बहादुरगढ़। हरियाणा के झज्जर जिले के बहादुरगढ़ से रविवार सुबह एक बेहद दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। यहां के हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (HSIIDC) सेक्टर-17 स्थित दो बड़ी फैक्ट्रियों में अचानक भीषण आग लग गई। जिन फैक्ट्रियों में यह हादसा हुआ, वहां जूते और गद्दे बनाने का काम होता है। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि संडे की सुबह पूरे औद्योगिक क्षेत्र में हड़कंप मच गया। इस अग्निकांड की जद में आने से वहां नाइट शिफ्ट खत्म कर काम कर रहे दो मजदूर जिंदा झुलस गए, जिनकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।
पहले सिविल अस्पताल ले गए, फिर रोहतक पीजीआई रेफर
हादसे में झुलसे दोनों मजदूरों की पहचान उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर के रहने वाले मोनू और कानपुर के निवासी दीपक के रूप में हुई है। ये दोनों श्रमिक सेक्टर-17 के प्लॉट नंबर 261 स्थित जूता फैक्ट्री में मजदूरी करते थे। आग लगते ही वहां अफरातफरी मच गई और जब तक दोनों बाहर निकल पाते, लपटों ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। मौके पर मौजूद अन्य लोगों और पुलिस की मदद से दोनों को तुरंत बहादुरगढ़ के नागरिक अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद तुरंत पीजीआई रोहतक (PGIMS) रेफर कर दिया।
जूता फैक्ट्री की लपटों ने गद्दा फैक्ट्री को भी निगला
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, रविवार सुबह सबसे पहले प्लॉट नंबर 261 स्थित जूता निर्माण इकाई के भीतर चिंगारी उठी थी। जब तक कोई कुछ समझ पाता, फैक्ट्री के भीतर रखे रबर, सोल और एडहेसिव (गोंद) के कारण लपटें बेकाबू हो गईं। देखते ही देखते इस आग ने बराबर में स्थित प्लॉट नंबर 262 की इमारत को भी अपनी चपेट में ले लिया। 262 नंबर प्लॉट में ‘शांति इंटरप्राइजेज’ नाम से गद्दे बनाने की फैक्ट्री चलती है, जहां बड़े पैमाने पर फोम और केमिकल का स्टॉक रखा हुआ था।
केमिकल के ड्रम फटने से फैला धुएं का गुबार
गद्दा फैक्ट्री में इस्तेमाल होने वाले ज्वलनशील केमिकल तक जैसे ही आग पहुंची, वहां सिलसिलेवार धमाके शुरू हो गए। केमिकल ने आग में घी का काम किया, जिसके बाद आसमान में कई किलोमीटर दूर तक काले धुएं का गुबार छा गया। जहरीले धुएं के कारण दमकल कर्मियों को शुरुआत में फैक्ट्री के नजदीक जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
अंतरराज्यीय स्तर पर जुटाया गया दमकल का अमला
घटना की जानकारी मिलते ही बहादुरगढ़ फायर स्टेशन की गाड़ियां तुरंत मौके पर रवाना की गईं, लेकिन आग का तांडव देख उनके हाथ-पांव फूल गए। स्थिति बिगड़ती देख झज्जर जिला मुख्यालय, रोहतक और पड़ोसी राज्य दिल्ली से भी फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को आपातकालीन संदेश भेजकर बुलाया गया। खबर लिखे जाने तक फैक्ट्रियों को चारों तरफ से घेरकर आग बुझाने का रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि आग लगने के सही कारणों का पता पूरी तरह कूलिंग होने और पुलिस की फॉरेंसिक जांच के बाद ही साफ हो पाएगा।

