Asian Beach Games : एशियन बीच गेम्स में हरियाणा का दबदबा: महिला कबड्डी टीम ने जीता गोल्ड, पुरुषों को मिला सिल्वर

AAmandeep Singh
एशियन बीच गेम्स में हरियाणा का दबदबा: महिला कबड्डी टीम ने जीता गोल्ड, पुरुषों को मिला सिल्वर
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हरियाणा। चीन के सान्या शहर में चल रहे छठे एशियन बीच गेम्स में भारतीय कबड्डी खिलाड़ियों ने तिरंगे की शान बढ़ाई है। विशेष रूप से हरियाणा के लाल और लाडलियों ने समंदर किनारे रेतीले मैदान पर अपनी ताकत का ऐसा प्रदर्शन किया कि दुनिया देखती रह गई। भारतीय महिला कबड्डी टीम ने खिताबी मुकाबले में श्रीलंका को 47-31 के बड़े अंतर से पटखनी देकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। वहीं, पुरुष टीम ने भी कड़ा संघर्ष करते हुए रजत पदक (सिल्वर मेडल) जीतकर देश का मान बढ़ाया। पुरुष वर्ग के फाइनल में भारत को ईरान के हाथों 44-31 से हार का सामना करना पड़ा, लेकिन पूरे टूर्नामेंट में टीम का प्रदर्शन काबिले तारीफ रहा।

हरियाणा की बेटियों ने रचा इतिहास

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इस जीत की सबसे बड़ी चमक हरियाणा के ग्रामीण आंचल से आई है। महिला टीम की कप्तानी से लेकर जीत की रणनीति तक में हरियाणा की बेटियों का दबदबा रहा। चरखी दादरी के गांव काकड़ोली हट्टी की बेटी और गांव बिलावल की बहू ऋतु श्योराण ने न केवल टीम की कमान संभाली, बल्कि मैदान पर अपना सर्वश्रेष्ठ खेल दिखाया। उनके साथ हिसार के भिवानी रोहिल्ला गांव की मनीषा कुमारी और हसनगढ़ की नितिका ने रेडिंग और डिफेंस में श्रीलंका की टीम को टिकने नहीं दिया। पुरुष वर्ग में सोनीपत के कथूरा गांव के नीरज नरवाल ने रेडिंग में अपना दमखम दिखाकर टीम को फाइनल तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।

कोचिंग और नेतृत्व का दिखा असर

खिलाड़ियों की इस सफलता के पीछे कोच राकेश कुमार और नसीब जांघू का मार्गदर्शन भी बेहद अहम रहा। टीम के सामंजस्य और रणनीति ने विदेशी टीमों को चकित कर दिया। हरियाणा के विकास एवं पंचायत मंत्री और हरियाणा एमेच्योर कबड्डी एसोसिएशन के अध्यक्ष कृष्ण लाल पंवार ने इस जीत पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि हरियाणा के खिलाड़ी आज वैश्विक पटल पर प्रदेश की एक नई पहचान गढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह जीत इन खिलाड़ियों के वर्षों के कठिन परिश्रम, अटूट आत्मविश्वास और खेल के प्रति उनके समर्पण का सुखद परिणाम है।

खेल नीति का धरातल पर प्रभाव

जानकारों का मानना है कि हरियाणा की खेल संस्कृति और खिलाड़ियों को मिलने वाले प्रोत्साहन ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने की राह आसान की है। बीच गेम्स जैसे आयोजनों में, जहाँ परिस्थितियां सामान्य कबड्डी से अलग और चुनौतीपूर्ण होती हैं, वहां भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा यह साबित करता है कि वे हर फॉर्मेट के लिए तैयार हैं। सरकार की ओर से अब इन विजेता खिलाड़ियों का स्वदेश लौटने पर भव्य स्वागत करने और उन्हें सम्मानित करने की तैयारी की जा रही है।

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