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Ashoka University Missing Student: अशोका यूनिवर्सिटी छात्रा लापता मामला: रजिस्ट्रार पर बरसीं रेनू भाटिया, पूछा- मुंह सिलवा लिया है क्या?

AAmandeep Singh
अशोका यूनिवर्सिटी छात्रा लापता मामला: रजिस्ट्रार पर बरसीं रेनू भाटिया, पूछा- मुंह सिलवा लिया है क्या?
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पंचकूला। सोनीपत स्थित अशोका यूनिवर्सिटी की एक छात्रा के लापता होने का मामला अब एक बेहद पेचीदा और गंभीर मोड़ ले चुका है। सोमवार को पंचकूला में हरियाणा राज्य महिला आयोग की जनसुनवाई के दौरान उस वक्त हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला, जब आयोग की अध्यक्ष रेनू भाटिया ने विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार सुनील शर्मा को आड़े हाथों लिया। दरअसल, सुनवाई के दौरान जब छात्रा के परिजनों ने रजिस्ट्रार पर गंभीर आरोप लगाए, तो सुनील शर्मा ने चुप्पी साध ली। उनकी इस खामोशी से बिफरीं रेनू भाटिया ने सख्त लहजे में पूछा, “क्या आपने अपने मुंह की सिलाई करवा दी है जो कुछ बोल नहीं रहे?”

भाटिया की इस फटकार के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। हालांकि, बाद में मीडिया के कैमरों के सामने रजिस्ट्रार ने अपनी सफाई में सिर्फ इतना कहा कि उन्होंने कुछ गलत नहीं किया है और वे अपनी जगह सही हैं।

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पहचान बदलने का सनसनीखेज दावा: क्या यह ‘लव जिहाद’ या साजिश?

छात्रा के माता-पिता ने आयोग के सामने जो दास्तां सुनाई, उसने सभी को चौंका दिया। परिजनों के अनुसार, उनकी बेटी ने साल 2019 में इस यूनिवर्सिटी में दाखिला लिया था, लेकिन 24 अक्टूबर 2023 को वह संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हो गई। परिवार का सबसे चौंकाने वाला आरोप यह है कि उनकी जानकारी के बिना बेटी का नाम बदलकर मुस्लिम समुदाय से संबंधित ‘सोयजा’ रख दिया गया। इतना ही नहीं, उसके शैक्षणिक प्रमाण पत्र (डिग्रियां और सर्टिफिकेट) भी इसी नए नाम से तैयार कर लिए गए। परिजनों ने अंदेशा जताया है कि कोर्ट में भी उसे इसी बदली हुई पहचान के साथ पेश करने की साजिश रची गई है।

आखिरी लोकेशन और कॉल डिटेल ने उलझाया मामला

जांच में यह बात सामने आई है कि छात्रा की आखिरी मोबाइल लोकेशन विश्वविद्यालय की ही एक महिला कर्मचारी के पास मिली थी। परिजनों का कहना है कि वे बार-बार विश्वविद्यालय प्रबंधन से इस कर्मचारी और अपनी बेटी के बारे में पूछ रहे हैं, लेकिन उन्हें कोई ठोस जवाब देने के बजाय टरकाया जा रहा है। रजिस्ट्रार की आयोग के सामने असहयोगात्मक भूमिका ने इन संदेहों को और गहरा कर दिया है।

“लापरवाही बर्दाश्त नहीं”: पुलिस और प्रशासन को अल्टीमेटम

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए रेनू भाटिया ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी उंगली उठाई है। उन्होंने कहा कि एक प्रतिष्ठित संस्थान से छात्रा का इस तरह गायब होना और उसकी पहचान बदल देना कोई सामान्य घटना नहीं है। आयोग ने पुलिस को निर्देश दिए हैं कि कॉल डिटेल्स और विश्वविद्यालय के रिकॉर्ड्स की गहनता से जांच की जाए और छात्रा को जल्द से जल्द बरामद किया जाए। फिलहाल, अशोका यूनिवर्सिटी जैसे बड़े संस्थान का नाम इस विवाद में आने से पूरे प्रदेश में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है, जबकि एक परिवार अपनी बेटी की सलामती की दुआ मांग रहा है।

आधिकारिक रिकॉर्ड 

आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, देवेशी शर्मा नामक एक छात्रा ने अगस्त 2019 से मई 2023 तक अशोका विश्वविद्यालय में स्नातक की पढ़ाई की थी। अक्टूबर 2023 में वह स्वतंत्र रूप से रहने के लिए अपना घर छोड़कर चली गई। उसने दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दायर की और न्यायालय ने उसे अपनी पसंद के स्थान पर स्वतंत्र रूप से रहने की अनुमति दे दी थी। देवेशी मई 2023 से अशोका युनिवर्सिटी की छात्रा नहीं है और हमें उसके वर्तमान ठिकाने के बारे में कोई जानकारी नहीं है। इस मामले का युनिवर्सिटी, उसके संकाय और किसी भी सदस्य से कोई संबंध नहीं है।  – अशोका विश्वविद्यालय

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