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सीएम की शुकराना यात्रा: अमृतसर में किसान और मजदूर संगठनों ने किया विरोध, शांतिपूर्ण प्रदर्शन की चेतावनी

VVinita Kohli
सीएम की शुकराना यात्रा: अमृतसर में किसान और मजदूर संगठनों ने किया विरोध, शांतिपूर्ण प्रदर्शन की चेतावनी
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अमृतसर: पंजाब के अमृतसर जिले में मुख्यमंत्री भगवंत मान की “शुकराना यात्रा” को लेकर किसान और मजदूर संगठनों ने विरोध दर्ज कराने की तैयारी कर ली है। किसान मजदूर संघर्ष कमेटी पंजाब के नेता सरवन सिंह पंधेर ने गुरुवार को कहा कि मुख्यमंत्री जहां-जहां अपनी यात्रा और रैलियां करेंगे, वहां किसान और मजदूर शांतिपूर्ण तरीके से पहुंचकर सरकार से सवाल पूछेंगे। उन्होंने कहा कि पंजाब के किसान, मजदूर और युवा गंभीर समस्याओं से जूझ रहे हैं, लेकिन सरकार इन मुद्दों पर ध्यान देने के बजाय राजनीतिक कार्यक्रमों में व्यस्त है।

सरवन सिंह पंधेर ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी और पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल धार्मिक स्थलों और तीर्थ यात्राओं के नाम पर राजनीतिक रैलियां आयोजित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि गांवों से लोगों को वाहनों में भरकर इन कार्यक्रमों में लाया जा रहा है। पंधेर ने कहा कि सरकार धार्मिक भावनाओं का इस्तेमाल कर असली मुद्दों से जनता का ध्यान हटाने की कोशिश कर रही है। उनके अनुसार पंजाब इस समय आर्थिक और सामाजिक संकट से गुजर रहा है, लेकिन सरकार उन समस्याओं के समाधान पर गंभीरता नहीं दिखा रही।

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किसान कर्ज और आत्महत्या का मुद्दा उठाया

किसान नेता ने कहा कि पंजाब में किसान लगातार कर्ज के बोझ तले दब रहे हैं और कई किसान आत्महत्या करने को मजबूर हो रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि खेती की लागत बढ़ने और फसलों के उचित दाम नहीं मिलने से किसानों की स्थिति खराब होती जा रही है। उन्होंने राज्य में बढ़ती बेरोजगारी और युवाओं में नशे की समस्या पर भी चिंता जताई। पंधेर ने कहा कि पंजाब का युवा भविष्य को लेकर असुरक्षित महसूस कर रहा है, लेकिन सरकार इन मुद्दों के समाधान के बजाय प्रचार कार्यक्रमों पर अधिक ध्यान दे रही है। 

सरवन सिंह पंधेर ने केंद्र और पंजाब सरकार दोनों की नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बिजली बोर्ड के निजीकरण, बीज कानून और भारत-अमेरिका समझौते जैसे फैसले पंजाब की खेती और किसानों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारें बड़े उद्योगपतियों और विभिन्न माफिया समूहों के हितों की रक्षा कर रही हैं। पंधेर के मुताबिक रेत, केबल, ट्रांसपोर्ट और जमीन माफिया आज भी राज्य में सक्रिय हैं और आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

चुनावी वादों को लेकर नाराजगी

किसान मजदूर संघर्ष कमेटी ने चुनावों के दौरान किए गए वादों को लेकर भी सरकार को घेरा। पंधेर ने कहा कि 23 फसलों पर MSP की कानूनी गारंटी, किसानों की कर्ज माफी और भ्रष्टाचार खत्म करने जैसे वादे अभी तक पूरे नहीं किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को अब जनता के सवालों का जवाब देना चाहिए। किसान और मजदूर संगठन चाहते हैं कि सरकार जमीनी मुद्दों पर काम करे और कृषि संकट, बेरोजगारी तथा नशे की समस्या पर ठोस कदम उठाए। पंधेर ने बताया कि रईया और जंडियाला गुरु के बीच स्थित चहुआन गांव के मैदान में बड़ा शांतिपूर्ण किसान-मजदूर एकत्रीकरण आयोजित किया जाएगा। इसमें बड़ी संख्या में किसान और मजदूर शामिल होकर अपनी मांगें और सवाल सरकार के सामने रखेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा और इसका उद्देश्य सरकार तक किसानों और मजदूरों की आवाज पहुंचाना है। अमृतसर और आसपास के इलाकों में इस ऐलान के बाद राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।

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