Amit Shah Punjab visit: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मंगलवार को पंजाब के दौरे पर हैं। वह दिल्ली से अमृतसर एयरपोर्ट पहुंचेंगे। इसके बाद हेलिकॉप्टर से गुरदासपुर जाएंगे। यहां वह नशे का विरोध करने के कारण हत्या किए जाने के मामले में मृतक बिक्रमजीत सिंह के परिवार से मुलाकात करेंगे। गुरदासपुर के बाद अमित शाह संगरूर जिले के दिड़बा क्षेत्र स्थित तूर बंजारा गांव जाएंगे। यहां वह गुलजार सिंह के परिवार से मिलेंगे। गुलजार सिंह ने कथित तौर पर आम आदमी पार्टी के मंत्री हरपाल सिंह चीमा से सवाल पूछने के बाद परेशान किए जाने के आरोपों के बीच आत्महत्या कर ली थी। इस मामले को लेकर भी राजनीतिक विवाद रहा है।
इसके बाद गृह मंत्री मानसा पहुंचेंगे, जहां वह नशा विरोधी एक्टिविस्ट परविंदर सिंह उर्फ झोटा के परिवार से मुलाकात करेंगे। वह एक पार्क में झोटा के पिता, पत्नी और बेटों से मिलेंगे। परविंदर झोटा की 13 अक्टूबर को मानसा में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वह कथित तौर पर मेडिकल स्टोर पर नशीली दवाओं की बिक्री का विरोध करने पहुंचे थे। इस मामले में परिवार लगातार CBI जांच की मांग कर रहा था। अमित शाह के दौरे से पहले मुख्यमंत्री भगवंत मान ने झोटा हत्याकांड की जांच CBI को सौंपने की सिफारिश का ऐलान किया। परिवार ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि जब तक उसकी सभी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। मामले में जांच एजेंसी बदलने की घोषणा के बाद अब परिवार की प्रतिक्रिया और आगे की प्रक्रिया पर नजर रहेगी। इन तीनों मामलों को लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय पंजाब सरकार से रिपोर्ट मांग चुका है। अमित शाह की पीड़ित परिवारों से मुलाकात ऐसे समय हो रही है, जब राज्य में नशे के कारोबार, कानून-व्यवस्था और प्रशासन की जवाबदेही को लेकर राजनीतिक बहस तेज है।
लुधियाना के दरेसी ग्राउंड में रावण दहन करेंगे गृह मंत्री
पीड़ित परिवारों से मुलाकात के बाद अमित शाह शाम को लुधियाना पहुंचेंगे। यहां वह दरेसी ग्राउंड में शहर के सबसे बड़े दशहरा मेले में शामिल होंगे और रावण दहन करेंगे। उनके दौरे के दौरान राजनीतिक मुलाकातों के साथ दशहरा कार्यक्रम भी प्रमुख रहेगा। पंजाब में नशे के खिलाफ कार्रवाई और कानून-व्यवस्था को लेकर भाजपा तथा आम आदमी पार्टी के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। अमित शाह के दौरे से पहले मुख्यमंत्री भगवंत मान ने परविंदर झोटा हत्याकांड की CBI जांच की सिफारिश का ऐलान किया। भाजपा नेता रवनीत सिंह बिट्टू ने इस समय को लेकर सवाल उठाए थे। वहीं, पंजाब सरकार के मंत्रियों ने कहा है कि केंद्र को भी सीमा पार से आने वाले नशे और हथियारों की रोकथाम के संबंध में अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
हरपाल चीमा बोले- पंजाब में केमिकल नशे की फैक्ट्री नहीं
अमित शाह के पंजाब दौरे से पहले वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर नशे के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरा। चीमा ने दावा किया कि पंजाब में इस्तेमाल हो रहे केमिकल नशे में कुछ प्रतिबंधित दवाइयों का दुरुपयोग किया जा रहा है। उनके मुताबिक, ये दवाइयां डॉक्टर की सिफारिश पर मिल सकती हैं, लेकिन बिना अनुमति बिक्री होने पर इनका इस्तेमाल नशे के रूप में किया जाता है। चीमा ने कहा कि इन दवाइयों की कोई फैक्ट्री पंजाब में नहीं है और इनका उत्पादन उन राज्यों में होता है, जहां भाजपा या कांग्रेस की सरकारें हैं। यह दावा पंजाब सरकार के मंत्री ने किया है। संबंधित राज्यों में उत्पादन और दवाइयों की आपूर्ति के बारे में स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं दी गई है।
चीमा ने कहा कि पंजाब सरकार चाहती है कि इन दवाइयों को नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट के दायरे में शामिल किया जाए। उन्होंने दावा किया कि इस मांग को लेकर केंद्र सरकार को पत्र लिखे गए, लेकिन जवाब नहीं मिला। उन्होंने 31 अक्टूबर 2025 के पत्र का जिक्र किया और कहा कि इस विषय पर स्वास्थ्य मंत्री को भी पत्र लिखा गया है। हालांकि, उनके बयान में दूसरे पत्र की तारीख स्पष्ट नहीं थी। वित्त मंत्री ने मिथाइल अल्कोहल को लेकर भी केंद्र सरकार को पत्र लिखने की बात कही। उनके अनुसार, केंद्र ने 1952 और 1934 के कानूनों के तहत कार्रवाई करने की बात कही थी। चीमा ने इन कानूनों की प्रासंगिकता पर सवाल उठाते हुए कहा कि नशे के खिलाफ कार्रवाई के लिए मौजूदा परिस्थितियों के अनुरूप कदम उठाने की जरूरत है।
BSF का अधिकार क्षेत्र बढ़ने के बाद भी नशा नहीं रुका: चीमा
हरपाल सिंह चीमा ने सीमा पार से नशीले पदार्थों और हथियारों की तस्करी रोकने में केंद्र सरकार की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि केंद्र ने सीमा सुरक्षा बल (BSF) का अधिकार क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय सीमा से 50 किलोमीटर तक बढ़ाया था। उस समय तर्क दिया गया था कि इससे नशे की तस्करी पर रोक लगाने में मदद मिलेगी, लेकिन उनके अनुसार समस्या बनी हुई है। चीमा ने दावा किया कि पंजाब सरकार नशे के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है और इस संबंध में 80 हजार गिरफ्तारियां की गई हैं। उन्होंने भाजपा पर पीड़ित परिवारों के मामलों को लेकर राजनीति करने का आरोप भी लगाया। चीमा ने कहा कि राज्य सरकार परविंदर झोटा के परिवार के साथ खड़ी है और मामले को CBI को सौंपने का फैसला लिया गया है।
जब उनसे पूछा गया कि पंजाब सरकार पहले CBI की कार्रवाई का विरोध कर चुकी है और इस मुद्दे पर अदालत तक गई थी, तो चीमा ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने CBI पर प्रतिबंध लगाया था। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार ने पूरे मामले की समीक्षा के बाद यह प्रशासनिक फैसला लिया है। पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष राजा वड़िंग के अफीम के इस्तेमाल का समर्थन करने वाले बयान पर भी चीमा से सवाल किया गया। इस पर उन्होंने पूछा कि क्या कांग्रेस पंजाब को नशे का गढ़ बनाना चाहती है। चीमा के बयान के साथ नशे की समस्या पर राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी और विपक्ष के बीच राजनीतिक मतभेद भी सामने आए।
अमन अरोड़ा ने अमित शाह से पूछे चार सवाल
पंजाब के मंत्री अमन अरोड़ा ने भी चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अमित शाह के दौरे से पहले केंद्र सरकार से चार सवाल पूछे। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री का स्वागत है, लेकिन केंद्र सरकार भी जनता के प्रति जवाबदेह है। अरोड़ा के मुताबिक, पंजाब सरकार अपने फैसलों और कार्रवाई पर सवालों का जवाब देने के लिए तैयार है और केंद्र से भी जवाबदेही की उम्मीद है। अरोड़ा ने पहला सवाल पंजाब की 543 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा और सीमा से 50 किलोमीटर तक BSF के अधिकार क्षेत्र को लेकर उठाया। उन्होंने पूछा कि इस व्यवस्था के बावजूद पाकिस्तान से नशे और हथियारों की तस्करी क्यों नहीं रुक रही। उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब सरकार ने अपनी ओर से एंटी-ड्रोन सिस्टम स्थापित किया है।
दूसरे सवाल में अरोड़ा ने गुजरात के मुंद्रा पोर्ट का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि वहां से हेरोइन की बड़ी खेप पकड़े जाने के मामले सामने आए हैं और पूछा कि केंद्र सरकार ने इस संबंध में क्या कार्रवाई की। उन्होंने दावा किया कि नशीले पदार्थों की आपूर्ति पंजाब सहित देश के दूसरे हिस्सों तक होती है। ये आरोप मंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में लगाए; संबंधित मामलों में कार्रवाई की पूरी जानकारी इस बयान में नहीं दी गई। तीसरे सवाल में अरोड़ा ने पंजाब में 2007 से 2017 के बीच नशे और गैंगस्टर गतिविधियों को लेकर अकाली दल और भाजपा की तत्कालीन सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने पूछा कि उस दौर में चिट्टे और गैंगस्टर जैसे मुद्दे चर्चा में थे, तो अब भाजपा पंजाब में नशे के सवाल पर सवाल क्यों उठा रही है।
चौथे सवाल में उन्होंने दूसरे राज्यों में कानून-व्यवस्था और गैंगस्टर नेटवर्क का मुद्दा उठाया। अरोड़ा ने मुंबई में अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर गोलीबारी के मामले का जिक्र करते हुए कहा कि पकड़े गए शूटर हरियाणा के सोनीपत से और उनका हैंडलर पानीपत से संबंधित बताया गया है। उन्होंने सवाल किया कि हरियाणा में गैंगस्टर गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए क्या कार्रवाई हो रही है। ये बातें अरोड़ा ने अपने राजनीतिक बयान में कहीं; इनका स्वतंत्र सत्यापन इस खबर में उपलब्ध जानकारी के आधार पर नहीं किया गया है। अमन अरोड़ा के इन सवालों के जरिए पंजाब सरकार ने नशे और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर केंद्र की भूमिका को बहस के केंद्र में रखा है। वहीं, अमित शाह के दौरे का मुख्य कार्यक्रम तीन परिवारों से मुलाकात और लुधियाना में दशहरा समारोह में शामिल होना है। परविंदर झोटा हत्याकांड की CBI जांच होगी: अमित शाह के दौरे से पहले CM मान का ऐलान

