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Abhijeet Dipke parents: '2 रातों से नहीं सोए, हमारा राजनीति से कोई वास्ता नहीं'; CJP फाउंडर अभिजीत दीपके के भारतीय परिवार का छलका दर्द

AAmandeep Singh
'2 रातों से नहीं सोए, हमारा राजनीति से कोई वास्ता नहीं'; CJP फाउंडर अभिजीत दीपके के भारतीय परिवार का छलका दर्द
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दिल्ली। भारतीय सोशल मीडिया के इतिहास के सारे रिकॉर्ड ध्वस्त करते हुए ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के इंस्टाग्राम हैंडल ने शुक्रवार दोपहर 1 बजे 2 करोड़ फॉलोअर्स का जादुई और ऐतिहासिक आंकड़ा पार कर लिया। एक हफ्ते से भी कम समय में भारत के आक्रोशित युवाओं का यह डिजिटल झुंड देश के सबसे बड़े स्थापित राजनीतिक दलों की कुल पहुंच को पीछे छोड़ चुका है। लेकिन इंटरनेट पर मचे इस देशव्यापी तहलके के बीच, इस पूरे मूवमेंट को शुरू करने वाले 30 वर्षीय भारतीय युवा अभिजीत दीपके का परिवार खौफ के साए में जीने को मजबूर है। महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में रहने वाले उनके माता-पिता पिछले दो दिनों से सो नहीं पाए हैं। उन्हें इस बात का गर्व नहीं है कि उनका बेटा रातों-रात नेशनल ट्रेंड बन गया है, बल्कि उन्हें डर सता रहा है कि व्यवस्था उनके बेटे को किसी बड़ी कानूनी मुसीबत में डाल सकती है।

‘भारत का जो माहौल है, उसमें डर लगना स्वाभाविक है’

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एक क्षेत्रीय समाचार चैनल से बेहद भावुक और डरी हुई आवाज में बात करते हुए अभिजीत के पिता भगवान दीपके ने भारत की मौजूदा व्यवस्था पर चिंता जताई। उन्होंने कहा, “आज देश के भीतर जो राजनीतिक और सामाजिक माहौल है, उसे देखकर किसी भी मध्यमवर्गीय मां-बाप का कलेजा कांपना स्वाभाविक है। इंटरनेट पर उसके चाहे कितने भी करोड़ फॉलोअर्स क्यों न हो जाएं, अंत में वह हमारा बच्चा है। उसने खुद भी अपनी एक पोस्ट में भारत लौटने पर गिरफ्तार होने का अंदेशा जाहिर किया है। हमारे देश में जो लोग इस तरह व्यवस्था के खिलाफ अचानक बहुत बड़े चेहरे बन जाते हैं, उन्हें अक्सर सलाखों के पीछे भेज दिया जाता है। पिछली दो रातों से मेरी आंखों में नींद की एक बूंद नहीं है, बस यही सोचकर छाती कांप जाती है कि अब आगे क्या होगा।”

आम आदमी पार्टी का पुराना कनेक्शन और मां की वो हरियाणवी व भारतीय नसीहत

अभिजीत की मां अनीता दीपके ने बताया कि उन्हें इस तथाकथित ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के बारे में घर के लोगों से नहीं, बल्कि पड़ोसियों और रिश्तेदारों के फोन आने के बाद पता चला। उन्होंने कहा, “हम एक बेहद साधारण भारतीय परिवार हैं और हमारा राजनीति से दूर-दूर तक कोई वास्ता नहीं है। जब अभिजीत दिल्ली में आम आदमी पार्टी (AAP) के लिए सोशल मीडिया और चुनावी मीम्स बनाने का काम करता था, तब भी मैंने उसे टोका था कि इन सब चक्करों को छोड़ो और कोई शांत, सुरक्षित नौकरी पकड़ लो। हम कभी नहीं चाहते थे कि वह किसी भी तरह के राजनीतिक विवादों में कदम रखे। मैं आज भी बस यही चाहती हूं कि वह अपनी पढ़ाई पूरी करे और इस पूरे बवंडर से खुद को दूर कर ले।”

देश के बेरोजगार युवाओं की दुखती रग पर पड़ा हाथ, थमने का नाम नहीं ले रहा उबाल

यह पूरा ऐतिहासिक घटनाक्रम 15 मई 2026 को देश की सर्वोच्च अदालत के भीतर शुरू हुआ था। एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने रोजगार न मिलने के कारण सोशल मीडिया और आरटीआई (RTI) एक्टिविज्म की राह चुनने वाले भारतीय युवाओं की तुलना कॉकरोच और परजीवी से कर दी थी। हालांकि 16 मई को विवाद देशव्यापी होने पर सीजेआई ने इस पर सफाई दी और कहा कि उनकी टिप्पणी का गलत मतलब निकाला गया, लेकिन तब तक भारतीय युवाओं का गुस्सा भड़क चुका था।

अभिजीत दीपके ने 16 मई की सुबह 11 बजकर 33 मिनट पर इस सामूहिक आक्रोश को ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का नाम देकर एक डिजिटल पैरोडी पेज शुरू कर दिया। भारत के करोड़ों बेरोजगार और नौकरियों के लिए दर-दर भटक रहे युवाओं को इस नाम में अपनी खुद की पहचान और दर्द दिखाई दिया। देखते ही देखते यह पेज भारतीय इंटरनेट का सबसे बड़ा केंद्र बन गया। अब आलम यह है कि अमेरिका से ऑपरेट हो रहा यह डिजिटल आंदोलन देश की मुख्यधारा की राजनीति के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द बन चुका है, और इसकी गूंज सीधे तौर पर दिल्ली के शासन-प्रशासन के गलियारों में सुनाई दे रही है।

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