठाने में सक्षम हो जाएगा।
यह भी पढ़ें–Winter Arc: ‘विंटर आर्क’ अक्टूबर से दिसंबर तक का सीक्रेट मिशन, 3 महीने में कैसे ट्रांसफॉर्म हो रहे लोग?

