Ambala Fire Brigade: अंबाला में दशहरा और दिवाली के दौरान आगजनी की घटनाओं से निपटने के लिए फायर ब्रिगेड विभाग ने कमर कस ली है। त्योहारों पर बाजारों में बढ़ने वाली भीड़ और दुकानों के आसपास होने वाली गतिविधियों को देखते हुए कर्मचारियों की 12-12 घंटे की ड्यूटी लगाई गई है। आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां भी रद्द कर दी गई हैं। विभाग ने बाजारों में जागरूकता अभियान चलाने के साथ आग बुझाने के लिए जरूरी इंतजाम भी किए हैं।
अंबाला कैंट और सिटी में 28 गाड़ियां, 50 कर्मचारी तैनात
त्योहारों के दौरान आगजनी की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचने के लिए अंबाला कैंट और अंबाला सिटी के फायर स्टेशनों पर विशेष व्यवस्था की गई है। अंबाला कैंट फायर स्टेशन में 14 गाड़ियों के साथ 26 कर्मचारी तैनात हैं। वहीं, अंबाला सिटी में भी 14 गाड़ियां और 24 कर्मचारी ड्यूटी पर लगाए गए हैं।
विभाग का जोर इस बात पर है कि बाजारों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में आग लगने की स्थिति में राहत कार्य शुरू करने में देरी न हो। इसके लिए कर्मचारियों को ड्यूटी पर मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए हैं।
बाजारों में दुकानदारों को दी जा रही हिदायत
दशहरा और दिवाली से पहले फायर ब्रिगेड की ओर से बाजारों में दुकानदारों को आग से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। दुकानदारों को स्टॉल और दुकानें इस तरह लगाने के लिए कहा जा रहा है कि फायर ब्रिगेड की गाड़ियों के आने-जाने का रास्ता बंद न हो।
त्योहारों के दौरान बाजारों में भीड़ बढ़ने से संकरी सड़कों पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है। ऐसे में रास्तों पर अतिक्रमण होने से आग बुझाने वाली गाड़ियों को घटनास्थल तक पहुंचने में परेशानी आ सकती है। विभाग मंदिरों और अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों पर भी फायर ब्रिगेड की गाड़ियां तैनात करने पर विचार कर रहा है।
तंग गलियों में 600 मीटर तक पाइप बिछाकर बुझाएंगे आग
फायर अधिकारी पंकज पाराशर ने बताया कि बाजारों की तंग गलियों में जहां बड़ी गाड़ियों का पहुंचना मुश्किल होता है, वहां पाइप लाइन के जरिए आग बुझाने की व्यवस्था है। विभाग के पास पर्याप्त पाइप और आधुनिक उपकरण उपलब्ध हैं।
इस व्यवस्था में फायर ब्रिगेड की गाड़ी को किसी उपयुक्त स्थान पर खड़ा किया जा सकता है। इसके बाद करीब 600 मीटर तक पाइप बिछाकर आग बुझाने का काम किया जा सकता है। इससे उन इलाकों में भी राहत कार्य चलाने में मदद मिल सकती है, जहां सड़कें संकरी होने के कारण गाड़ियों को सीधे घटनास्थल तक ले जाना संभव नहीं होता।
नारायणगढ़ और बराड़ा में भी किए गए इंतजाम
अंबाला जिले के दूसरे फायर स्टेशनों पर भी त्योहारों को लेकर तैयारियां की गई हैं। नारायणगढ़ में छह गाड़ियों के साथ 25 कर्मचारी तैनात हैं। वहीं, बराड़ा में तीन गाड़ियों पर पांच से छह कर्मचारी काम कर रहे हैं।
विभाग के अनुसार, त्योहारों के दौरान आग लगने की सूचना मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। बाजारों में जागरूकता अभियान और कर्मचारियों की ड्यूटी व्यवस्था का मकसद आगजनी की घटनाओं में नुकसान कम करना और आपात स्थिति में समय पर सहायता पहुंचाना है।
दिवाली पर पटाखे चलाते समय बरतें सावधानी
फायर अधिकारी पंकज पाराशर ने लोगों से दिवाली पर पटाखे चलाते समय सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि पटाखे, रॉकेट या फुलझड़ी जलाते समय पास में पानी की बाल्टी और रेत जरूर रखें। घर में फायर एक्सटिंग्विशर उपलब्ध हो तो छोटी आग पर शुरुआती स्तर पर काबू पाने में मदद मिल सकती है।
उन्होंने लोगों को हवा में मार करने वाले पटाखों से बचने और त्योहार को सुरक्षित तरीके से मनाने की सलाह दी। पटाखे चलाते समय ज्वलनशील सामान से दूरी रखना और बच्चों पर निगरानी रखना भी जरूरी है। थोड़ी सी सावधानी आगजनी की घटना और उससे होने वाले नुकसान को रोकने में मदद कर सकती है।
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