CIA-2 Kurukshetra: हरियाणा के कुरुक्षेत्र में यात्रियों की नींद में सेंध लगाकर उनके कीमती सामान पर हाथ साफ करने वाले एक शातिर चोर गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। क्राइम इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (CIA-2) की टीम ने कार्रवाई करते हुए पांच ऐसे आरोपियों को दबोचा है, जो नशे की अपनी गंदी लत को पूरा करने के लिए वारदातों को अंजाम देते थे। पुलिस ने इनके कब्जे से भारी मात्रा में चोरी का सामान बरामद किया है, जिसमें 38 मोबाइल फोन और एक चाकू शामिल है। खास बात यह है कि गिरफ्तारी के बाद भागने की कोशिश में दो आरोपियों की टांगें तक टूट गईं।
ब्रह्मसरोवर के जंगल में बनाते थे वारदातों की योजना
सीआईए-2 के इंचार्ज मनदीप सिंह के मुताबिक, यह पूरा गैंग करीब छह महीने पहले वजूद में आया था। आरोपी ब्रह्मसरोवर के पास मेला ग्राउंड से सटे सफेदों के जंगल में इकट्ठा हुआ करते थे। यहीं पर वे स्मैक का नशा करते थे और यहीं बैठकर चोरी व छीना-झपटी की साजिश रचते थे। गैंग का सरगना विकास उर्फ विक्की है, जो अपने चार अन्य साथियों के साथ शहर के गांधी नगर इलाके में एक साथ रहता था। छठी-सातवीं तक पढ़े इन सभी आरोपियों के खिलाफ पहले से ही चोरी के दो-दो, तीन-तीन मामले दर्ज हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि जेल से जमानत पर बाहर आने के बाद भी इनकी आपराधिक हरकतें बंद नहीं हुईं और इन्होंने फिर से शहर में आतंक मचाना शुरू कर दिया।
ट्रेनों के सफर में सोते यात्रियों को बनाते थे शिकार
यह गैंग बेहद शातिर तरीके से वारदातों को अंजाम देता था। आरोपी मुख्य रूप से कुरुक्षेत्र से अंबाला और करनाल की तरफ जाने वाली ट्रेनों में सफर करते थे। शाम के वक्त वे पैसेंजर या एक्सप्रेस ट्रेनों में चढ़ जाते थे और बोगी में सफर के दौरान सो रहे यात्रियों को अपना निशाना बनाते थे। गहरी नींद में सो रहे लोगों की जेबों से मोबाइल और नकदी उड़ाने के अलावा ये चार्जिंग पर लगे फोन भी झपट लेते थे। सिर्फ ट्रेनें ही नहीं, बल्कि सड़क पर अकेले आने-जाने वाले राहगीरों, महिलाओं और बच्चों से भी मोबाइल और पर्स छीनने की कई शिकायतें पुलिस को मिल रही थीं, जिसके बाद पुलिस हरकत में आई।
निशानदेही के दौरान भागने की कोशिश पड़ी भारी
ब्रह्मसरोवर के पास मेला ग्राउंड के आसपास लगातार मिल रही शिकायतों के बाद सीआईए-2 ने जाल बिछाकर पांचों आरोपियों—विकास उर्फ विक्की (गांधी नगर), कमल उर्फ बच्ची (कलायत), गोल्डी उर्फ गंजा (चीका), सन्नी (फरल) और दानिश (बिजनौर, यूपी)—को धर दबोचा। पूछताछ के बाद जब पुलिस इन्हें हथियार और बाकी सामान की बरामदगी के लिए उसी जंगल में लेकर गई, तो शातिर विकास और दानिश ने पुलिस कस्टडी से भागने की कोशिश की। भागने की हड़बड़ी में वे पुलिया से नीचे कूद पड़े, जिससे दोनों की टांगें फ्रैक्चर हो गईं। पुलिस ने तुरंत उन्हें एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां इलाज के बाद कोर्ट के आदेश पर उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
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