चंडीगढ़: गंभीर रूप से बीमार बच्चों के सुरक्षित और बेहतर उपचार को केंद्र में रखते हुए पीजीआईएमईआर में 22 फरवरी तक चौथा एशियन पीडियाट्रिक मैकेनिकल वेंटिलेशन फोरम 2026 आयोजित किया जा रहा है। इस वर्ष सम्मेलन की थीम है— “सेफ, सिंपल एंड सस्टेनेबल स्ट्रेटेजीज इन पीडियाट्रिक मैकेनिकल वेंटिलेशन”, जिसका मुख्य उद्देश्य बच्चों के लिए सुरक्षित और प्रभावी वेंटिलेशन तकनीकों को बढ़ावा देना है।
सम्मेलन में 200 से अधिक प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। 60 से ज्यादा राष्ट्रीय विशेषज्ञों के साथ 20 अंतरराष्ट्रीय फैकल्टी सदस्य भी शामिल हुए हैं, जो एशिया, ब्रिटेन और अमेरिका से आए हैं। बाल गहन चिकित्सा (पीडियाट्रिक क्रिटिकल केयर) के क्षेत्र में यह मंच अनुभव साझा करने और नई तकनीकों पर चर्चा का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान कर रहा है।
कार्यक्रम का उद्घाटन पीजीआईएमईआर के निदेशक विवेक लाल ने मुख्य अतिथि के रूप में किया। उन्होंने कहा कि गंभीर रूप से बीमार बच्चों के इलाज में मैकेनिकल वेंटिलेशन की सही समझ और प्रशिक्षित चिकित्सा टीम जीवन रक्षक साबित होती है। उन्होंने संस्थान के पीडियाट्रिक क्रिटिकल केयर विभाग की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों की विशेष जरूरतों के अनुरूप उपचार प्रणाली विकसित करना समय की मांग है। टोक्यो, जापान से आए विशेषज्ञ सतोषी नाकागावा ने एशियाई देशों के बीच सहयोग को बच्चों की गहन चिकित्सा सेवाओं को मजबूत करने के लिए आवश्यक बताया।
वहीं, पीजीआईएमईआर के पूर्व बाल रोग विभागाध्यक्ष सुनित सिंघी ने कहा कि वेंटिलेशन तकनीकों में सफलता के लिए बच्चों की शारीरिक संरचना और फिजियोलॉजी की गहरी समझ जरूरी है तथा उपचार का केंद्र हमेशा बच्चा होना चाहिए। तीन दिवसीय फोरम में विशेषज्ञ व्याख्यान, पैनल चर्चा और हैंड्स-ऑन कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं। इन सत्रों का उद्देश्य चिकित्सकों को आधुनिक और सुरक्षित वेंटिलेशन तकनीकों का प्रशिक्षण देकर बच्चों की जीवनरक्षा दर को बढ़ाना और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाना है।

