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दिल्ली में सफर होगा सुपरफास्ट: जुलाई में खुलेगा बारापुला फेज-3, मयूर विहार से 20 मिनट में एम्स

AAmit Gupta
दिल्ली में सफर होगा सुपरफास्ट: जुलाई में खुलेगा बारापुला फेज-3, मयूर विहार से 20 मिनट में एम्स
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राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और नोएडा-गाजियाबाद से सटे एनसीआर के इलाकों में रहने वालों के लिए राहत भरी खबर है। पूर्वी दिल्ली से दक्षिणी दिल्ली के बीच सफर को सिग्नल-फ्री बनाने वाला बारापुला फेज-3 एलिवेटेड कॉरिडोर प्रोजेक्ट अब अपने अंतिम चरण में है। दिल्ली सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि की है कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना का निर्माण कार्य जुलाई 2026 तक पूरी तरह संपन्न कर लिया जाएगा। फिलहाल प्रोजेक्ट का 98 प्रतिशत से अधिक काम पूरा हो चुका है और लोक निर्माण विभाग (PWD) ने फिनिशिंग का काम तेज कर दिया है।

ट्रैफिक जाम और समय की बर्बादी होगी खत्म

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इस कॉरिडोर के शुरू होने का सबसे बड़ा फायदा उन लाखों लोगों को मिलेगा जो रोजाना पूर्वी दिल्ली के मयूर विहार से दक्षिणी दिल्ली या एम्स की ओर जाते हैं। वर्तमान में इस दूरी को तय करने में लोगों को भारी ट्रैफिक के बीच लगभग 45 मिनट का समय खपाना पड़ता है। एलिवेटेड कॉरिडोर शुरू होने के बाद मयूर विहार पॉकेट-1 से एम्स तक की दूरी महज 20 मिनट में फर्राटे भरते हुए पूरी की जा सकेगी। यह सिक्स-लेन कॉरिडोर सीधे मयूर विहार पॉकेट-1 को सराय काले खां से जोड़ देगा, जिससे रिंग रोड पर गाड़ियों का बोझ कम होगा।

1,635 करोड़ का प्रोजेक्ट और इंजीनियरिंग की चुनौतियां

करीब 1,635 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा यह प्रोजेक्ट कई वर्षों से प्रतीक्षा में था। लोक निर्माण विभाग के अनुसार, मुख्य संरचनात्मक जुड़ाव और कुछ पिलर पर गर्डर रखने का काम ही अब शेष बचा है। विभाग ने सड़क निर्माण और फिनिशिंग का काम भी समानांतर रूप से शुरू कर दिया है। इस मार्ग के चालू होने से न केवल सराय काले खां और एनएच-24 पर लगने वाले लंबे जाम से मुक्ति मिलेगी, बल्कि डीएनडी फ्लाईओवर और आश्रम चौक जाने वाले यात्रियों को भी बड़ी राहत महसूस होगी।

आम आदमी पर असर: कम होगा प्रदूषण और पेट्रोल का खर्च

दिल्ली सरकार इस प्रोजेक्ट को जल्द से जल्द जनता को समर्पित करने की तैयारी में है। विशेषज्ञों का मानना है कि सिग्नल-फ्री कॉरिडोर होने के कारण वाहनों की रफ्तार बनी रहेगी, जिससे ईंधन की खपत कम होगी और प्रदूषण स्तर में भी गिरावट आएगी। पूर्वी दिल्ली के निवासियों के लिए अब एम्स या सफदरजंग अस्पताल जैसे प्रमुख केंद्रों तक पहुंचना पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा आसान और आरामदायक हो जाएगा। जुलाई में इस शानदार सौगात के मिलते ही दिल्ली की लाइफलाइन कहे जाने वाले इस रूट पर सफर पूरी तरह बदल जाएगा।

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