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चंडीगढ़: पत्रकारों और आरटीआई कार्यकर्ताओं पर एफआईआर के खिलाफ सेक्टर-17 में जोरदार प्रदर्शन

VVinita Kohli
चंडीगढ़: पत्रकारों और आरटीआई कार्यकर्ताओं पर एफआईआर के खिलाफ सेक्टर-17 में जोरदार प्रदर्शन
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चंडीगढ़: पत्रकारों और आरटीआई कार्यकर्ताओं के खिलाफ दर्ज एफआईआर के विरोध में रविवार को चंडीगढ़ के सेक्टर-17 में विभिन्न राजनीतिक दलों, जन संगठनों, प्रेस क्लबों और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों ने संयुक्त प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री के हेलीकॉप्टर उपयोग से जुड़े सवाल उठाने पर दर्ज मामले को प्रेस स्वतंत्रता पर सीधा हमला करार देते हुए तत्काल वापस लेने की मांग की। यह एफआईआर पत्रकार मनिंदरजीत सिंह सिद्धू, मिंटू गुरुसरिया, आरटीआई कार्यकर्ता मणिक गोयल सहित अन्य के खिलाफ दर्ज की गई है। धरना स्थल पर बड़ी संख्या में राजनीतिक नेता, सामाजिक कार्यकर्ता, किसान व मजदूर संगठनों के प्रतिनिधि और वरिष्ठ पत्रकार मौजूद रहे। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि असहज सवाल उठाने वाले पत्रकारों को पुलिस कार्रवाई के जरिए डराने का प्रयास किया जा रहा है।

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सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस सांसद डॉ. धर्मवीर गांधी ने एफआईआर की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि प्रेस की आज़ादी की रक्षा के लिए किसी भी आंदोलन में वे पत्रकारों के साथ खड़े रहेंगे। शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि उनकी पार्टी के कार्यकाल के दौरान किसी भी पत्रकार के खिलाफ इस तरह के मामले दर्ज नहीं किए गए। उन्होंने कहा कि पत्रकारों की भूमिका सच्चाई को सामने लाने की होती है। यदि मौजूदा सरकार को सच्चाई असहज लगती है, तो वह मीडिया की आवाज़ को दबाकर सच को नहीं छिपा सकती। बादल ने कहा कि प्रेस की स्वतंत्रता की लड़ाई दरअसल आम लोगों की आज़ादी की लड़ाई है और दोनों को एक-दूसरे से अलग नहीं किया जा सकता। प्रदर्शन में चंडीगढ़ प्रेस क्लब के अध्यक्ष चंडीगढ़ प्रेस क्लब के प्रतिनिधि, भाजपा नेताओं, अधिवक्ताओं, लोकतांत्रिक अधिकार संगठनों और वरिष्ठ पत्रकारों ने भी शिरकत की। 

साथ ही, पंजाबी नज़रिये चैनल के पत्रकार मोहन सिंह औलख पर कथित पुलिस दबाव और वीडियो हटाने की मांग की भी निंदा की गई। पंजाब यूनिवर्सिटी के छात्र संगठनों ने भी प्रदर्शन में भाग लिया। पीएसयू (ललकार) और ‘सत्थ’ के कार्यकर्ताओं ने कथित फर्जी एफआईआर के खिलाफ नारेबाज़ी की और इसे दमनकारी कार्रवाई बताया। पीएसयू (ललकार) के सदस्य जोबन ने कहा कि जवाबदेही मांगने पर सरकार दमन या झूठे मामलों का सहारा लेती है, जिसे जनता स्वीकार नहीं करेगी। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि एफआईआर वापस नहीं ली गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। पत्रकार मनिंदरजीत सिंह सिद्धू ने घोषणा की कि आगामी रणनीति बैठक 7 जनवरी को बठिंडा स्थित टीचर होम में आयोजित की जाएगी।

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