Breaking News
Magha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं कियाMagha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं किया

बोलने की आज़ादी पर हमला बर्दाश्त नहीं, पत्रकारों और आरटीआई एक्टिविस्ट के विरोध दर्ज पर्चे ख़ारिज हों: संगठन

VVinita Kohli
बोलने की आज़ादी पर हमला बर्दाश्त नहीं, पत्रकारों और आरटीआई एक्टिविस्ट के विरोध दर्ज पर्चे ख़ारिज हों: संगठन
शेयर करें
AI Quick Summary

Want to save time? Let our AI read the article and give you 3 quick bullet points.

Listen to this article
AUDIO VERSION

कोटकपूरा: बीते दिनों आरटीआई एक्टिविस्ट और पत्रकारों पर दर्ज हुए केस के विरोध में आज यहां अलग-अलग इंसाफ़ पसंद संगठनों और पत्रकार यूनियनों ने ज़ोरदार विरोध प्रदर्शन किया। ‘पंजाब चंडीगढ़ जर्नलिस्ट यूनियन’ यूनिट कोटकपूरा के प्रेसिडेंट हरप्रीत सिंह चाना और जनरल सेक्रेटरी मोहर सिंह गिल की लीडरशिप में इकट्ठा हुए नेताओं ने सरकार की इस कार्रवाई को डेमोक्रेसी के चौथे पिलर पर हमला बताया। इस अवसर पर प्रेस काउंसिल ऑफ़ इंडिया के नाम नायब तहसीलदार को मांगपत्र सौंपा गया।

विज्ञापन

सरकार का दोहरा चेहरा उजागर

मंच का संचालन करते हुए अवतार सिंह सहोता, प्रेम चावला और गुरिंदर सिंह मेहंदीरत्ता ने कहा कि विचारों को कहने की आज़ादी को बनाए रखने के लिए कड़ा संघर्ष किया जाएगा। किसान संगठनों और दूसरे संगठनों के नेताओं ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान ने हमेशा आरटीआई और सवाल पूछने की वकालत की, लेकिन आज सवाल पूछने वालों पर झूठे केस दर्ज करके सरकार का असली चेहरा सामने आ गया है।

लोकतंत्र के लिए खतरे की घंटी

किसान नेता गुरमेल सिंह धालीवाल, जसप्रीत सिंह जस्सा कोहरवाला और दूसरे लोगों ने संबोधित करते हुए कहा कि देश के हर नागरिक को अपनी  आदिबात कहने की आज़ादी है। अगर अघोषित इमरजेंसी लगाकर पत्रकारों की आवाज़ दबाने की कोशिश की जा रही है, तो यह देश के भविष्य के लिए अच्छा संकेत नहीं है। उन्होंने मांग की कि 10 पत्रकारों, आरटीआई एक्टिविस्ट और सामाजिक कार्यकर्ताओं पर दर्ज केस तुरंत रद्द किया जाए।

इन संगठनों ने हिस्सा लिया

पंजाब स्टूडेंट यूनियन, टीसू, पंजाब पेंशनर्स यूनियन, भारतीय किसान यूनियन लखोवाल, फतेह पंजाब, कीर्ति किसान यूनियन, बिकू डकौंदा (धनेर), अकाली दल, कांग्रेस और पीबीजी वेलफेयर क्लब समेत कई राजनीतिक और गैर-राजनीतिक संगठनों ने बड़ी संख्या में विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया।

विज्ञापन

पंजाब की और ख़बरें

ताज़ा ख़बरें सीधे अपने ईमेल पर

जगमार्ग न्यूज़ की बड़ी ख़बरें रोज़ अपने इनबॉक्स में पाएं। मुफ़्त, कभी भी अनसब्सक्राइब करें।