चंडीगढ़: यूटी प्रशासन के स्वास्थ्य सचिव मंदीप सिंह बराड़ की अध्यक्षता में शुक्रवार को यूटी सचिवालय में आयुष्मान आरोग्य मंदिर और शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर के कार्यों की समीक्षा को लेकर बैठक आयोजित की गई। बैठक में संयुक्त सचिव स्वास्थ्य, निदेशक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण-सह-मिशन निदेशक (एनएचएम), नोडल अधिकारी (एनएचएम) सहित सभी संबंधित मेडिकल ऑफिसर इंचार्ज उपस्थित रहे। बैठक में कहा गया कि आयुष्मान आरोग्य मंदिर और शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं का पहला केंद्र हैं, इसलिए इन्हें मजबूत करना आवश्यक है, ताकि बड़े अस्पतालों पर मरीजों का दबाव कम हो सके।
स्वास्थ्य सचिव ने विभिन्न केंद्रों के कार्यों की समीक्षा करते हुए मेडिकल ऑफिसरों से कमियों, मरीजों के भार और नवाचारों की जानकारी ली। अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में सेवाओं की स्थिति और सुधार के प्रयासों से अवगत कराया। स्वास्थ्य सचिव ने सभी स्वास्थ्य संस्थानों को पेपरलेस बनाने की आवश्यकता पर बल दिया तथा हॉस्पिटल मैनेजमेंट इन्फॉर्मेशन सिस्टम को और अधिक सुदृढ़ एवं उपयोगकर्ता अनुकूल बनाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही मेडिकल ऑफिसरों को निर्देश दिए गए कि मरीजों, विशेषकर बुजुर्गों के साथ संवेदनशील व्यवहार सुनिश्चित किया जाए। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की सूची के अनुसार दवाओं और जांच सेवाओं की उपलब्धता बनाए रखने के भी निर्देश दिए गए। बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने और आम लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।

