Bandi Sikhs Release Protest: ‘राम रहीम को बार-बार पैरोल, सजा पूरी कर चुके सिखों को रिहाई क्यों नहीं?’, कुरुक्षेत्र में भड़के सिख नेता, राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन
बंदी सिखों की रिहाई के लिए कुरुक्षेत्र में रोष मार्च,DC दफ्तर पर सिख संगत का प्रदर्शन, राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन
Bandi Sikhs Release Protest: पंजाब के राजनीतिक व सामाजिक गलियारों में लंबे समय से सुलग रहा ‘बंदी सिखों’ की रिहाई का मुद्दा अब हरियाणा में भी जोर पकड़ने लगा है। वीरवार को कुरुक्षेत्र में सिख समाज और विभिन्न पंथक संगठनों की संगत सड़कों पर उतरी और उपायुक्त कार्यालय पर जोरदार लेकिन अनुशासित व शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। हाथों में तख्तियां और बैनर लिए सिख श्रद्धालु पूरे रास्ते ‘सतनाम-वाहेगुरु’ का जाप करते रहे और मानवाधिकारों की बहाली के साथ-साथ लंबे समय से जेलों में बंद सिखों की रिहाई की मांग दोहराई।
प्रदर्शनकारी सबसे पहले ऐतिहासिक गुरुद्वारा पातशाही छठी में एकत्र हुए। यहां अर्दास के उपरांत संगत ने उपायुक्त कार्यालय की ओर रोष मार्च निकाला। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने सिटी मजिस्ट्रेट (CTM) आशीष कुमार के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति के नाम एक मांग पत्र सौंपा।
’30-30 साल से जेलों में बंद, संविधान का हो रहा उल्लंघन’
हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (HSGMC) के गुहला-चीका से सदस्य मेजर सिंह ने सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि देश की अलग-अलग जेलों में कई ऐसे सिख बंद हैं जो अदालत द्वारा तय की गई अपनी सजा की अवधि काफी पहले पूरी कर चुके हैं।
मेजर सिंह ने कहा, “इनमें से कई बंदी 30-30 साल से सलाखों के पीछे हैं। वे अपनी आधी से ज्यादा जिंदगी जेल में काट चुके हैं और अब बुजुर्ग हो चुके हैं। उनके परिवार आज भी उनके घर लौटने की राह तक रहे हैं। भारत के संविधान के मुताबिक सजा की सीमा पूरी होने के बाद किसी भी कैदी को रिहा किया जाना उसका मौलिक अधिकार है। लेकिन इन सिखों को रिहा करना तो दूर, आपात परिस्थितियों में नियमानुसार मिलने वाली पैरोल से भी महरूम रखा जा रहा है।”
राम रहीम की पैरोल पर उठाए सवाल, दोहरा रवैया अपनाने का आरोप
प्रदर्शन के दौरान कमेटी के प्रवक्ता हरकीरत सिंह ने पंजाब के कौमी इंसाफ मोर्चे का समर्थन करते हुए सरकार के दोहरे रवैये पर तीखा हमला बोला। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह हत्याकांड मामले में सजायाफ्ता जगतार सिंह हवाला का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी माता गंभीर रूप से बीमार हैं, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन उन्हें अपनी बुजुर्ग व बीमार मां से मिलने के लिए पैरोल तक नहीं दे रहा है।
हरकीरत सिंह ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, “एक तरफ संगीन मामलों में सजायाफ्ता डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को सरकार बार-बार पैरोल और फरलो दे रही है, वहीं दूसरी ओर अपनी कानूनी सजा काट चुके सिख बंदियों के प्रति प्रशासन जरा सी भी मानवीय संवेदना नहीं दिखा रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद बंदी सिखों की रिहाई के प्रति सकारात्मक बात कह चुके हैं। ऐसे में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को भी केंद्र सरकार के समक्ष इस संवेदनशील मामले को मजबूती से उठाना चाहिए।”
2 अक्टूबर को फतेहगढ़ साहिब से तख्त श्री दमदमा साहिब तक निकलेगा रोष मार्च
कुरुक्षेत्र के मीरी-पीरी चौक पर बीते 11 सितंबर से सांकेतिक मोर्चा लगातार जारी है। आयोजकों ने बताया कि आंदोलन के अगले चरण के तहत शुक्रवार (2 अक्टूबर) को ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री फतेहगढ़ साहिब से एक बड़ा रोष मार्च शुरू होगा।
यह मार्च रात के समय गुरुद्वारा श्री मस्तुआना साहिब पहुंचेगा, जहां संगत के रात्रि ठहराव और लंगर की व्यवस्था की गई है। इसके अगले दिन यानी शनिवार को यह रोष मार्च तख्त श्री दमदमा साहिब (तलवंडी साबो) पहुंचेगा, जहां नतमस्तक होने के साथ ही मार्च का समापन होगा। इसके बाद सिख पंथ के वरिष्ठ नेता एकत्र होकर आंदोलन की आगे की रूपरेखा और भावी रणनीति तय करेंगे।
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