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होली पर भगवान नृसिंह की शोभायात्रा का नेतृत्व करेंगे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

JJagmarg Desk
होली पर भगवान नृसिंह की शोभायात्रा का नेतृत्व करेंगे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
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गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं गोरक्ष पीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ बुधवार को भगवान नृसिंह की शोभायात्रा की अगुवाई करेंगे।

राज्य सरकार द्वारा मंगलवार को यहां जारी एक बयान के मुताबिक मुख्यमंत्री गोरखपुर में बुधवार की सुबह श्री होलिकोत्सव समिति और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के बैनर तले निकलने वाली भगवान नृसिंह की शोभायात्रा की अगुवाई करके दशकों से जारी इस परंपरा का निर्वाह करेंगे।

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गोरखपुर में वर्ष 1944 में संघ के प्रचारक नाना जी देशमुख द्वारा शुरू की गई भगवान नृसिंह रंगोत्सव शोभायात्रा का गोरक्षपीठ से भी गहरा नाता जुड़ गया और ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ के निर्देश पर महंत अवेद्यनाथ शोभायात्रा में पीठ का प्रतिनिधित्व करने लगे और यह गोरक्षपीठ की होली का अभिन्न अंग बन गया।

बयान के मुताबिक वर्ष 1996 से योगी आदित्यनाथ ने इसे अपनी अगुवाई में न केवल गोरखपुर, बल्कि समूचे पूर्वी उत्तर प्रदेश में सामाजिक समरसता का विशिष्ट पर्व बना दिया। अब इसकी ख्याति मथुरा-वृंदावन की होली सरीखी है और लोगों को इस शोभायात्रा का इंतजार रहता है।

बयान के अनुसार पांच किलोमीटर से अधिक दूरी तय करने वाली इस शोभायात्रा में पथ नियोजन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ता करते हैं और भगवान नृसिंह के रथ पर सवार होकर गोरक्षपीठाधीश्वर रंगों में सराबोर होकर बिना भेदभाव सबसे शुभकामनाओं का आदान-प्रदान करते हैं।

बयान के मुताबिक गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ के रंगपर्व की शुरुआत गोरखनाथ मंदिर में होलिका दहन या सम्मत की राख से तिलक लगाने के साथ होगी।

गोरक्षपीठ के अधिकारियों के मुताबिक पीठाधीश्वर के साथ ही मंदिर के प्रधान पुजारी एवं अन्य साधु-संत भी होलिका दहन की भस्म से रंगोत्सव का शुभारंभ करेंगे। उन्होंने बताया कि इस अवसर पर मंदिर में फाग गीत भी गाए जाएंगे और दोपहर बाद आदित्यनाथ के सानिध्य में होली मिलन समारोह का आयोजन भी होगा।

बयान के अनुसार सामाजिक समरसता का स्नेह बांटने के लिए ही गोरक्षपीठाधीश्वर दशकों से होलिकोत्सव भगवान नृसिंह की रंगभरी शोभायात्रा में शामिल होते रहे हैं।

अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 1996 से 2019 तक शोभायात्रा का नेतृत्व करने वाले योगी आदित्यनाथ वर्ष 2020 और 2021 के होलिकोत्सव में लोगों को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए इसमें शामिल नहीं हुए थे। उन्होंने बताया कि आदित्यनाथ 2022 से पुनः शोभायात्रा का नेतृत्व करने लगे।

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