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बहन का कंकाल लेकर बैंक पहुंचने का मामला: मंत्री ने दिया संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन

VVinita Kohli
बहन का कंकाल लेकर बैंक पहुंचने का मामला: मंत्री ने दिया संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन
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भुवनेश्वर: ओडिशा के क्योंझर जिले में रकम की निकासी के लिए एक आदिवासी व्यक्ति द्वारा अपनी बहन का कंकाल लेकर बैंक पहुंचने की घटना के एक दिन बाद, राज्य के मंत्री सुरेश पुजारी ने कहा कि इस मामले में “मानवीय दृष्टिकोण” नहीं अपनाया गया और सरकार संबंधित अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई सुनिश्चित करेगी। विपक्षी बीजू जनता दल (बीजद) और कांग्रेस ने भी इस घटना की निंदा की है और राज्य की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी राज्य विधानसभा में खुद क्योंझर का प्रतिनिधित्व करते हैं।

बीजद ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में अपनी बहन के कंकाल को कंधे पर ले जा रहे व्यक्ति के दृश्य का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘मुख्यमंत्री के जिले में एक अकल्पनीय दृश्य, क्रूरता की सभी सीमाओं को पार कर गया।’’ कांग्रेस की प्रदेश इकाई ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘यह वास्तव में दुर्भाग्यपूर्ण है। बैंक अधिकारियों द्वारा इस तरह का उत्पीड़न बंद होना चाहिए।’’ इस घटना पर आक्रोश व्यक्त करते हुए ओडिशा के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री पुजारी ने कहा, ‘‘बैंक अधिकारियों के लिए मृत्यु प्रमाण-पत्र पर्याप्त नहीं था और उस व्यक्ति को खाताधारक (बहन) की मृत्यु को सत्यापित करने के लिए कब्र से कंकाल निकालना पड़ा।’’

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उन्होंने कहा, ‘‘इस पूरे मामले में मानवीय दृष्टिकोण का अभाव था। मैंने स्थानीय प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से बात की है। सरकार ने इस घटना का गंभीरता से संज्ञान लिया है। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि इसके लिए जिम्मेदार बैंक अधिकारियों को दंडित किया जाए।’’ यह घटना सोमवार को ओडिशा ग्रामीण बैंक की मलिपोसी शाखा में घटी। डियानाली गांव के जीतू मुंडा (50) अपनी बड़ी बहन कालरा मुंडा (56) के बैंक खाते से 20,000 रुपये निकालना चाहते थे। कालरा का निधन 26 जनवरी को हो गया था। जीतू मुंडा ने कहा, ‘‘मैं कई बार बैंक गया। मैंने उन्हें बताया कि मेरी बहन की मृत्यु हो गई है, फिर भी वे बार-बार यही कहते रहे कि मैं उन्हें (बहन को) बैंक लाऊं, ताकि उनके नाम पर जमा राशि निकाली जा सके।’’

कंकाल देखकर भयभीत बैंक अधिकारियों ने तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचना दी। क्योंझर जिला स्थित पटना पुलिस थाने के प्रभारी निरीक्षक किरण प्रसाद साहू ने बताया कि पुलिस के हस्तक्षेप के बाद शव को वापस कब्रिस्तान ले जाकर दोबारा दफना दिया गया। पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘‘जीतू अनपढ़ है। उसे नहीं पता कि कानूनी वारिस या ‘नामित व्यक्ति’ (नॉमिनी) क्या होता है। बैंक अधिकारी उसे किसी रिश्तेदार की मृत्यु होने पर पैसे निकालने की प्रक्रिया समझाने में नाकाम रहे।’’ बैंक सूत्रों के अनुसार, कालरा मुंडा के खाते के नॉमिनी, उनके बड़े भाई रायबू मुंडा की भी मृत्यु हो चुकी है। इसलिए, उनके खाते में जमा धन पर जीतू मुंडा ही एकमात्र दावेदार हैं।

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