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Chandigarh News: रेड लाइट पर खड़ी बाइक को थार ने मारी टक्कर, सहारनपुर के मदरसे में पढ़ाने वाले दो शिक्षकों की मौत

VVinita Kohli
Chandigarh News: रेड लाइट पर खड़ी बाइक को थार ने मारी टक्कर, सहारनपुर के मदरसे में पढ़ाने वाले दो शिक्षकों की मौत
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चंडीगढ़: मनीमाजरा क्षेत्र के हाउसिंग बोर्ड लाइट प्वाइंट पर एक तेज रफ्तार काली थार ने सड़क किनारे रेड सिग्नल पर खड़ी बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में बाइक सवार दो शिक्षकों की मौत हो गई। दोनों सहारनपुर के मदरसे में पढ़ाते थे।  टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों उछलकर दूर जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए। 

पुलिस के अनुसार दोनों शिक्षक उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से किसी निजी काम के सिलसिले में चंडीगढ़ आए थे। काम समाप्त करने के बाद वे बाइक से वापस लौट रहे थे। रात के समय जब वे मनीमाजरा स्थित ट्रैफिक सिग्नल पर रेड लाइट होने के कारण रुके हुए थे, तभी पीछे से तेज गति से आ रही थार ने उनकी मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मार दी।

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प्रत्यक्षदर्शियों ने तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को तत्काल पीजीआई पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में आई गंभीर चोटों के कारण दोनों ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।

हादसे के बाद थार चालक मौके से फरार हो गया था। हालांकि पुलिस का दावा है कि आरोपी को बाद में गिरफ्तार कर लिया गया है और वाहन भी बरामद कर लिया गया है। मामले में संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है।

मृतकों के परिजनों ने आरोप लगाया है कि वाहन चालक एक पुलिसकर्मी का बेटा है और उसे बचाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है। दोनों शिक्षक अपने-अपने परिवार के सहारा थे। इस हादसे से उनके परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और क्षेत्र में भी शोक का माहौल है।

वाहनों की बढ़ती भीड़ के बीच सड़क सुरक्षा पर गहराया संकट

चंडीगढ़ में जहां वाहनों की संख्या आबादी से अधिक हो चुकी है, वहीं सड़क हादसे गंभीर चिंता का विषय बन गए हैं। वर्ष 2021 से 2025 के बीच शहर में कुल 987 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें 407 लोगों की जान गई और 836 लोग घायल हुए। आंकड़ों के मुताबिक औसतन हर दो दिन में एक हादसा, हर चार दिन में एक मौत और लगभग हर दो दिन में एक व्यक्ति घायल हुआ। शहर में करीब 12.5 लाख की अनुमानित आबादी के मुकाबले 14.27 लाख वाहन पंजीकृत हैं। इस तरह प्रति 1,000 लोगों पर 1,142 वाहन दर्ज हैं, जो राष्ट्रीय औसत 280 से चार गुना से भी अधिक है।

प्रतिदिन औसतन 104 नए वाहन सड़कों पर उतर रहे हैं। आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2022 में दुर्घटनाएं अपने चरम पर रहीं, जब 237 हादसे और 203 घायल मामलों की रिकॉर्ड संख्या सामने आई। इसके बाद 2023 और 2024 में कुछ गिरावट दर्ज की गई। वर्ष 2023 में 67 घातक हादसे हुए, जबकि 2024 में कुल दुर्घटनाएं घटकर 169 रह गईं और 133 लोग घायल हुए। हालांकि 2025 में स्थिति फिर बिगड़ती नजर आई। घातक हादसों में 15.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ यह संख्या 83 पहुंच गई, मौतें बढ़कर 86 हो गईं और कुल दुर्घटनाएं 191 दर्ज की गईं। एक ही वर्ष में दो साल की सुधार की रफ्तार थम गई, जिससे सड़क सुरक्षा को लेकर नई चिंता खड़ी हो गई है।

पिछले एक साल में शहर की सड़कों पर हुए कुछ बड़े और घातक हादसे

15 फरवरी 2026:  सेक्टर-5/8 टर्न, हीरा सिंह चौक के पास – महाशिवरात्रि के दिन तेज रफ्तार कार ने सेक्टर-5 और 8 के बीच मोड़ पर एक ई-रिक्शा और साइकिल सवार को पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर के बाद कार बेकाबू होकर अन्य वाहनों से भी भिड़ी। हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हुए। घायलों को जीएमएसएच-16 ले जाया गया, जहां एक महिला को पीजीआई रेफर किया गया और उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर चालक को हिरासत में लिया। प्रारंभिक जांच में चालक के नशे में होने की आशंका जताई गई।

10 मार्च 2025:  सेक्टर-4 पेट्रोल पंप के पास – एक तेज रफ्तार पोर्श कार ने सेक्टर-4 स्थित पेट्रोल पंप के नजदीक दो स्कूटरों को टक्कर मार दी। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि एक स्कूटर सवार व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो महिलाएं घायल हो गईं। टक्कर के बाद कार फिसलते हुए बिजली के खंभे से जा टकराई, जिससे खंभा भी क्षतिग्रस्त हो गया। एक स्कूटर पूरी तरह टूट गया और कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। पुलिस ने कार जब्त कर चालक को हिरासत में ले लिया और मामले की जांच शुरू की।

14 मार्च 2025:  जीरकपुर-चंडीगढ़ बैरियर – तड़के करीब 2:30 बजे जीरकपुर-चंडीगढ़ बैरियर पर पुलिस नाके के दौरान एक तेज रफ्तार कार ने चेकिंग कर रहे पुलिसकर्मियों को टक्कर मार दी। हादसे में एक पुलिस कांस्टेबल, एक होमगार्ड स्वयंसेवक और एक अन्य व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई। बताया गया कि उस समय वाहन जांच की प्रक्रिया चल रही थी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि तीनों को संभलने का मौका नहीं मिला।

चंडीगढ़ के चार ‘ब्लैक स्पॉट’ बने जानलेवा

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अनुसार, किसी राष्ट्रीय राजमार्ग के 500 मीटर के ऐसे हिस्से को ‘ब्लैक स्पॉट’ माना जाता है, जहां लगातार तीन वर्षों में पांच या उससे अधिक घातक/गंभीर दुर्घटनाएं या कम से कम 10 मौतें दर्ज हों। आधिकारिक आँकड़ों (2023–2025) के मुताबिक चंडीगढ़ में कुल चार ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए गए हैं—एक एनएच-05 पर और तीन शहरी सड़कों पर सबसे अधिक दुर्घटनाग्रस्त हिस्सा एनएच-05 पर हल्लोमाजरा से पोल्ट्री फार्म चौक के बीच का है, जहां तीन वर्षों में नौ हादसे और उतनी ही मौतें दर्ज हुईं। शहर की सड़कों पर मध्य मार्ग स्थित कलाग्राम और हाउसिंग बोर्ड लाइट प्वाइंट, तथा धनास की मिल्क कॉलोनी लाइट प्वाइंट पर भी तीन साल में पांच या उससे अधिक हादसों में पांच-पांच लोगों की जान गई।

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