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CBSE Physics Program: सीबीएसई की बड़ी पहल: लाडवा के SGMPS में जुटे दो राज्यों के 60 शिक्षक, सीखे फिजिक्स को जादुई बनाने के गुर

AAmandeep Singh
CBSE Physics Program: सीबीएसई की बड़ी पहल: लाडवा के SGMPS में जुटे दो राज्यों के 60 शिक्षक, सीखे फिजिक्स को जादुई बनाने के गुर
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लाडवा। (कैलाश गोयल) भौतिक विज्ञान (फिजिक्स) को आमतौर पर स्कूली छात्र एक जटिल और उबाऊ विषय मानते हैं। इसी धारणा को बदलने और कक्षाओं को अधिक रोचक व अनुप्रयोग-उन्मुख (Application-oriented) बनाने के उद्देश्य से लाडवा के धनोरा स्थित संजय गांधी मेमोरियल सीनियर सेकेंडरी पब्लिक स्कूल में दो दिवसीय मंथन सत्र आयोजित किया गया। सीबीएसई की इस अनूठी पहल का मकसद शिक्षकों को अध्यापन की उन आधुनिक शैलियों से लैस करना है, जिससे छात्र रटने के बजाय सीखने की प्रवृत्ति की ओर बढ़ें।

मुश्किल थ्योरी को आसान बनाएंगे कम लागत के प्रयोग

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कार्यशाला के तकनीकी सत्रों के दौरान रिसोर्स पर्सन राजन शर्मा ने वेव ऑप्टिक्स (तरंग प्रकाशिकी), ईएमआई और सेमीकंडक्टर (अर्धचालक) जैसी कठिन अवधारणाओं को बेहद सरल ढंग से समझाने का लाइव डेमो दिया। उन्होंने दिखाया कि कैसे कबाड़ या बेहद कम लागत वाली सामग्री का उपयोग करके प्रयोगात्मक मॉडल और सिमुलेशन तैयार किए जा सकते हैं।

वहीं, दूसरी रिसोर्स पर्सन मोनिका जैन ने बदलते वैश्विक पैटर्न के अनुसार योग्यता-आधारित बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs), केस स्टडी और अभिकथन-कारण (Assertion-Reasoning) वाले प्रश्नों को तैयार करने की तकनीक साझा की। उन्होंने जोर देकर कहा कि नई शिक्षा नीति के तहत अब रटने की व्यवस्था को पूरी तरह हतोत्साहित किया जा रहा है।

सहभागिता और समूह चर्चा से तैयार हुआ ब्लूप्रिंट

यह दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम केवल एकतरफा व्याख्यान तक सीमित नहीं था, बल्कि इसे पूरी तरह इंटरएक्टिव (अंतःक्रियात्मक) बनाया गया था। उपस्थित शिक्षकों को विभिन्न समूहों में बांटकर ‘रे ऑप्टिक्स’ और ‘इलेक्ट्रोस्टेटिक्स’ जैसे कोर चैप्टर्स पर सैंपल लेसन प्लान तैयार करवाए गए। इसके बाद शिक्षकों ने आपस में ही प्रेजेंटेशन दीं, जिन पर विशेषज्ञों ने सुधार के आवश्यक टिप्स दिए। इसके साथ ही एक आदर्श प्रश्न पत्र तैयार करने के लिए ब्लूप्रिंट के महत्व और कॉपियों के मूल्यांकन के दौरान होने वाली सामान्य त्रुटियों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

प्रकृति के संदेश के साथ कार्यशाला का समापन

उद्घाटन और समापन सत्र के दौरान अपने संबोधन में प्रधानाचार्य नरेंद्र शर्मा ने कहा कि सीबीएसई की विषय-विशिष्ट कार्यशालाएं शिक्षकों को अपडेट रखने का सबसे सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने आए हुए शिक्षकों से आह्वान किया, “जिस दिन हमारा छात्र अपने दैनिक जीवन के अनुभवों में भौतिक विज्ञान के नियमों को देखना शुरू कर देगा, उस दिन से उसका इस विषय के प्रति डर हमेशा के लिए गायब हो जाएगा।”

कार्यक्रम के अंत में प्रधानाचार्य ने पर्यावरण और भारतीय संस्कृति का संदेश देते हुए दोनों मुख्य रिसोर्स पर्सन्स को तुलसी के पौधे भेंट कर सम्मानित किया। सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरण के साथ इस दो दिवसीय बौद्धिक समागम का औपचारिक समापन हुआ।

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