Asian Games 2026: अनंतजीत-परिनाज ने स्कीट मिश्रित टीम में ऐतिहासिक कांस्य जीतकर रचा इतिहास
अनंतजीत-परिनाज ने स्कीट मिश्रित टीम में जीता ऐतिहासिक कांस्य
Asian Games 2026: एशियाई खेलों 2026 में भारतीय निशानेबाजों का शानदार प्रदर्शन जारी है। अनंतजीत सिंह नरूका और परिनाज धालीवाल ने गुरुवार को स्कीट मिश्रित टीम स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रच दिया। भारतीय जोड़ी ने फाइनल में 44 हिट दर्ज किए और तीसरे स्थान पर रहते हुए पोडियम हासिल किया। यह एशियाई खेलों की स्कीट मिश्रित टीम स्पर्धा में भारत का पहला पदक है। भारत के लिए यह पदक इसलिए भी खास रहा क्योंकि अनंतजीत और परिनाज क्वालीफिकेशन में चौथे स्थान पर रहकर फाइनल में पहुंचे थे। दोनों ने क्वालीफिकेशन में कुल 138 अंक हासिल किए। फाइनल में पहुंचने वाली चार टीमों में भारत सबसे निचले स्थान पर था, लेकिन निर्णायक मुकाबले में भारतीय जोड़ी ने दबाव के बीच लगातार बेहतर प्रदर्शन किया। चीन ने स्वर्ण पदक जीता, जबकि दक्षिण कोरिया ने रजत अपने नाम किया। भारत के खाते में कांस्य आया। अलग-अलग रिपोर्टों में फाइनल के स्कोरिंग प्रारूप और अंतिम सीरीज के विवरण में अंतर दिखता है, लेकिन सभी प्रमुख रिपोर्टें भारत के 44 हिट के साथ कांस्य जीतने की पुष्टि करती हैं।
क्वालीफिकेशन में चौथे स्थान से फाइनल तक पहुंची भारतीय जोड़ी
अनंतजीत और परिनाज ने क्वालीफिकेशन में कुल 138 का स्कोर किया और चार टीमों के फाइनल में चौथे स्थान के साथ जगह बनाई। दोनों के लिए यह आसान शुरुआत नहीं थी, लेकिन फाइनल में पहुंचने के बाद उन्होंने क्वालीफिकेशन के प्रदर्शन को पीछे छोड़ते हुए नए सिरे से मुकाबला शुरू किया। फाइनल में शुरुआत से ही मुकाबला कड़ा रहा। भारत शुरुआती सीरीज में चीन और दक्षिण कोरिया के साथ पदक की दौड़ में बना रहा। तेज हवा ने भी निशानेबाजों के सामने चुनौती बढ़ाई। इसके बावजूद भारतीय जोड़ी ने दबाव में अपने प्रदर्शन को संभाले रखा। आखिरी चरण तक भारत पदक की दौड़ में बना रहा। भारतीय जोड़ी ने कुल 44 हिट के साथ कांस्य पदक सुनिश्चित किया। चीन ने स्वर्ण और दक्षिण कोरिया ने रजत पदक अपने नाम किया।
अनंतजीत और परिनाज की जीत ने भारतीय स्कीट टीम के लिए इन एशियाई खेलों को खास बना दिया है। इससे पहले पुरुष टीम स्कीट में अनंतजीत सिंह नरूका, भवतेग सिंह गिल और मिराज अहमद खान ने कांस्य पदक जीता था। इसके बाद महिला टीम स्कीट में परिनाज धालीवाल, राइजा ढिल्लों और महेश्वरी चौहान की भारतीय तिकड़ी ने भी कांस्य पदक अपने नाम किया। अब मिश्रित टीम में अनंतजीत और परिनाज की जोड़ी ने कांस्य जीत लिया। इस तरह भारत ने स्कीट की पुरुष टीम, महिला टीम और मिश्रित टीम—तीनों टीम स्पर्धाओं में पदक जीतने की उपलब्धि हासिल की। भारतीय निशानेबाजी के लिए यह प्रदर्शन इसलिए भी अहम है क्योंकि इन तीनों पदकों के जरिए स्कीट में भारत की निरंतरता सामने आई है।
परिनाज का दूसरा कांस्य, अनंतजीत के लिए भी दो पदक
24 वर्षीय परिनाज धालीवाल के लिए यह एशियाई खेलों में दूसरा कांस्य पदक है। इससे पहले उन्होंने महिला टीम स्कीट स्पर्धा में भी कांस्य जीता था। पटियाला की परिनाज ने अपने खेल करियर को आगे बढ़ाने के लिए स्कीट निशानेबाजी पर पूरा ध्यान केंद्रित किया। मिश्रित टीम पदक के बाद परिनाज ने अनंतजीत के साथ तालमेल को सफलता की बड़ी वजह बताया। उन्होंने कहा कि दोनों का लक्ष्य मुकाबले में एक-दूसरे को लगातार बनाए रखना था। मिश्रित टीम स्पर्धा में दोनों निशानेबाजों के बीच तालमेल का खास महत्व होता है। अनंतजीत सिंह नरूका के लिए भी यह पदक खास है। जयपुर के 28 वर्षीय निशानेबाज इससे पहले विश्व कप फाइनल में कांस्य पदक जीत चुके हैं। पेरिस ओलंपिक 2024 में उन्होंने महेश्वरी चौहान के साथ स्कीट मिश्रित टीम स्पर्धा में चौथा स्थान हासिल किया था और पदक से एक स्थान दूर रह गए थे। मिश्रित टीम में एशियाई खेलों का कांस्य जीतने के बाद अनंतजीत ने इस उपलब्धि को अपने लिए बेहद खास बताया। उन्होंने कहा कि ओलंपिक में चौथे स्थान पर रहना पदक जीतने जैसा नहीं होता, जबकि पोडियम पर खड़े होना अलग अनुभव है।
भारत की शूटिंग टीम के खाते में आठ पदक
इस कांस्य के साथ एशियाई खेलों 2026 में भारतीय निशानेबाजी दल के पदकों की संख्या आठ हो गई है। इनमें चार रजत और चार कांस्य पदक शामिल हैं। अनंतजीत और परिनाज की जीत ने भारत की स्कीट स्पर्धा के पदकों की संख्या भी बढ़ा दी। हालांकि, इसी दिन पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल टीम स्पर्धा में भारत पदक से चूक गया। भारतीय टीम चौथे स्थान पर रही। इसके बाद स्कीट मिश्रित टीम में मिले कांस्य ने निशानेबाजी दल को एक और पोडियम फिनिश दिलाई। भारतीय जोड़ी के लिए यह जीत इसलिए भी महत्वपूर्ण रही क्योंकि उन्होंने क्वालीफिकेशन में चौथे स्थान से शुरुआत की थी और फाइनल में दबाव के बीच पदक हासिल किया। स्कीट में दो दिनों के भीतर तीन टीम पदक जीतना भारतीय निशानेबाजी के लिए एशियाई खेलों के इस चरण की बड़ी उपलब्धियों में शामिल हो गया है।
