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Chandigarh News: पश्चिमी कमान को मिला नया नेतृत्व, ले. जनरल पुष्पेंद्र सिंह ने संभाली कमान

VVinita Kohli
Chandigarh News: पश्चिमी कमान को मिला नया नेतृत्व, ले. जनरल पुष्पेंद्र सिंह ने संभाली कमान
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चंडीगढ़: भारतीय सेना की पश्चिमी कमान को नया नेतृत्व मिल गया है। लेफ्टिनेंट जनरल पुष्पेंद्र सिंह ने बुधवार को चंडीमंदिर स्थित मुख्यालय में जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (जीओसी-इन-सी) के रूप में कार्यभार संभाल लिया। उन्होंने लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार कटियार का स्थान लिया, जो 31 मार्च को अपने सफल कार्यकाल के बाद सेवानिवृत्त हो गए। स्पेशल फोर्सेस पृष्ठभूमि से आने वाले लेफ्टिनेंट जनरल पुष्पेंद्र सिंह का सैन्य करियर लगभग चार दशकों का रहा है। उन्हें दिसंबर 1987 में पैराशूट रेजिमेंट (स्पेशल फोर्सेस) की चौथी बटालियन में कमीशन मिला था। 

वे भारतीय सैन्य अकादमी, देहरादून और लखनऊ यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्र हैं। अपने लंबे करियर में उन्होंने देश की उत्तरी और पश्चिमी सीमाओं के संवेदनशील और उच्च ऊंचाई वाले क्षेत्रों में विभिन्न सैन्य फॉर्मेशन की कमान संभाली है। उनके ऑपरेशनल अनुभव में श्रीलंका में ऑपरेशन पवन में भागीदारी के अलावा नियंत्रण रेखा (एलओसी) और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर कई काउंटर-इंसर्जेंसी अभियानों का नेतृत्व शामिल है। इससे पहले वे सेना मुख्यालय में वाइस चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ के पद पर तैनात थे। इस भूमिका में उन्होंने सेना की संरचना, क्षमता विकास और समग्र ऑपरेशनल तैयारी को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। 

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वाइस चीफ बनने से पहले उन्होंने महानिदेशक परिचालन लॉजिस्टिक्स (डीजीओएल) के रूप में भी कार्य किया, जहां उन्होंने ऑपरेशनल मोबिलिटी, लॉजिस्टिक्स एकीकरण और सैन्य स्थायित्व क्षमताओं को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई। उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों में कॉलेज ऑफ डिफेंस मैनेजमेंट, सिकंदराबाद से डिफेंस मैनेजमेंट कोर्स और भारतीय लोक प्रशासन संस्थान से एडवांस्ड प्रोफेशनल प्रोग्राम शामिल हैं। इसके अलावा उनके पास पंजाब यूनिवर्सिटी से दर्शनशास्त्र में मास्टर डिग्री भी है।

सेवा के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन और वीरता के लिए उन्हें अति विशिष्ट सेवा मेडल और सेना मेडल (दो बार) से सम्मानित किया जा चुका है। कार्यभार संभालने के बाद लेफ्टिनेंट जनरल पुष्पेंद्र सिंह ने कहा कि उनकी प्राथमिकता पश्चिमी कमान की उच्च स्तर की ऑपरेशनल तैयारी को बनाए रखना, नवाचार को बढ़ावा देना और सभी रैंकों के सैनिकों के कल्याण व मनोबल को सुनिश्चित करना रहेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आने वाले समय में कमान बहु-क्षेत्रीय अभियानों, ड्रोन और काउंटर-ड्रोन जैसी आधुनिक तकनीकों के समावेश, इंटेलिजेंस आधारित ऑपरेशन्स और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास पर विशेष ध्यान देगी।

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