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Chandigarh News: नए मेयर की पहली मीटिंग में हंगामा, सदन में AAP-कांग्रेस पार्षदों का प्रदर्शन, अधिकारियों के सस्पेंशन के आदेश

VVinita Kohli
Chandigarh News: नए मेयर की पहली मीटिंग में हंगामा, सदन में AAP-कांग्रेस पार्षदों का प्रदर्शन, अधिकारियों के सस्पेंशन के आदेश
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चंडीगढ़: चंडीगढ़ नगर निगम के नए मेयर सौरभ जोशी की अगुवाई में बुधवार को पहली निगम बैठक आयोजित की गई, लेकिन बैठक की शुरुआत से ही माहौल तनावपूर्ण रहा। जैसे ही डिप्टी मेयर सुमन शर्मा मेयर की कुर्सी पर बैठीं, आम आदमी पार्टी (AAP) के पार्षदों ने विरोध और हंगामा शुरू कर दिया। सदन में तीखी नोकझोंक देखने को मिली और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया।

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पार्टी बदलने को लेकर तीखी बयानबाजी

हंगामे के बीच डिप्टी मेयर सुमन शर्मा ने AAP पर निशाना साधते हुए कहा कि सबने देखा है कि किस तरह एक परिवार को टॉर्चर किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि “शहर के गद्दार अंदर ही बैठे हैं” और उन्हें उकसाया न जाए। सुमन ने कहा कि जो व्यक्ति अपनी ही पार्टी को अंदर से कमजोर करता है, उसे दूसरों को सीख देने का अधिकार नहीं है। उल्लेखनीय है कि सुमन शर्मा पहले आम आदमी पार्टी में थीं, लेकिन बाद में पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गईं और भाजपा के समर्थन से डिप्टी मेयर चुनी गईं। यही मुद्दा सदन में राजनीतिक टकराव का कारण बना।

गौशाला मामले पर विपक्ष का प्रदर्शन

बैठक के दौरान जैसे ही गौशाला से जुड़े मामले पर चर्चा शुरू हुई, कांग्रेस और AAP के पार्षद नारेबाजी करते हुए सदन के बीच आ गए। पार्षदों ने आरोप लगाया कि गौशाला में शुरू किया गया नया प्लांट बंद क्यों पड़ा है और उसकी जांच रिपोर्ट सार्वजनिक क्यों नहीं की गई। उन्होंने “गौ हत्या बंद करो” लिखे पोस्टर हाथ में लेकर विरोध जताया। पार्षदों का कहना था कि जिन गायों की मौत हुई, उन्हें सम्मानपूर्वक दफनाने के बजाय फेंका गया, जो बेहद गंभीर मामला है। उन्होंने इस पूरे प्रकरण की जांच के लिए स्वतंत्र कमेटी गठित करने की मांग की। इस पर निगम कमिश्नर ने कहा कि मामले की जांच पहले दिन से की जा रही है। वहीं मेयर सौरभ जोशी ने आश्वासन दिया कि जांच के लिए एक कमेटी बनाई जाएगी, जो पूरे मामले की विस्तृत पड़ताल कर रिपोर्ट देगी।


अधिकारियों पर लापरवाही के आरोप

बैठक के दौरान ट्यूबवेल मोटर खराब होने के मुद्दे पर भी तीखी चर्चा हुई। सीनियर डिप्टी मेयर जसमनप्रीत सिंह ने कहा कि जनता उन्हें पकड़ती है और शिकायतें करती है, लेकिन संबंधित अधिकारी फोन स्विच ऑफ कर बैठ जाते हैं। उन्होंने प्रशासनिक लापरवाही पर नाराजगी जताई। इस पर निगम कमिश्नर अमित कुमार ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि यदि किसी अधिकारी ने फोन नहीं उठाया है तो उसका नाम बताया जाए, तुरंत कार्रवाई की जाएगी। हालांकि जसमनप्रीत सिंह ने किसी अधिकारी का नाम नहीं लिया। इसके बाद कमिश्नर ने चीफ इंजीनियर को निर्देश दिए कि संबंधित क्षेत्र के जूनियर इंजीनियर (JE) और सब डिविजनल ऑफिसर (SDO) को निलंबित किया जाए, क्योंकि जमीनी स्तर पर पहली जिम्मेदारी उन्हीं की होती है।

राजनीतिक और प्रशासनिक तनाव के बीच बैठक जारी

नगर निगम की इस पहली बैठक में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप, नारेबाजी और प्रशासनिक जवाबदेही के मुद्दों ने माहौल गरमा दिया। हालांकि मेयर और कमिश्नर ने आश्वासन दिया कि सभी मुद्दों की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी। हंगामे के बीच भी बैठक की कार्यवाही जारी रही, लेकिन साफ था कि नई निगम टीम के सामने राजनीतिक समन्वय और प्रशासनिक अनुशासन बनाए रखना बड़ी चुनौती रहेगा।

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