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Chandigarh News: मानसिक परेशानी का फायदा उठाकर 40 लाख की ठगी, फर्जी तांत्रिक गिरफ्तार

VVinita Kohli
Chandigarh News: मानसिक परेशानी का फायदा उठाकर 40 लाख की ठगी, फर्जी तांत्रिक गिरफ्तार
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चंडीगढ़: यदि आप मानसिक कष्ट से गुजर रहे हैं और उससे छुटकारा पाने के लिए सोशल मीडिया पर तथाकथित तांत्रिकों या मौलवियों के विज्ञापनों से आकर्षित होकर अपनी समस्या का समाधान ढूंढ रहे हैं, तो यह गलती भूलकर भी मत कीजिए। क्योंकि यह आपको राहत नहीं बल्कि और गहरे तनाव, आर्थिक नुकसान और ब्लैकमेलिंग के जाल में धकेल सकती है। ऐसा ही एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें चंडीगढ़ पुलिस के साइबर क्राइम थाना पुलिस ने खुद को तांत्रिक और मौलवी बताकर लोगों को ठगने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने पीड़िता की भावनात्मक कमजोरी का फायदा उठाते हुए उससे करीब 40 लाख रुपये और सोने के आभूषण ठग लिए।

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पुलिस के अनुसार पीड़िता पारिवारिक समस्याओं के कारण मानसिक रूप से परेशान थी। इसी दौरान उसकी नजर फेसबुक और इंस्टाग्राम पर चल रहे विज्ञापनों पर पड़ी, जिनमें घरेलू क्लेश, प्रेम संबंध, बीमारी और अन्य निजी परेशानियों का समाधान कराने का दावा किया गया था। संपर्क करने पर ठगों ने खुद को कभी “तांत्रिक बाबा” तो कभी “मौलवी” बताकर उससे बातचीत शुरू की। पीड़िता की कमजोर मानसिक स्थिति का फायदा उठाते हुए उन्होंने धीरे-धीरे उसका विश्वास जीता और अलौकिक खतरों और बुरे परिणामों के झूठे दावे करके उसे भयभीत किया। साथ ही, उन्होंने पैसे देने पर राहत देने का झूठा आश्वासन भी दिया। फरवरी 2024 से मई 2025 के बीच पीड़िता से अलग-अलग बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करवाए गए। इतना ही नहीं, उसे चंडीगढ़ में करीब 150 ग्राम सोने के गहने भी देने के लिए राजी कर लिया गया। कुल ठगी की रकम लगभग 40 लाख रुपये आंकी गई है।

मोबाइल नंबर और बैंक खातों की कड़ियों ने पहुंचाया आरोपी तक

जांच के दौरान पुलिस ने संबंधित टेलीकॉम कंपनियों और बैंकों से कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), कस्टमर एप्लीकेशन फॉर्म (सीएएफ) और बैंक केवाईसी दस्तावेज हासिल किए। जांच में सामने आया कि दो बैंक खाते—एक बैंक ऑफ बड़ौदा और दूसरा केनरा बैंक—आरोपी रोहित भार्गव के नाम पर संचालित थे। पीड़िता से संपर्क में इस्तेमाल किए गए कई मोबाइल नंबर भी उसी से जुड़े पाए गए। वरिष्ठ अधिकारियों से अनुमति मिलने के बाद 4 फरवरी 2026 को राजस्थान के झुंझुनूं में छापा मारा गया, जहां से आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर लिया गया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से एक वीवो मोबाइल फोन सक्रिय सिम सहित और एक आईफोन 16 प्रो सक्रिय सिम सहित बरामद किया गया। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि एक मोबाइल नंबर का इस्तेमाल आरोपी “मौलाना बरखत खान” बनकर करता था, जबकि एक अन्य मोबाइल नंबर से वह “दिलबर शाह” की फर्जी पहचान बनाकर पीड़िता से संपर्क करता था।

ठगी से जुटाई गई रकम और सोना आपस में बांट लेते थे आरोपी

पूछताछ के दौरान आरोपी ने स्वेच्छा से कबूल किया कि वह अपने एक साथी के साथ मिलकर फेसबुक और इंस्टाग्राम पर फर्जी धार्मिक पहचान बनाकर भ्रामक विज्ञापन डालता था और खासतौर पर महिलाओं को निशाना बनाता था। शुरुआत में पीड़ितों से छोटी रकम जमा करवाई जाती थी, लेकिन बाद में डर पैदा कर, धमकियां देकर और अलौकिक खतरे का झांसा देकर उनसे बार-बार पैसे ऐंठे जाते थे। आरोपी ने यह भी बताया कि ठगी से प्राप्त नकदी और सोने के गहने वह अपने साथी के साथ बराबर-बराबर बांट लेते थे।

ऑनलाइन तंत्र-मंत्र के दावे पड़ सकते हैं महंगे, पुलिस ने जारी की चेतावनी

साइबर अपराध से बचाव के लिए पुलिस ने आम जनता को सतर्क रहने की सलाह दी है। यूट्यूब, फेसबुक, इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर दिखने वाले ऐसे विज्ञापनों पर भरोसा न करें जो गारंटीड मुनाफे या चमत्कारी समाधान का दावा करते हों। अनजान लोगों से अपनी निजी या पारिवारिक समस्याएं साझा करने से बचें, क्योंकि ठग भावनात्मक कमजोरी का फायदा उठाते हैं। डर, धमकी या अलौकिक खतरे का हवाला देकर पैसे मांगना धोखाधड़ी का संकेत है। बिना पहचान सत्यापित किए किसी तथाकथित तांत्रिक या मौलवी को भुगतान न करें, बैंक विवरण या ओटीपी साझा न करें। किसी भी संदिग्ध घटना की तुरंत साइबर क्राइम थाने या राष्ट्रीय पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते कार्रवाई हो सके।

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