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Bahadurgarh Sewer Gas Leak: बहादुरगढ़ के अग्रसेन अस्पताल में बड़ा हादसा, सीवर सफाई के दौरान जहरीली गैस से 4 कर्मचारी बेहोश

AAmandeep Singh
Bahadurgarh Sewer Gas Leak: बहादुरगढ़ के अग्रसेन अस्पताल में बड़ा हादसा, सीवर सफाई के दौरान जहरीली गैस से 4 कर्मचारी बेहोश
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बहादुरगढ़। बहादुरगढ़ के नूना माजरा स्थित महाराजा अग्रसेन अस्पताल के परिसर में सोमवार को सीवर की रुटीन सफाई के दौरान एक बड़ा और खौफनाक हादसा सामने आया। बिना किसी सुरक्षा उपकरणों के जहरीली गैस से लबालब मैनहोल में उतरना चार कर्मचारियों की जिंदगी पर भारी पड़ गया। सीवर की ब्लॉकेज खोलने के लिए चैंबर के भीतर उतरे तीन सफाईकर्मी कुछ ही मिनटों में दम घुटने के कारण वहीं अचेत होकर गिर पड़े। उन्हें बचाने के लिए जब अस्पताल का अन्य स्टाफ आगे आया, तो वह भी इस जानलेवा गैस की चपेट में आ गया। इस घटना के बाद से पूरे अस्पताल प्रशासन और कर्मचारियों के बीच हड़कंप मचा हुआ है।

एक के बाद एक गिरते गए कर्मचारी, बचाने उतरा मैकेनिक भी हुआ बेहोश

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चश्मदीदों के मुताबिक, सबसे पहले सफाईकर्मी शत्रुघ्न, अंशुल और विजेंद्र सीवर के गहरे मैनहोल का ढक्कन खोलकर नीचे दाखिल हुए थे। चैंबर के भीतर जमा मीथेन और अन्य जहरीली गैसों का दबाव इतना ज्यादा था कि नीचे पैर रखते ही तीनों का दम घुटने लगा और वे चिल्लाने तक का मौका पाए बिना वहीं ढेर हो गए। काफी देर तक जब अंदर से कोई हलचल नहीं हुई, तो बाहर खड़े साथी घबरा गए। शोर सुनकर पास ही काम कर रहा अस्पताल का एक बिजली कर्मचारी उन्हें निकालने के लिए नीचे उतरा, लेकिन दुर्भाग्य से वह भी गैस के तीखे असर के कारण अंदर ही बेहोश हो गया।

ब्रह्मदत्त ने दिखाई जांबाजी, मसीहा बनकर सुरक्षित बाहर निकाला

जब चारों जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे थे, तभी अस्पताल के एक अन्य साहसी कर्मचारी ब्रह्मदत्त ने अपनी जान की परवाह न करते हुए मोर्चा संभाला। ब्रह्मदत्त ने बेहद सूझबूझ और फुर्ती दिखाते हुए जहरीली गैस से भरे उस अंधेरे कुएं में कदम रखा और एक-एक करके चारों अचेत कर्मचारियों को खींचकर बाहर निकाला। अगर ब्रह्मदत्त ने समय रहते यह दिलेरी न दिखाई होती, तो मौके पर ही कोई बड़ा अनर्थ हो सकता था। हादसे के तुरंत बाद अस्पताल प्रबंधन ने तत्परता दिखाते हुए चारों पीड़ितों को अपने ही क्रिटिकल केयर यूनिट (ICU) में शिफ्ट किया, जहां डॉक्टरों की विशेष टीम उनकी सांसों को थामने की जद्दोजहद में जुटी है।

सुरक्षा मानकों को लेकर उठे सुलगते सवाल, जांच में जुटी पुलिस

घटना की भयावहता को देखते हुए स्थानीय दमकल विभाग और गढ़ी थाना पुलिस की टीमें मौके पर पहुंच चुकी हैं। पुलिस ने पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है कि आखिर बिना गैस मास्क, ऑक्सीजन सिलेंडर और सेफ्टी बेल्ट के कर्मचारियों को इतने खतरनाक और गहरे सीवर में क्यों उतारा गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पीड़ितों के परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है और फिलहाल वे उनके स्वास्थ्य में सुधार होने का इंतजार कर रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार, फेफड़ों में जहरीली गैस भरने के कारण दो कर्मचारियों की हालत अब भी बेहद नाजुक बनी हुई है।

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