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Chandigarh News: नगर निगम घोटाले के आरोपी बैंक मैनेजर पर एनआरआई महिला से 2.5 करोड़ की ठगी का आरोप

VVinita Kohli
Chandigarh News: नगर निगम घोटाले के आरोपी बैंक मैनेजर पर एनआरआई महिला से 2.5 करोड़ की ठगी का आरोप
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चंडीगढ़: नगर निगम से जुड़े 116 करोड़ रुपये के कथित घोटाले में गिरफ्तार आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के मैनेजर रिभव ऋषि की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। अब एक एनआरआई महिला ने उन पर 2.5 करोड़ रुपये की ठगी का आरोप लगाया है। यूनाइटेड किंगडम के हाउंस्लो की रहने वाली पीड़िता ने सेक्टर-17 थाना, चंडीगढ़ में इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के अनुसार, महिला के परिवार का सेक्टर-21ए, चंडीगढ़ में एक मकान है। वर्ष 2020 में वह अपने पति के साथ इस संपत्ति को बेचने के उद्देश्य से भारत आई थीं। इसी दौरान उनका संपर्क आरोपी रिभव ऋषि के पिता से हुआ, जिसके बाद ऋषि ने उनसे नजदीकी बढ़ाई और भरोसा हासिल किया। 

महिला का आरोप है कि ऋषि के कहने पर उन्होंने सेक्टर-22बी स्थित आईडीएफसी फर्स्ट बैंक शाखा में अपने एनआरआई खाते खुलवाए। ऋषि ने उन्हें भरोसा दिलाया कि बैंक बचत खातों पर भी आकर्षक रिटर्न दे रहा है और उनका पैसा पूरी तरह सुरक्षित रहेगा। इसी भरोसे में उन्होंने अपनी बड़ी धनराशि खातों में जमा रखी। पीड़िता के अनुसार, मार्च-अप्रैल 2020 के दौरान वह भारत में थीं, लेकिन कोविड-19 महामारी के चलते उन्हें यूके लौटना पड़ा। इसके बाद वह केवल 2023 में कुछ समय के लिए भारत आईं, बाकी समय विदेश में ही रहीं। शिकायत में कहा गया है कि वर्ष 2023 से 2024 के बीच ऋषि और बैंक के अन्य अधिकारियों ने उनसे लगातार संपर्क बनाए रखा और उन्हें कथित निवेश योजनाओं तथा आईपीओ से जुड़ी उच्च रिटर्न वाली स्कीमों के बारे में बताया। 

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आरोप है कि उन्हें यह भी कहा गया कि उनके खातों से धनराशि आंतरिक रूप से ट्रांसफर कर निवेश किया जाएगा और इसके लिए किसी अतिरिक्त दस्तावेज की आवश्यकता नहीं होगी। महिला ने बताया कि बैंक अधिकारियों के आश्वासन पर उन्होंने उन्हें अपने फंड प्रबंधित करने की अनुमति दे दी। उन्हें बार-बार यह विश्वास दिलाया गया कि सभी निवेश बैंक समर्थित और सुरक्षित हैं। जनवरी-फरवरी 2025 में महिला ने अपने एनआरआई खाते से पैसे यूके ट्रांसफर करने और मार्च 2025 तक सभी निवेश बंद करने को कहा। ऋषि ने 28 फरवरी तक प्रक्रिया पूरी करने का आश्वासन दिया, लेकिन आरोप है कि वह मई 2025 तक लगातार टालमटोल करता रहा और झूठे आश्वासन देता रहा।

बाद में जांच के दौरान महिला को पता चला कि उनकी राशि का बड़ा हिस्सा ऋषि की पत्नी के खाते में ट्रांसफर किया गया। इसके अलावा कुछ रकम कैपको फिनटेक सर्विसेज जैसी संस्थाओं को भेजी गई और फिर अन्य कंपनियों के माध्यम से घुमाई गई। पीड़िता ने यह भी बताया कि उन्हें बैंक की ओर से ईमेल प्राप्त हुए, जिनमें उनके खातों पर लियन और फ्रीज की जानकारी दी गई थी। यह कार्रवाई राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज शिकायत के आधार पर की गई थी, जिससे उन्हें अपने धन के अनधिकृत उपयोग का संदेह हुआ। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सेक्टर-17 थाना, चंडीगढ़ में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 316(5), 318(4), 338, 336(3), 340(2) और 61(2) के तहत केस दर्ज किया गया है।

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