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Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्रि 19 मार्च से शुरू, जानें कलश स्थापना का शुभ समय

AAmandeep Singh
चैत्र नवरात्रि 19 मार्च से शुरू, जानें कलश स्थापना का शुभ समय
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ज्योतिष। हिंदू पंचांग के अनुसार इस साल चैत्र नवरात्रि 19 मार्च 2026, गुरुवार से शुरू हो रही है। नौ दिनों तक चलने वाले इस पर्व का समापन 27 मार्च, शुक्रवार को होगा। देशभर के मंदिरों और घरों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाएगी। हरियाणा, उत्तर प्रदेश, पंजाब और दिल्ली-एनसीआर में भी नवरात्रि को लेकर मंदिरों और बाजारों में तैयारियां तेज हो गई हैं।

नवरात्रि के पहले दिन भक्त अपने घरों और मंदिरों में कलश स्थापना करते हैं। इसी दिन से व्रत और पूजा का क्रम शुरू होता है और नौ दिनों तक मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की आराधना की जाती है।

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कब से शुरू हो रही चैत्र नवरात्रि

चैत्र महीने में आने वाली नवरात्रि को चैत्र नवरात्रि कहा जाता है। इस साल यह पर्व 19 मार्च से शुरू होकर 27 मार्च तक चलेगा।

इन नौ दिनों में मां दुर्गा के शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री स्वरूपों की पूजा की जाती है। भक्त पूरे विधि-विधान से व्रत रखते हैं और माता की आराधना करते हैं।

कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त

नवरात्रि के पहले दिन घट स्थापना का विशेष महत्व माना जाता है। 19 मार्च को कलश स्थापना का शुभ समय सुबह 6 बजकर 48 मिनट से 7 बजकर 30 मिनट तक बताया गया है।

हालांकि मान्यता है कि सूर्य उदय से लेकर रात तक भी श्रद्धा के साथ कलश स्थापित किया जा सकता है। इस दिन घरों और मंदिरों में पूजा की शुरुआत इसी विधि से होती है।

माता का आगमन और प्रस्थान

ज्योतिष मान्यता के अनुसार इस बार नवरात्रि की शुरुआत गुरुवार से हो रही है। ऐसी स्थिति में माता का आगमन पालकी पर माना जाता है।

इसी तरह नवरात्रि का समापन शुक्रवार को होगा, इसलिए माता का प्रस्थान हाथी पर बताया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार हाथी पर विदाई को शुभ संकेत माना जाता है, जो अच्छी बारिश और समृद्धि से जुड़ा माना जाता है।

कैसे करें मां दुर्गा की पूजा

नवरात्रि के दौरान भक्त अपने घरों में माता की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करते हैं। प्रतिदिन दीप जलाकर, फूल अर्पित कर और दुर्गा चालीसा या दुर्गा सप्तशती का पाठ किया जाता है।

कई लोग नौ दिन का व्रत रखते हैं और अष्टमी या नवमी के दिन कन्या पूजन करते हैं। धार्मिक मान्यता है कि श्रद्धा और नियम के साथ की गई पूजा से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है।

बाजारों और मंदिरों में बढ़ती रौनक

चैत्र नवरात्रि के साथ ही मंदिरों में भक्तों की भीड़ बढ़ने लगती है। बाजारों में भी पूजा सामग्री, फल, नारियल और सजावट की वस्तुओं की मांग बढ़ जाती है।

हरियाणा, पंजाब और उत्तर भारत के कई शहरों में इन दिनों देवी मंदिरों में विशेष सजावट और भंडारे की तैयारी भी शुरू हो जाती है।

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