Ajmer Bus Accident: राजस्थान के अजमेर जिले के किशनगढ़ में नेशनल हाईवे-48 पर गुरुवार रात एक भीषण सड़क हादसे में मां-बेटी समेत तीन लोगों की मौत हो गई। पाटन चौराहे के पास रात करीब 9 बजे पीछे से आ रही एक स्लीपर बस ने बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक सवारों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। पुलिस के अनुसार, हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान हरमाड़ा निवासी भागचंद (38), फलौदा निवासी लाडा देवी (45) और हंसा (18) के रूप में हुई है। तीनों बाइक पर जयपुर की ओर जा रहे थे। इसी दौरान पीछे से आई स्लीपर बस ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी।
थानाधिकारी बीएल जाट ने बताया कि हादसे में तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। स्थानीय लोगों के मुताबिक, बाइक को टक्कर मारने के बाद बस रुकी नहीं और उसे करीब 20 फीट तक घसीटती ले गई। इस दौरान बाइक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।
हादसा इतना भीषण कि क्षत-विक्षत हालत में मिले शव
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बस की टक्कर के बाद घटनास्थल पर भयावह स्थिति बन गई। बाइक चला रहे भागचंद का पैर कटकर अलग हो गया, जबकि दो शव बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गए। तीनों के शव हाईवे पर बिखरे मिले। हादसे के बाद आसपास के लोग मौके पर जुट गए। पुलिस की मदद से तीनों को किशनगढ़ के वाईएनएच हॉस्पिटल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शवों को अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवा दिया गया। दुर्घटनाग्रस्त बस को क्रेन की मदद से थाने ले जाया गया। घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में शोक और आक्रोश फैल गया। मौके पर जमा लोगों ने पाटन चौराहे पर सुरक्षा इंतजामों की कमी को लेकर विरोध जताया। स्थानीय लोगों का कहना था कि इस जगह पर लगातार हादसे हो रहे हैं, लेकिन उन्हें रोकने के लिए ठोस इंतजाम नहीं किए गए हैं।
पाटन चौराहे पर पुलिया बनाने की मांग, विधायक ने जताया विरोध
हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने पाटन चौराहे पर पुलिया बनाने या वहां मौजूद कट को पूरी तरह बंद करने की मांग उठाई। लोगों का कहना है कि हाईवे पर इस स्थान पर यातायात की आवाजाही के दौरान दुर्घटना का खतरा बना रहता है। उनका मानना है कि पुलिया बनने या कट बंद होने से ऐसे हादसों को रोकने में मदद मिल सकती है। शुक्रवार सुबह विधायक विकास चौधरी भी मॉर्च्युरी पहुंचे। उन्होंने मृतकों के परिजनों से मुलाकात की और उन्हें सांत्वना दी। इस दौरान उन्होंने पाटन इलाके में लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं पर नाराजगी जताई।
विधायक ने कहा कि पाटन चौराहे पर पुलिया बनाने की मांग कई बार उठाई जा चुकी है, लेकिन अब तक हादसों की रोकथाम के लिए कोई प्रयास नहीं किए गए। उन्होंने इस इलाके में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया। इस हादसे ने एक बार फिर हाईवे पर दुर्घटना संभावित स्थानों पर सुरक्षित यातायात व्यवस्था और समय रहते जरूरी निर्माण कार्य कराने की मांग को सामने ला दिया है। अब स्थानीय लोगों की मांग है कि पाटन चौराहे पर जल्द से जल्द ऐसा इंतजाम किया जाए, जिससे भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। कोटा में पिकअप की टक्कर से 6 महीने की गर्भवती महिला की मौत, 3 साल की बेटी घायल

