Amritsar Dussehra 2026: अमृतसर में दशहरा पर्व धूमधाम से मनाने के लिए तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक इस त्योहार को लेकर शहर में उत्साह है। मंगलवार शाम को शहर के छह प्रमुख स्थानों पर रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों का दहन किया जाएगा। आयोजनों का समय शाम 6 बजे रखा गया है। इसके अलावा दो स्थानों पर छोटे पुतले जलाए जाएंगे। अलग-अलग मोहल्लों में भी लोग अपने स्तर पर रावण दहन कर दशहरा मनाएंगे। इस बार दुर्ग्याणा दशहरा ग्राउंड में 100 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया जाएगा। ऊंचाई के कारण यह पुतला समारोह में पहुंचने वाले लोगों के लिए खास आकर्षण रहेगा। दशहरे पर यहां बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की संभावना है। आयोजन स्थल पर लोग परिवार के साथ पहुंचकर रावण दहन देखेंगे और त्योहार मनाएंगे।
शहर में दुर्ग्याणा दशहरा ग्राउंड के अलावा माता भद्रकाली ग्राउंड, पंचरत्न श्रीकृष्ण मंदिर, छेहर्टा दशहरा ग्राउंड, मजीठा रोड और फतेहगढ़ चूड़ियां रोड पर भी प्रमुख आयोजन होंगे। इन स्थानों पर रावण दहन की तैयारियां की गई हैं। आयोजन स्थलों के आसपास शाम के समय लोगों की आवाजाही बढ़ने की उम्मीद है। हालांकि, आयोजनों को लेकर जारी जानकारी में छह प्रमुख स्थानों पर रावण दहन का उल्लेख है, जबकि नाम पांच स्थानों के ही दिए गए हैं। छठे स्थान की पुष्टि संबंधित आयोजकों से की जानी बाकी है।
बाजारों में दशहरे की रौनक
दशहरा पर्व को लेकर अमृतसर के बाजारों में भी रौनक दिखाई दे रही है। सोमवार को लोहगढ़ गेट इलाके में लोग रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के छोटे-बड़े पुतले खरीदकर ले जाते नजर आए। बाजारों में त्योहार से जुड़ी खरीदारी के बीच लोगों में उत्साह दिखा। शहर के बड़े आयोजनों के साथ मोहल्लों में भी दशहरा मनाने की तैयारियां चल रही हैं। शहर के छह प्रमुख स्थानों पर होने वाले रावण दहन के अलावा दो जगह छोटे पुतले जलाए जाएंगे। कई मोहल्लों में स्थानीय लोग अपने स्तर पर आयोजन करेंगे। इस तरह शहर के अलग-अलग हिस्सों में दशहरे का माहौल रहेगा। शाम के समय प्रमुख मैदानों में भीड़ बढ़ने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। दशहरा केवल पुतलों के दहन तक सीमित नहीं रहेगा। शहर में विभिन्न रामलीला आयोजकों की ओर से भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण, रावण और मेघनाद की झांकियां भी निकाली जाएंगी। ये झांकियां शहर के मुख्य मार्गों से गुजरते हुए दशहरा मैदानों तक पहुंचेंगी। इससे त्योहार के दौरान प्रमुख सड़कों पर लोगों की आवाजाही बढ़ सकती है।
रामलीला की झांकियां निकलेंगी
दशहरे के अवसर पर अमृतसर के विभिन्न इलाकों में रामलीला से जुड़ी झांकियां लोगों के आकर्षण का केंद्र रहेंगी। भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण के साथ रावण और मेघनाद की झांकियां शहर के मुख्य रास्तों से होकर आयोजन स्थलों तक जाएंगी। इन झांकियों के जरिए रामायण के प्रसंगों को प्रस्तुत किया जाएगा। आयोजनों में शामिल होने के लिए लोगों के पहुंचने की संभावना है।
ऐतिहासिक दुर्ग्याणा तीर्थ स्थित बड़ा श्री हनुमान मंदिर परिसर में दशहरे के दौरान विशेष परंपरा निभाई जाएगी। शारदीय नवरात्र के दौरान लंगूर बने छोटे-बड़े बच्चे बजरंगी सेना के साथ अपनी गदाओं से रावण के पुतले पर प्रहार करेंगे। यह आयोजन धार्मिक आस्था और बुराई के अंत के संदेश से जुड़ा है। दुर्ग्याणा तीर्थ में निभाई जाने वाली इस परंपरा के दौरान बच्चों और उनके परिवारों की भागीदारी रहती है। रावण दहन के साथ यह आयोजन दशहरे के धार्मिक और सांस्कृतिक पक्ष को भी सामने लाता है। शहर के अन्य हिस्सों में भी रामलीला की झांकियों और स्थानीय कार्यक्रमों के जरिए त्योहार मनाया जाएगा।
भीड़ को देखते हुए पुलिस अलर्ट
दशहरा समारोहों में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए अमृतसर पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। प्रमुख दशहरा मैदानों के आसपास सुरक्षा और यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रबंध किए गए हैं। इसका उद्देश्य समारोहों के दौरान भीड़ को व्यवस्थित रखना और लोगों को शांतिपूर्वक त्योहार मनाने का अवसर देना है। रामलीला की झांकियां शहर के मुख्य मार्गों से होकर दशहरा मैदानों तक पहुंचेंगी। ऐसे में इन मार्गों पर लोगों की आवाजाही बढ़ सकती है। पुलिस और संबंधित आयोजनों की ओर से व्यवस्था बनाए रखने पर ध्यान दिया जा रहा है, ताकि मैदानों तक पहुंचने और वहां से लौटने वाले लोगों को परेशानी कम हो।
दशहरा कमेटियों ने लोगों से अपील की है कि वे अपने बच्चों का विशेष ध्यान रखें। भीड़भाड़ वाले स्थानों पर बच्चों को अपने साथ रखें और उन्हें अकेला न छोड़ें। पुतलों के दहन के दौरान भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था का ध्यान रखना जरूरी है। आयोजकों ने लोगों से सहयोग करने की अपील की है, ताकि समारोह शांतिपूर्वक संपन्न हो सकें। शाम 6 बजे होने वाले रावण दहन के साथ अमृतसर में दशहरा पर्व का मुख्य आयोजन होगा। दुर्ग्याणा ग्राउंड में 100 फीट ऊंचे रावण का पुतला, शहर के अलग-अलग हिस्सों में होने वाले कार्यक्रम, रामलीला की झांकियां और दुर्ग्याणा तीर्थ की विशेष परंपरा इस त्योहार की प्रमुख गतिविधियां रहेंगी।
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