Chandigarh Demolition Drive: चंडीगढ़ के मनीमाजरा स्थित शास्त्री नगर की मच्छी मार्केट में बुधवार को प्रशासन ने अवैध झुग्गियों के खिलाफ कार्रवाई की। प्रशासन की टीम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और झुग्गियों को हटाने की प्रक्रिया शुरू की। अभियान के दौरान करीब 50 झुग्गियों को तोड़ा गया। कार्रवाई शुरू होते ही इलाके में लोगों की भीड़ जमा हो गई। प्रशासन की टीम के साथ कई अधिकारी और कर्मचारी मौके पर मौजूद रहे। किसी तरह की स्थिति बिगड़ने से रोकने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। पुलिस की मौजूदगी में टीम ने एक-एक कर झुग्गियों को हटाना शुरू किया। मच्छी मार्केट इलाके में लंबे समय से इन झुग्गियों और अस्थायी निर्माण को लेकर कार्रवाई की गई। प्रशासन ने अभियान के दौरान संबंधित जगह को खाली कराया और वहां किए गए अवैध निर्माण को हटाया।
कार्रवाई का लोगों ने किया विरोध, पुलिस की मौजूदगी में जारी रहा अभियान
झुग्गियां तोड़े जाने के दौरान स्थानीय लोगों ने प्रशासन की कार्रवाई का विरोध किया। लोगों ने कार्रवाई रोकने की कोशिश भी की। इसके चलते कुछ समय के लिए मौके पर तनाव की स्थिति बनी, लेकिन पहले से तैनात पुलिस बल ने स्थिति को नियंत्रित रखा। प्रशासन की टीम ने विरोध के बावजूद कार्रवाई जारी रखी। पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में झुग्गियों को हटाया गया और करीब 50 अस्थायी ढांचों को तोड़ दिया गया। अधिकारियों और पुलिस की टीम पूरे अभियान के दौरान मौके पर मौजूद रही। कार्रवाई के बाद इलाके में प्रशासन की टीम ने जगह को खाली कराया। अभियान के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिसकर्मियों ने पूरे क्षेत्र में निगरानी रखी, ताकि डिमोलिशन ड्राइव के दौरान कोई अप्रिय स्थिति पैदा न हो।
प्रशासन बोला- पहले ही दिया था नोटिस, खुद निर्माण हटाने का समय भी मिला
चंडीगढ़ प्रशासन के अनुसार, डिमोलिशन ड्राइव अचानक नहीं की गई। कार्रवाई से पहले संबंधित लोगों को नोटिस जारी किए गए थे। नोटिस के जरिए उन्हें अवैध तरीके से किए गए निर्माण और झुग्गियों को खुद हटाने के लिए कहा गया था। प्रशासन का कहना है कि लोगों को इसके लिए पर्याप्त समय भी दिया गया था। इसके बावजूद निर्धारित समय में झुग्गियां और अन्य अवैध निर्माण नहीं हटाए गए। इसके बाद प्रशासन ने पुलिस बल की मौजूदगी में मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। प्रशासन के मुताबिक, मच्छी मार्केट में झुग्गियां सरकारी जमीन पर अवैध तरीके से बसाई गई थीं। नोटिस की प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी निर्माण नहीं हटाए जाने पर बुधवार को उन्हें हटाने का अभियान चलाया गया। कार्रवाई पूरी होने के बाद संबंधित जगह को खाली कराया गया।

