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Chandigarh News: कलाग्राम में तैयार होगा अत्याधुनिक ऑडिटोरियम, सांस्कृतिक गतिविधियों को मिलेगा नया आयाम

VVinita Kohli
Chandigarh News: कलाग्राम में तैयार होगा अत्याधुनिक ऑडिटोरियम, सांस्कृतिक गतिविधियों को मिलेगा नया आयाम
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चंडीगढ़: उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र (एनडेजसीसी) की गवर्निंग बॉडी की उदयपुर में हुई बैठक में चंडीगढ़ के कलाग्राम को लेकर अहम फैसले लिए गए। बैठक में टैगोर कल्चरल कॉम्प्लेक्स योजना के तहत कलाग्राम में अत्याधुनिक ऑडिटोरियम निर्माण को मंजूरी दी गई, जिससे शहर की सांस्कृतिक गतिविधियों को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। इस प्रोजेक्ट के तहत बनने वाले ऑडिटोरियम के लिए लगभग 40 प्रतिशत राशि (करीब 5.6 करोड़ रुपये) चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा वहन की जाएगी। केंद्र और प्रशासन के संयुक्त प्रयास से बनने वाला यह ढांचा कलाकारों, रंगकर्मियों और सांस्कृतिक आयोजनों के लिए एक प्रमुख मंच के रूप में विकसित होगा। 

बैठक में राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख के प्रतिनिधियों तथा मनोनीत सदस्यों ने भाग लिया। संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार की अतिरिक्त सचिव ने भी ऑनलाइन माध्यम से बैठक में सहभागिता कर अपने सुझाव दिए। बैठक में कलाग्राम में ही 2.54 करोड़ रुपये की लागत से मल्टीपर्पज हॉल के निर्माण की प्रक्रिया को भी तेज करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों को टेंडर प्रक्रिया शीघ्र शुरू करने के लिए कहा गया है, ताकि परियोजना समयबद्ध तरीके से पूरी हो सके। कलाग्राम, जो पहले से ही उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र की गतिविधियों का प्रमुख केंद्र रहा है, अब इन नई परियोजनाओं के साथ और अधिक सक्रिय सांस्कृतिक हब के रूप में उभरेगा। 

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यहां राष्ट्रीय क्राफ्ट मेला, लोक कला प्रदर्शनियों और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन नियमित रूप से किया जाता है। बैठक में सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने हेतु महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इसके तहत चंडीगढ़ में कश्मीर एवं लद्दाख उत्सव, राजस्थान में पंजाब उत्सव तथा कश्मीर में राजस्थान उत्सव आयोजित करने की विस्तृत रूपरेखा तैयार करने के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त, सदस्य राज्यों के लोक कलाकारों एवं युवा कलाकारों को दिए जाने वाले वार्षिक पुरस्कारों को भी अनुमोदित किया गया। कुल 12 लाख रुपये की पुरस्कार राशि केंद्र के अध्यक्ष एवं राज्यपाल द्वारा अपने कोष से प्रदान की जाती है, जो इस केंद्र की एक विशिष्ट पहल है। 

बैठक में वर्ष 2024-25 के लिए 14.56 करोड़ रुपये के व्यय को स्वीकृति दी गई, जबकि वर्ष 2025-26 के लिए 15 करोड़ रुपये का कार्यक्रम व्यय प्रस्तावित किया गया। साथ ही 5.10 करोड़ रुपये के स्थापना व्यय को भी अनुमोदित किया गया। पटियाला स्थित केंद्र के कार्यालय के 4 करोड़ रुपये के रेनोवेशन कार्य तथा आवंटित भूमि पर चारदीवारी निर्माण कार्य में तेजी लाने पर भी जोर दिया गया। 

बैठक में इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की गई कि गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों का नोडल दायित्व उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र को सौंपा गया था, जिसे केंद्र ने कुशलता और मितव्ययता के साथ सफलतापूर्वक संपन्न किया। करीब 2700 कलाकारों की भागीदारी वाले इस भव्य आयोजन को विशेष ज्यूरी अवार्ड भी प्राप्त हुआ। उल्लेखनीय है कि 22.5 करोड़ रुपये के स्वीकृत बजट के मुकाबले यह कार्यक्रम मात्र 15 करोड़ रुपये में पूरा किया गया।

प्रशासक बोले, विभिन्न राज्यों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान जरूरी

बैठक की अध्यक्षता कर रहे केंद्र के अध्यक्ष एवं पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने अपने संबोधन में देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए विभिन्न राज्यों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान को आवश्यक बताया। उन्होंने युवाओं में छिपी प्रतिभाओं की पहचान और उन्हें मंच प्रदान करने के लिए एक सशक्त प्रणाली विकसित करने पर भी जोर दिया। 

इस दौरान केंद्र द्वारा आयोजित विभिन्न प्रमुख आयोजनों—चंडीगढ़ का राष्ट्रीय क्राफ्ट मेला, कुरुक्षेत्र की गीता जयंती, पटियाला और जालंधर के प्रसिद्ध संगीत समारोह, लद्दाख का सिंधु दर्शन, दिल्ली के लाल किला परिसर में आयोजित भारत पर्व तथा जयपुर का लोकरंग—की सराहना की गई। साथ ही मासिक नाट्य संध्या और तीज उत्सव को पुनर्जीवित करने के प्रयासों को भी सराहा गया। बैठक के अंत में सभी सदस्यों ने केंद्र की गतिविधियों की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए अध्यक्ष का आभार व्यक्त किया। धन्यवाद प्रस्ताव के साथ बैठक का समापन हुआ।

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