चंडीगढ़: चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर शुक्रवार को भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। पंजाब के राज्यपाल और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने एयरपोर्ट पहुंचकर उनका अभिवादन किया। राष्ट्रपति शिमला से दिल्ली जाते समय ट्रांजिट हॉल्ट के दौरान कुछ समय के लिए चंडीगढ़ में रुकीं। इस मौके पर वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे और उन्होंने राष्ट्रपति का औपचारिक स्वागत किया। इस दौरान राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने राष्ट्रपति से मुलाकात की और उन्हें सम्मानपूर्वक अभिवादन किया। उनके साथ चीफ सेक्रेटरी एच. राजेश प्रसाद, वित्त मंत्री हरपाल चीमा और पंजाब के डीजीपी गौरव यादव सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। सभी अधिकारियों ने प्रोटोकॉल के तहत राष्ट्रपति का स्वागत किया और संक्षिप्त बातचीत में हिस्सा लिया। यह मुलाकात औपचारिक होने के साथ-साथ प्रशासनिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
शहर के विकास पर चर्चा
ट्रांजिट ठहराव के दौरान प्रशासक कटारिया ने राष्ट्रपति को चंडीगढ़ के विकास से जुड़े अहम मुद्दों की जानकारी दी। उन्होंने शहर में चल रही विभिन्न परियोजनाओं, बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के प्रयासों और ट्रैफिक प्रबंधन से जुड़े कदमों के बारे में विस्तार से बताया। इसके अलावा स्वच्छता अभियान और स्मार्ट सिटी मिशन के तहत हो रहे कार्यों पर भी चर्चा की गई। बैठक में शहर में नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने और पर्यावरण संरक्षण पर भी विशेष जोर दिया गया। हरित क्षेत्रों के विस्तार, शहरी योजना और सतत विकास से जुड़े विषयों पर भी विचार-विमर्श हुआ। प्रशासन द्वारा भविष्य में लागू की जाने वाली योजनाओं और शहर को आधुनिक बनाने के प्रयासों की जानकारी भी राष्ट्रपति के साथ साझा की गई।
बताया गया कि इस दौरान चंडीगढ़ को और सुव्यवस्थित और तकनीकी रूप से उन्नत बनाने के लिए प्रस्तावित योजनाओं पर भी चर्चा हुई। प्रशासन शहर के समग्र विकास के लिए नई पहल करने की दिशा में काम कर रहा है। इस संदर्भ में राष्ट्रपति को विभिन्न योजनाओं की रूपरेखा से अवगत कराया गया, ताकि भविष्य में इन परियोजनाओं को और गति दी जा सके। ट्रांजिट हॉल्ट समाप्त होने के बाद जब राष्ट्रपति दिल्ली के लिए रवाना होने लगीं, तो एयरपोर्ट पर उन्हें औपचारिक प्रोटोकॉल के तहत सम्मानपूर्वक विदाई दी गई। राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया स्वयं इस मौके पर मौजूद रहे। एयरपोर्ट पर मौजूद अधिकारियों और प्रशासनिक टीम ने राष्ट्रपति को सलामी दी और उनका काफिला निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार दिल्ली के लिए रवाना हो गया।
