Chandigarh News: चंडीगढ़ के सेक्टर-28 में शनिवार को सरकारी सड़क के निर्माण को लेकर विवाद हो गया। इस दौरान पूर्व मेयर हरप्रीत कौर बबला के पति देविंदर बबला और उनके भांजे रॉबिन आमने-सामने आ गए। दोनों पक्षों के बीच पहले बहस हुई, फिर गाली-गलौज और धक्कामुक्की शुरू हो गई। कुछ ही देर में विवाद हाथापाई तक पहुंच गया। घटना के कुछ वीडियो भी सामने आए हैं, जिनमें दोनों पक्षों के बीच हुए टकराव को लेकर चर्चा हो रही है। जानकारी के अनुसार, देविंदर बबला का घर सेक्टर-28 में है। उनके घर के सामने सरकारी सड़क का निर्माण हो रहा है। इसी सड़क को लेकर देविंदर और उनके भांजे रॉबिन के बीच कहासुनी हुई। शुरुआत में दोनों पक्षों के बीच बहस होती रही, लेकिन बाद में माहौल तनावपूर्ण हो गया। आरोप है कि दोनों तरफ से एक-दूसरे के साथ धक्कामुक्की की गई और हाथापाई भी हुई।
सड़क निर्माण को लेकर शुरू हुआ यह विवाद उस समय और बढ़ गया, जब दोनों पक्ष एक-दूसरे के सामने आकर बहस करने लगे। मौके पर मौजूद लोगों के बीच भी घटना को लेकर चर्चा रही। हालांकि, सड़क निर्माण के किस पहलू को लेकर विवाद शुरू हुआ और दोनों पक्षों के बीच पहले क्या बातचीत हुई थी, यह पुलिस की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। झगड़े की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मियों ने दोनों पक्षों को अलग करने और विवाद शांत कराने की कोशिश की। इसके बावजूद दोनों के बीच कहासुनी जारी रही। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, पुलिस की मौजूदगी में भी धक्कामुक्की और हाथापाई हुई। घटना के वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा में है। पुलिस अब घटना के क्रम और दोनों पक्षों की भूमिका की जांच कर रही है।
भांजे ने पिस्टल दिखाकर डराने का आरोप लगाया
विवाद के बाद देविंदर बबला के भांजे रॉबिन ने आरोप लगाया कि उनके मामा ने उन्हें पिस्टल दिखाकर डराने की कोशिश की। रॉबिन के इस आरोप के बाद पुलिस के लिए यह जांच करना भी जरूरी हो गया है कि क्या सड़क विवाद के दौरान हथियार दिखाया गया था। हालांकि, इस आरोप की अभी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। दूसरी ओर, देविंदर बबला के पक्ष ने पिस्टल दिखाने के आरोप को बेबुनियाद बताया है। दोनों पक्ष एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत देकर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। ऐसे में पुलिस को दोनों की शिकायतों, उपलब्ध वीडियो और घटनास्थल से जुड़ी जानकारी के आधार पर पूरे घटनाक्रम की पड़ताल करनी होगी। फिलहाल किसी भी पक्ष के आरोप को जांच में साबित हुआ तथ्य नहीं माना जा सकता।
मामले में सेक्टर-26 थाना पुलिस को दोनों पक्षों की शिकायतें मिली हैं। पुलिस विवाद की वजह, हाथापाई के दौरान क्या हुआ और पिस्टल दिखाने के आरोप में कितनी सच्चाई है, इन सभी पहलुओं की जांच कर रही है। सामने आए वीडियो भी जांच में उपयोगी हो सकते हैं, हालांकि किसी वीडियो से पूरी घटना की पुष्टि होती है या नहीं, यह उसकी सामग्री और अन्य साक्ष्यों के आधार पर तय होगा। DSP पी. अभिनंदन ने बताया कि पुलिस को दोनों पक्षों की शिकायतें मिली हैं। पहले शिकायतों और आरोपों की पुष्टि की जाएगी। इसके बाद जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस ने मामले में किसी आरोप को अंतिम रूप से सही ठहराने की बात नहीं कही है।
इस मामले में अब पुलिस की जांच के दौरान दो प्रमुख पहलुओं पर ध्यान रहेगा। पहला, सरकारी सड़क के निर्माण को लेकर विवाद किस वजह से शुरू हुआ और हाथापाई तक कैसे पहुंचा। दूसरा, भांजे की ओर से लगाए गए पिस्टल दिखाकर डराने के आरोप की पुष्टि होती है या नहीं। दोनों पक्षों की शिकायतों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी। घटना के दौरान पुलिसकर्मियों की मौजूदगी के बावजूद विवाद जारी रहने की बात भी सामने आई है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि मौके पर क्या-क्या हुआ और शिकायतों में लगाए गए आरोपों का घटनाक्रम से कितना मेल है। फिलहाल यह मामला पारिवारिक रिश्ते के भीतर हुए विवाद के साथ-साथ सरकारी सड़क निर्माण को लेकर पैदा हुए टकराव से जुड़ा है। देविंदर बबला चंडीगढ़ की पूर्व मेयर हरप्रीत कौर बबला के पति हैं। उनके और भांजे के बीच हुए इस विवाद में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए हैं। पुलिस की जांच पूरी होने और संबंधित साक्ष्यों की पुष्टि के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि घटना में किसकी क्या भूमिका रही और किन आरोपों पर कार्रवाई की जाती है। रविवार सुबह चंडीगढ़ में बदलेगी ट्रैफिक व्यवस्था, मैराथन के चलते सुबह 5 से 9:30 बजे तक ट्रैफिक डायवर्ट

