चंडीगढ़: राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में चंडीगढ़ प्रशासन के सांस्कृतिक कार्य विभाग की ओर से मंगलवार को रानी लक्ष्मी बाई महिला भवन, सेक्टर-38 में एक गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया। इस अवसर पर चंडीगढ़ के मुख्य सचिव एच. राजेश प्रसाद मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। यह आयोजन भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा 7 नवंबर, 2025 से 7 नवंबर, 2026 तक मनाए जा रहे वर्षव्यापी उत्सव का हिस्सा था। इसी क्रम में 23 से 30 मार्च, 2026 तक ‘शहीदी दिवस’ को समर्पित विशेष चरण आयोजित किया जा रहा है, जो शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के अद्वितीय बलिदान को नमन करता है।
कार्यक्रम के दौरान शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित कर उनकी वीरता और त्याग को याद किया गया। शुरुआत स्वतंत्रता सेनानियों को पुष्पांजलि अर्पित करने से हुई, जिसके बाद विद्यार्थियों ने ‘वंदे मातरम्’ की भावपूर्ण प्रस्तुति देकर वातावरण को देशभक्ति से सराबोर कर दिया। इस अवसर पर राष्ट्रीय गीत के ऐतिहासिक महत्व पर आधारित एक लघु फिल्म भी दिखाई गई, जिसमें बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की उस कल्पना को उकेरा गया, जिसमें उन्होंने भारत माता को शक्ति, भक्ति और राष्ट्र चेतना के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया। इसके साथ ही देशभक्ति गीतों की प्रस्तुतियाँ और ‘शहीदी दिवस’ पर आधारित एक नाट्य मंचन भी कार्यक्रम का हिस्सा रहे।
अपने संबोधन में मुख्य सचिव एच. राजेश प्रसाद ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष का यह अवसर हमें स्वतंत्रता सेनानियों के सर्वोच्च बलिदानों को स्मरण करने और उनसे प्रेरणा लेने का अवसर देता है। उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी भले ही स्वतंत्रता संग्राम को पुस्तकों और कहानियों के माध्यम से जानती हो, लेकिन ऐसे आयोजन उस राष्ट्रभावना को जीवंत करते हैं, जिसने रानी लक्ष्मी बाई, मंगल पांडे, तांत्या टोपे, भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव जैसे वीरों को प्रेरित किया। उन्होंने नागरिकों से आह्वान किया कि वे अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन करते हुए 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाएं।
इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्य निदेशक सौरभ अरोड़ा, चंडीगढ़ ललित कला अकादमी के अध्यक्ष भीम मल्होत्रा और संगीत नाटक अकादमी के अध्यक्ष सुखमिंदर कौर बराड़ सहित प्रशासन के अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में नागरिकों को 23 से 31 मार्च, 2026 के बीच vandemataram150.in पोर्टल पर पंजीकरण कर इस उत्सव में भाग लेने का निमंत्रण दिया गया। प्रतिभागी ‘वंदे मातरम्’ की अपनी प्रस्तुति का वीडियो या सेल्फी साझा कर सकते हैं, जिनका चयन होने पर उन्हें डिजिटल प्रमाणपत्र प्रदान किया जाएगा।

