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Barnala News: दुबई में फंसे बेटे की सलामती के लिए माँ की आँखें नम: प्रशासन और सरकार से लगाई वापसी की गुहार

VVinita Kohli
Barnala News: दुबई में फंसे बेटे की सलामती के लिए माँ की आँखें नम: प्रशासन और सरकार से लगाई वापसी की गुहार
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बरनाला: विदेशी धरती पर रोजी-रोटी कमाने गए पंजाबी नौजवानों की सलामती को लेकर एक बार फिर चिंता के बादल छा गए हैं। अमेरिका और इराक के बीच पैदा हुए युद्ध के हालातों ने खाड़ी देशों में काम कर रहे भारतीय युवाओं के परिवारों को गहरे डर में डाल दिया है। ऐसा ही एक बेहद चिंताजनक मामला जिला बरनाला के गाँव कैरे से सामने आया है, जहाँ एक बेबस माँ अपने जिगर के टुकड़े की तलाश के लिए दर-दर की ठोकरें खा रही है। 

पीड़ित माता नसीब कौर पत्नी भोरा सिंह निवासी गाँव कैरे ने भीगी आँखों से बताया कि उनका बेटा बीरबल सिंह करीब एक साल पहले सुनहरे भविष्य की उम्मीद लेकर दुबई गया था। वह वहाँ बानियास चाइना कैंप स्थित एक कंपनी में मेहनत-मजदूरी कर रहा था। माता के अनुसार 18 फरवरी 2026 को बीरबल से आखिरी बार फोन पर बात हुई थी, जिसमें उसने युद्ध के हालातों का हवाला देते हुए कहा था कि उसकी टिकट हो चुकी है और वह 24 मार्च तक भारत लौट आएगा। 

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लेकिन अफ़सोस, 23 मार्च की टिकट होने के बावजूद न तो बीरबल घर पहुँचा और न ही उससे कोई संपर्क हो सका है। बीरबल सिंह के लापता होने की खबर से गांव कैरे में भी चिंता का माहौल है। इलाका निवासियों ने भी सरकार से अपील की है कि खाड़ी देशों में फंसे पंजाबी युवाओं की सूची तैयार कर उनकी सुरक्षित वापसी के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।

डीसी बरनाला से लगाई मदद की गुहार

पिछले एक महीने से बेटे का फोन बंद आने के कारण परिवार गहरे सदमे में है। बीरबल सिंह, जो कि स्वयं विवाहित है, उसके परिवार के सदस्य किसी अनहोनी के डर से रातों की नींद गँवा चुके हैं। बेबस माता नसीब कौर ने डीसी बरनाला को एक लिखित आवेदन सौंपकर अपने बेटे की सलामती और उसे सुरक्षित भारत लाने के लिए तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की है। परिवार का कहना है कि उनके पास अब सरकार और प्रशासन के अलावा कोई और चारा नहीं बचा है।

बेटे को सही-सलामत वापस लाने में सरकार करे मदद

युद्ध प्रभावित क्षेत्रों के पास होने के कारण दुबई में रह रहे कई भारतीयों के संपर्क टूटने की खबरें लगातार आ रही हैं। गांव कैरे के इस परिवार ने केंद्र सरकार और पंजाब सरकार से पुरजोर मांग की है कि विदेश मंत्रालय के माध्यम से दुबई स्थित भारतीय दूतावास से संपर्क साधा जाए ताकि बीरबल सिंह की लोकेशन का पता लगाया जा सके। पीड़ित परिवार ने कहा कि सरकार इस मुश्किल घड़ी में हमारे बेटे को सही-सलामत वापस लाने में हमारी मदद करे।

बुजुर्ग मां की पुकार: लापता बेटे की तलाश के लिए सरकार और एनआरआई से गुहार

एक बदकिस्मत बुजुर्ग मां अपने लापता बेटे की तलाश में दर-दर की ठोकरें खा रही है। पीड़ित मां नसीब कौर ने भरे मन से पंजाब सरकार, केंद्र सरकार, विदेशों में रहने वाले एनआरआई भाइयों और समाजसेवी संस्थाओं से अपील की है कि दुबई में फंसे उनके बेटे बीरबल सिंह को जल्द से जल्द भारत वापस लाया जाए। मां ने रोते हुए कहा कि वह बस अपने बेटे को एक बार सही-सलामत देखना चाहती हैं। गौरतलब है कि पारिवारिक हालात भी काफी नाजुक बने हुए हैं, क्योंकि बीरबल की पत्नी भी अपनी 11 वर्षीय बेटी को साथ लेकर घर से नाराज होकर चली गई है। इस कारण बुजुर्ग मां बिल्कुल अकेली रह गई है और दिन-रात अपने बेटे की सलामती के लिए दुआएं मांग रही है।

सरपंच द्वारा प्रशासन और सरकार से जल्द कार्रवाई की अपील

इस अवसर पर गांव के सरपंच सुखजिंदर सिंह ने बताया कि ईरान-इजरायल के बीच चल रहे युद्ध के कारण दुबई में फंसे बीरबल सिंह का परिवार बेहद चिंतित है। उन्होंने बताया कि गरीब परिवार से संबंधित बीरबल रोजी-रोटी की तलाश में बतौर कंस्ट्रक्शन वर्कर दुबई गया था, लेकिन पिछले दिनों से उसका परिवार से कोई संपर्क नहीं हो सका है। सरपंच ने बताया कि इस संबंध में डिप्टी कमिश्नर बरनाला के माध्यम से केंद्र और पंजाब सरकार को मांग पत्र भी भेजा गया है। उन्होंने विदेशी संस्थाओं और दानवीरों से पुरजोर अपील की है कि बीरबल सिंह की तलाश में मदद की जाए, ताकि इस बिलखती मां को उसका सहारा वापस मिल सके।

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