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Chandigarh News: चंडीगढ़ में आज भी कैब ड्राइवरों की हड़ताल, ऑटो यूनियन भी आंदोलन में शामिल, 16 जून को बड़े प्रदर्शन की तैयारी

VVinita Kohli
Chandigarh News: चंडीगढ़ में आज भी कैब ड्राइवरों की हड़ताल, ऑटो यूनियन भी आंदोलन में शामिल, 16 जून को बड़े प्रदर्शन की तैयारी
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चंडीगढ़: चंडीगढ़ में कैब ड्राइवरों का आंदोलन लगातार दूसरे दिन भी जारी है। किराया दरों में बढ़ोतरी की मांग को लेकर चल रहे इस विरोध प्रदर्शन में अब ऑटो चालक यूनियन भी शामिल हो रही है। इससे शहर में यात्रियों के लिए परिवहन के विकल्प सीमित हो सकते हैं। आंदोलन के तहत सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक धरना जारी रहेगा। अब तक लोग कैब सेवाएं प्रभावित होने पर ऑटो और CTU बसों का सहारा ले रहे थे, लेकिन ऑटो चालकों के भी आंदोलन में शामिल होने से शहर में सार्वजनिक परिवहन का दबाव बढ़ सकता है। ऐसे में बड़ी संख्या में यात्रियों को सिटी बस सेवा पर निर्भर रहना पड़ सकता है।

CTU बसें बनेंगी यात्रियों का मुख्य सहारा

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कैब और ऑटो सेवाओं में व्यवधान के बीच चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग (CTU) की बसें लोगों के लिए प्रमुख विकल्प बनी हुई हैं। CTU शहर में लगभग 65 से 70 लोकल और सब-अर्बन रूटों पर नियमित बस सेवाएं संचालित करती है। ये बसें चंडीगढ़ के विभिन्न सेक्टरों को आपस में जोड़ती हैं। सेक्टर-17 और सेक्टर-43 बस स्टैंड के बीच भी नियमित सेवाएं उपलब्ध हैं। इसके अलावा PGI, सेक्टर-32 सरकारी अस्पताल, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट और सचिवालय जैसे महत्वपूर्ण संस्थानों तक पहुंचने के लिए भी बस रूट संचालित किए जाते हैं।

कैब चालकों का कहना है कि मौजूदा किराया संरचना उनके लिए आर्थिक रूप से व्यवहारिक नहीं रह गई है। वर्ष 2025 में चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा लागू की गई कैब पॉलिसी के तहत न्यूनतम किराया ₹25 प्रति किलोमीटर निर्धारित किया गया था। चालकों के अनुसार तब से ईंधन और परिचालन लागत में लगातार वृद्धि हुई है। उनका दावा है कि CNG की कीमत में लगभग ₹9 प्रति किलो की बढ़ोतरी हुई है, जबकि पेट्रोल और डीजल भी करीब ₹7 प्रति लीटर महंगे हो चुके हैं। इसी वजह से वे किराया दर को बढ़ाकर ₹35 प्रति किलोमीटर करने की मांग कर रहे हैं।

ट्राइसिटी के चालकों ने बनाई संयुक्त रणनीति

आंदोलन को व्यापक समर्थन दिलाने के लिए ट्राइसिटी कैब ड्राइवर वेलफेयर एसोसिएशन लगातार विभिन्न संगठनों से संपर्क कर रही है। संगठन का कहना है कि मौजूदा किराया दरों पर काम करना मुश्किल हो गया है और इससे हजारों चालक परिवारों की आय प्रभावित हो रही है। एसोसिएशन का आरोप है कि उनकी मांगों को लंबे समय से प्रशासन के सामने रखा जा रहा है, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। इसी कारण आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है।

कैब चालकों ने 16 जून को बड़े स्तर पर प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। इस प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। संगठन का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक फैसला नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। 16 जून के प्रदर्शन को लेकर विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों से भी समर्थन जुटाया जा रहा है। इससे आंदोलन का दायरा बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

बुड्ढा दल ने किया समर्थन का ऐलान

ट्राइसिटी कैब ड्राइवर वेलफेयर एसोसिएशन के आंदोलन को बुड्ढा दल के निहंग साहिबानों का समर्थन भी मिला है। दल के प्रतिनिधियों का कहना है कि कैब और ऑटो चालकों की समस्याएं लंबे समय से अनसुलझी हैं और उनके परिवार आर्थिक दबाव का सामना कर रहे हैं। उनका मानना है कि यदि चालक समुदाय की मांगें उचित हैं तो प्रशासन को उनके साथ बातचीत कर समाधान निकालना चाहिए। इसी उद्देश्य से बुड्ढा दल ने 16 जून के प्रदर्शन में शामिल होने की घोषणा की है।

हड़ताल का असर सबसे अधिक रोजाना यात्रा करने वाले लोगों पर पड़ सकता है। कार्यालय जाने वाले कर्मचारी, अस्पताल पहुंचने वाले मरीज, छात्र और अन्य यात्री परिवहन सेवाओं के प्रभावित होने से परेशानी महसूस कर सकते हैं। हालांकि CTU बस सेवाएं संचालित हो रही हैं, लेकिन कैब और ऑटो सेवाओं की अनुपलब्धता के कारण बसों में यात्रियों की संख्या बढ़ सकती है। ऐसे में आने वाले दिनों में प्रशासन और चालक संगठनों के बीच होने वाली बातचीत पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।

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