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Chandigarh News: ‘नो व्हीकल डे’ पर डीसी पैदल ऑफिस पहुंचे, अधिकारी साइकिल से पहुंचे, पेट्रोल-डीजल बचाने के लिए प्रशासन की नई पहल

VVinita Kohli
Chandigarh News: ‘नो व्हीकल डे’ पर डीसी पैदल ऑफिस पहुंचे, अधिकारी साइकिल से पहुंचे, पेट्रोल-डीजल बचाने के लिए प्रशासन की नई पहल
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चंडीगढ़: चंडीगढ़ प्रशासन ने बुधवार को शहर में ‘नो व्हीकल डे’ अभियान की शुरुआत की। पश्चिमी एशिया में बने युद्ध जैसे हालातों और पेट्रोल-डीजल बचाने की अपील के बीच प्रशासन ने सरकारी कार्यालयों में इस पहल को लागू किया। अभियान के तहत सरकारी अधिकारी और कर्मचारी पैदल, साइकिल, बस और अन्य सार्वजनिक साधनों से ऑफिस पहुंचे। चंडीगढ़ के उपायुक्त निशांत कुमार यादव पैदल दफ्तर जाते दिखाई दिए, जबकि कई अधिकारियों ने साइकिल का इस्तेमाल किया। प्रशासन की इस पहल को ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा से जोड़कर देखा जा रहा है।

प्रशासक कटारिया ने दिखाई गंभीरता

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‘नो व्हीकल डे’ के तहत अधिकारियों और कर्मचारियों ने सरकारी वाहनों का इस्तेमाल नहीं किया। प्रशासन ने कर्मचारियों की सुविधा के लिए सरकारी बसों की व्यवस्था भी की थी ताकि उन्हें दफ्तर पहुंचने में परेशानी न हो। कई विभागों के कर्मचारी साझा वाहनों और सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करते नजर आए।

गुलाब चंद कटारिया ने इस अभियान को लेकर गंभीरता दिखाई है। उन्होंने पहले ही स्पष्ट किया था कि इस मुहिम की शुरुआत सरकारी कार्यालयों से की जाएगी। प्रशासन का मानना है कि इससे ईंधन की बचत के साथ लोगों में जागरूकता भी बढ़ेगी।

शिक्षण संस्थानों में भी लागू होगी पहल

प्रशासक ने कहा है कि आने वाले समय में इस अभियान को शिक्षण संस्थानों तक भी बढ़ाया जाएगा। स्कूलों और कॉलेजों में भी छात्रों और शिक्षकों को सार्वजनिक परिवहन और साइकिल के उपयोग के लिए प्रेरित किया जाएगा। प्रशासन इसे लंबे समय तक चलने वाले जनजागरूकता अभियान के रूप में देख रहा है।

चंडीगढ़ प्रशासन आने वाले दिनों में वीआईपी काफिलों में शामिल वाहनों की संख्या भी कम करने की तैयारी कर रहा है। प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने बताया कि इस संबंध में सुरक्षा विभाग को पत्र भेजा जा चुका है। जल्द ही इस दिशा में अंतिम फैसला लिया जाएगा ताकि ईंधन की खपत कम हो सके और लोगों के सामने उदाहरण पेश किया जा सके।

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