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Chandigarh Farmers Protest: किसानों ने किया 1 से 7 सितंबर चंडीगढ़ में धरना देने का एलान, प्रशासन ने मंजूरी दी

VVinita Kohli
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Chandigarh Farmers Protest: किसानों ने किया 1 से 7 सितंबर चंडीगढ़ में धरना देने का एलान, प्रशासन ने मंजूरी दी

किसानों ने किया 1 से 7 सितंबर चंडीगढ़ में धरना देने का एलान

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Chandigarh Farmers Protest: चंडीगढ़ में संयुक्त किसान मोर्चा के प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन को प्रशासन ने मंजूरी दे दी है। किसान संगठन 1 से 7 सितंबर तक सेक्टर-48 और 49 के बीच एयरपोर्ट रोड के पास धरना देंगे। अनुमति मिलने के बाद किसान संगठनों ने प्रदर्शन की तैयारियां शुरू कर दी हैं। धरने के दौरान किसान केंद्र सरकार के सामने अपनी मांगें रखेंगे। इनमें फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP की कानूनी गारंटी प्रमुख मांग होगी।

 

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राजेवाल ने SSP से की मुलाकात

धरने की अनुमति मिलने से पहले किसान नेता बलवीर सिंह राजेवाल ने सोमवार को चंडीगढ़ के SSP से मुलाकात की। बैठक में प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और यातायात व्यवस्था को लेकर चर्चा हुई। राजेवाल ने प्रशासन को भरोसा दिलाया कि किसान संगठन तय नियमों और शर्तों का पालन करते हुए शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करेंगे। किसान नेताओं ने प्रदर्शन में शामिल होने वाले किसानों से भी संयम बनाए रखने की अपील करने की बात कही।

 

MSP की कानूनी गारंटी प्रमुख मांग

संयुक्त किसान मोर्चा के मुताबिक, धरने में किसानों से जुड़े कई मुद्दे उठाए जाएंगे। इनमें फसलों पर MSP की कानूनी गारंटी की मांग प्रमुख है। किसान संगठनों का कहना है कि किसानों के हितों की रक्षा के लिए फसलों पर MSP की कानूनी गारंटी जरूरी है। सात दिन के धरने के दौरान इस मांग को केंद्र सरकार के सामने प्रमुखता से रखा जाएगा।

 

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का भी विरोध

किसान संगठनों ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को रद्द करने की मांग को भी प्रदर्शन के एजेंडे में शामिल किया है। किसान नेताओं का कहना है कि इस व्यापार समझौते के कृषि क्षेत्र और किसानों पर संभावित प्रभाव को लेकर चिंता है। राजेवाल के मुताबिक, इन्हीं मुद्दों को लेकर किसानों में रोष है और इसी के चलते चंडीगढ़ में सात दिन का धरना आयोजित करने का फैसला लिया गया है।

 

एयरपोर्ट रोड पर ट्रैफिक संभालना चुनौती

धरना स्थल एयरपोर्ट रोड के पास होने के कारण पुलिस और प्रशासन के सामने यातायात व्यवस्था बनाए रखना चुनौती रहेगी। धरने में अलग-अलग इलाकों से किसानों के पहुंचने की संभावना है, ऐसे में सड़क पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है। प्रशासन और पुलिस की ओर से सुरक्षा व्यवस्था के साथ ट्रैफिक को सुचारु रखने के इंतजाम किए जाएंगे। धरना स्थल के आसपास पुलिस की तैनाती और यातायात पर निगरानी रखी जाएगी, ताकि प्रदर्शन के कारण आम लोगों को कम से कम परेशानी हो।

 

शांतिपूर्ण प्रदर्शन का भरोसा

किसान संगठनों ने स्पष्ट किया है कि प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बिगड़ने नहीं दी जाएगी। राजेवाल ने भी SSP के साथ बैठक के बाद कहा कि संगठन प्रशासन के साथ सहयोग करेंगे। अब प्रशासन की अनुमति मिलने के बाद 1 सितंबर से शुरू होने वाले सात दिवसीय धरने की तैयारियां तेज हो गई हैं। किसान संगठन अपनी मांगों को लेकर केंद्र सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश करेंगे।

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