CM Dhami Navami Puja: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शारदीय नवरात्रि की महानवमी के पावन अवसर पर मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास में हवन और पूजा-अर्चना की। उन्होंने विधि-विधान से धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किया और मां दुर्गा के नौ स्वरूपों के प्रतीक के रूप में नौ कन्याओं का पूजन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मां भगवती से उत्तराखंड की निरंतर उन्नति और प्रदेश के सभी लोगों के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि तथा खुशहाली बनाए रखने की प्रार्थना की। नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है। महानवमी को इस पर्व का विशेष दिन माना जाता है। इस अवसर पर श्रद्धालु मां सिद्धिदात्री की पूजा-अर्चना करते हैं और कई परिवारों में कन्या पूजन के साथ नवरात्रि के अनुष्ठान संपन्न किए जाते हैं। मुख्यमंत्री धामी ने भी महानवमी पर मुख्यमंत्री आवास में पूजा-पाठ और कन्या पूजन कर प्रदेशवासियों के कल्याण की कामना की।

मुख्यमंत्री आवास में विधि-विधान से हुआ हवन और कन्या पूजन
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महानवमी पर मुख्यमंत्री आवास में हवन किया और मां भगवती की पूजा-अर्चना की। धार्मिक परंपराओं के अनुसार आयोजित इस अनुष्ठान में उन्होंने प्रदेश की उन्नति और लोगों की खुशहाली के लिए प्रार्थना की। पूजा के दौरान नौ कन्याओं को मां दुर्गा के नौ स्वरूपों का प्रतीक मानकर उनका पूजन किया गया। मुख्यमंत्री ने कन्याओं का आशीर्वाद भी लिया। हिंदू परंपरा में नवरात्रि के दौरान कन्या पूजन का विशेष महत्व है। इसे शक्ति स्वरूपा मां दुर्गा के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने और कन्याओं के सम्मान से जोड़कर देखा जाता है। महानवमी पर कई घरों और धार्मिक स्थलों पर कन्या पूजन किया जाता है। इस परंपरा के माध्यम से मातृशक्ति के प्रति सम्मान और आस्था का भाव व्यक्त किया जाता है। मुख्यमंत्री धामी ने मां भगवती से उत्तराखंड की प्रगति और प्रदेशवासियों के सुख-शांति की कामना की। उन्होंने प्रार्थना की कि प्रदेश में खुशहाली बनी रहे और सभी लोगों के जीवन में समृद्धि आए। महानवमी के अवसर पर आयोजित पूजा-अर्चना में प्रदेश के कल्याण और जनजीवन की खुशहाली का भाव प्रमुख रहा।

CM धामी ने प्रदेशवासियों को दी महानवमी की शुभकामनाएं
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को शारदीय नवरात्रि की महानवमी की बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि नवरात्रि का पर्व मातृशक्ति की आराधना और हमारी समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं का प्रतीक है। यह पर्व मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की पूजा के माध्यम से श्रद्धा, भक्ति और शक्ति के प्रति सम्मान का संदेश देता है। मुख्यमंत्री ने कन्या पूजन के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि यह परंपरा मातृशक्ति के प्रति श्रद्धा और सम्मान की प्रेरणा देती है। कन्याओं को देवी स्वरूप मानकर उनका पूजन करना भारतीय संस्कृति में नारी के सम्मान और शक्ति की आराधना से जुड़ा हुआ है। नवरात्रि के दौरान श्रद्धालु पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से मां दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त करने की कामना करते हैं। धामी ने महानवमी के अवसर पर प्रदेश की उन्नति और लोगों की खुशहाली के लिए मां भगवती से प्रार्थना की। मुख्यमंत्री की ओर से दी गई शुभकामनाओं में प्रदेशवासियों के सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाल जीवन की कामना शामिल रही।

नवरात्रि की परंपराओं में कन्या पूजन का विशेष महत्व
शारदीय नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना की जाती है। महानवमी पर पूजा-अर्चना के साथ कन्या पूजन की परंपरा भी निभाई जाती है। श्रद्धालु कन्याओं को देवी का स्वरूप मानकर उनका पूजन करते हैं और आशीर्वाद लेते हैं। कई स्थानों पर इस दिन हवन और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों के साथ नवरात्रि की पूजा संपन्न की जाती है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी महानवमी पर इसी परंपरा के तहत मुख्यमंत्री आवास में हवन और पूजा-अर्चना की। नौ कन्याओं का पूजन करने के बाद उन्होंने उत्तराखंड की उन्नति और प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की। उनके संदेश में नवरात्रि की सांस्कृतिक परंपराओं और मातृशक्ति के सम्मान को प्रमुखता दी गई। महानवमी के अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए पर्व की परंपराओं के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कन्या पूजन को मातृशक्ति के प्रति श्रद्धा और सम्मान की प्रेरणा बताया और मां भगवती से प्रदेश में सुख, शांति तथा खुशहाली बनाए रखने की प्रार्थना की। उत्तराखंड में चिकित्सा शिक्षा को बढ़ावा, मेडिकल यूनिवर्सिटी में बनेगा प्रशासनिक भवन और एम्फीथिएटर

