चंडीगढ़: चंडीगढ़ पुलिस के ऑपरेशन सेल ने संगठित अपराध और अवैध हथियारों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अंतरराज्यीय हथियार सप्लाई नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनके कब्जे से भारी मात्रा में अवैध हथियार और एक वाहन बरामद किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से चार सेमी-ऑटोमैटिक हथियार, एक देसी कट्टा, नौ जिंदा कारतूस और एक फोर्ड फिगो कार जब्त की है। प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि इस नेटवर्क का मुख्य सप्लायर पाकिस्तान से जुड़े लिंक के जरिए हथियारों की सप्लाई करता था, जिससे अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की आशंका गहराई है।
इसके अलावा जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपियों में से एक कुख्यात “काली शूटर” गैंग के करीबी सहयोगी के रूप में काम करता था। पुलिस इस पूरे नेटवर्क के स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की गहन जांच कर रही है। यह कार्रवाई डीआईजी राजीव रंजन सिंह की निगरानी में की गई, जबकि ऑपरेशन सेल की टीम ने इंस्पेक्टर सतविंदर के नेतृत्व में छापेमारी कर आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई शहर में सक्रिय संगठित अपराध और अवैध हथियारों के नेटवर्क के खिलाफ एक बड़ी सफलता है और आने वाले दिनों में इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी की संभावना भी है।
पुलिस ने 20 अप्रैल को अनस रईन को अंबाला सेंट्रल जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लाकर गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार अनस रईन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के जरिए पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी के संपर्क में आया था और ट्राइसिटी क्षेत्र में अवैध हथियारों की सप्लाई नेटवर्क को संचालित करने में सक्रिय भूमिका निभा रहा था। जांच में यह भी सामने आया है कि अनस रईन पहले भी गंभीर मामलों में शामिल रहा है। उसे अंबाला में संदिग्ध आरडीएक्स और आईईडी सामग्री की बरामदगी मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है। उसके खिलाफ यूपीए तथा विस्फोटक अधिनियम के तहत केस दर्ज हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अनस रईन की निशानदेही पर कार्रवाई करते हुए एक देसी पिस्टल और चार जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए हैं। इस पूरे नेटवर्क में अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की जांच जारी है और पुलिस अन्य लिंक को खंगाल रही है।

