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Rohtak youth protest: सोशल मीडिया से निकलकर रोहतक की सड़कों पर आई कॉकरोच पार्टी, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का मांगा इस्तीफा

AAmandeep Singh
सोशल मीडिया से निकलकर रोहतक की सड़कों पर आई कॉकरोच पार्टी, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का मांगा इस्तीफा
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रोहतक। हरियाणा की राजनीति और छात्र आंदोलनों की गवाह रही रोहतक की धरती पर इस बार कुछ अलग ही मिजाज देखने को मिला। पिछले पांच दिनों से फेसबुक, इंस्टाग्राम और एक्स (ट्विटर) पर प्रदेश की कानून व्यवस्था और बेरोजगारी को लेकर तीखे तंज कसने वाली ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ अचानक भारी तादाद में जमीन पर उतर आई। स्थानीय मानसरोवर पार्क से लेकर डीसी दफ्तर तक युवाओं ने जोरदार हुंकार भरी। रोहतक, सांपला और महम के ग्रामीण इलाकों से आए इन युवाओं ने नीट परीक्षा में हुई धांधली और हरियाणा में पैर पसारते भर्ती घोटालों को लेकर जिला उपायुक्त के माध्यम से देश के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा। सोशल मीडिया के मीम्स से निकलकर हकीकत के मैदान में उतरे युवाओं के इस तेवर ने स्थानीय खुफिया विभाग और पुलिस प्रशासन को भी चौकन्ना कर दिया।

नीट पेपर लीक पर घेरी सरकार, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर साधा सीधा निशाना

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प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे रोहतक के चर्चित जिला परिषद सदस्य जयदेव डागर ने राज्य और केंद्र सरकार की नीतियों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि नीट परीक्षा का पेपर लीक होना हरियाणा के उन लाखों किसान-मजदूरों के बच्चों के साथ धोखा है, जो रात-दिन एक करके रोहतक और कोटा के कोचिंग सेंटरों में पसीना बहाते हैं। डागर ने कड़े शब्दों में कहा कि बिना ऊंचे राजनीतिक संरक्षण और अधिकारियों की मिलीभगत के इतना बड़ा राष्ट्रीय स्तर का पेपर लीक हो ही नहीं सकता। पिछले तीन साल से लगातार हो रही इस तरह की धांधलियों की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तुरंत अपने पद से हट जाना चाहिए।

‘हरियाणा के युवाओं के हक पर बाहरी राज्यों का डाका, HPSC की हो निष्पक्ष जांच’

हरियाणवी युवाओं की सबसे दुखती रग यानी सरकारी नौकरियों के मुद्दे पर बोलते हुए प्रदर्शनकारियों ने हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए। जयदेव डागर ने रोहतक के युवाओं के बीच कहा कि ‘बिना खर्ची, बिना पर्ची’ का दम भरने वाली सरकार में आज हरियाणा के पढ़े-लिखे युवाओं को दरकिनार किया जा रहा है। एचपीएससी की बड़ी नौकरियों में हमारे सूबे के युवाओं की जगह जानबूझकर बाहरी राज्यों के आवेदकों को धड़ाधड़ नौकरियां दी जा रही हैं। युवाओं ने अल्टीमेटम दिया है कि हाल के दिनों में हुई तमाम विवादित और कोर्ट में अटकी भर्तियों की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच की जाए और जब तक सच सामने न आए, इन्हें तुरंत प्रभाव से होल्ड पर डाला जाए।

जर्जर सरकारी स्कूल और जनगणना में बेरोजगारों को दरकिनार करने पर घेरा

कॉकरोच जनता पार्टी ने रोहतक और आसपास के देहाती इलाकों के सरकारी स्कूलों की बदहाली का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। युवाओं ने कहा कि प्रदेश के कई सरकारी स्कूलों की इमारतें पूरी तरह कंडम हो चुकी हैं और वहां छत गिरने का डर बना रहता है। सरकार केवल बड़ी-बड़ी घोषणाएं कर रही है, जिससे तंग आकर लोग अपने बच्चों का नाम सरकारी स्कूलों से कटवा रहे हैं।

इसके साथ ही, युवाओं ने खट्टर-सैनी सरकार को एक व्यावहारिक हरियाणवी फॉर्मूला सुझाते हुए कहा कि स्कूलों में पढ़ाने वाले जेबीटी और पीजीटी शिक्षकों को जनगणना के काम में झोंक दिया जाता है, जिससे गरीब बच्चों की पढ़ाई चौपट हो जाती है। इसकी जगह सरकार को प्रदेश के लाखों शिक्षित बेरोजगार युवाओं को मानदेय पर इस काम में लगाना चाहिए। इससे बेरोजगारों को कुछ महीनों की दिहाड़ी मिल जाएगी और स्कूलों में मास्टर जी आराम से बच्चों को पढ़ा सकेंगे। युवाओं ने साफ कर दिया है कि अगर सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानीं, तो रोहतक से शुरू हुआ यह आंदोलन पूरे हरियाणा की सड़कों पर नजर आएगा।

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