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Bahadurgarh Police Action; बहादुरगढ़ पुलिस का बड़ा खुलासा: बच्चा चोर गिरोह का मास्टरमाइंड दंपती फरार, नर्स पत्नी के साथ चलाता था काला धंधा

AAmandeep Singh
बहादुरगढ़ पुलिस का बड़ा खुलासा: बच्चा चोर गिरोह का मास्टरमाइंड दंपती फरार, नर्स पत्नी के साथ चलाता था काला धंधा
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झज्जर। पुलिस जांच में सामने आया है कि इस गिरोह की कमान नर्स रानी और उसकी फरीदकोट निवासी बहन के हाथों में थी। रानी नर्स होने के नाते अस्पतालों और प्रसूति केंद्रों की कार्यप्रणाली से अच्छी तरह वाकिफ थी, जिसका फायदा उठाकर वह आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों या अवैध रूप से पैदा हुए बच्चों को अपने जाल में फंसाती थी। उसका पति परगट सिंह उर्फ लाडी इस नेटवर्क में खरीदारों को तलाशने और बच्चों की डिलीवरी का जिम्मा संभालता था।

जेल की सजा भी नहीं बदल सकी फितरत

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सूत्रों के मुताबिक, यह गिरोह पिछले पांच सालों से सक्रिय है। इन पर पहले भी बच्चा चोरी और तस्करी के संगीन मामले दर्ज हैं। करीब छह महीने पहले ही ये तीनों जमानत पर जेल से बाहर आए थे। पुलिस को उम्मीद थी कि कानूनी कार्रवाई के बाद ये सुधर जाएंगे, लेकिन रिहा होते ही इन्होंने बहादुरगढ़ और आसपास के इलाकों में अपना जाल फिर से फैला लिया। गिरोह के कुछ अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के बाद जब कड़ियां जुड़ीं, तो सीधे तौर पर लाडी और रानी का नाम सामने आया।

मुक्तसर में रेड, पर खाली हाथ लौटी पुलिस

मंगलवार को बहादुरगढ़ पुलिस की एक विशेष टीम पंजाब के मुक्तसर पहुंची। जलालाबाद रोड स्थित गली नंबर 6 में जब पुलिस ने लाडी और रानी के घर पर दबिश दी, तो वहां मुख्य द्वार पर ताला लटका मिला। पड़ोसियों से पूछताछ में पता चला है कि दंपती करीब एक सप्ताह पहले ही घर छोड़कर कहीं अज्ञात स्थान पर चला गया है। पुलिस को अंदेशा है कि गिरोह के अन्य सदस्यों की धरपकड़ की भनक लगते ही ये दोनों भूमिगत हो गए हैं।

मासूमों की तस्करी का ‘नेटवर्क’ खंगाल रही पुलिस

बहादुरगढ़ पुलिस अब इस गिरोह के पिछले रिकॉर्ड और हाल ही में बेचे गए बच्चों की जानकारी जुटा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इस नेटवर्क के तार किन-किन निजी अस्पतालों या क्लीनिकों से जुड़े हुए थे। अधिकारियों का कहना है कि यह एक संगठित अपराध है और जल्द ही मुख्य आरोपियों को दबोच लिया जाएगा। फिलहाल, आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उनकी तलाश में छापेमारी जारी है।

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