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Cockroach Janta Party: जानिए कॉकरोच जनता पार्टी के इन तीन चेहरों की पूरी कुंडली, आईआईटीयन से लेकर खोजी पत्रकार तक

AAmandeep Singh
Cockroach Janta Party: जानिए कॉकरोच जनता पार्टी के इन तीन चेहरों की पूरी कुंडली, आईआईटीयन से लेकर खोजी पत्रकार तक
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दिल्ली। भारत की राजनीति में समय-समय पर छात्रों और युवाओं के आंदोलनों ने सत्ता की चूलें हिलाने का काम किया है। इसी कड़ी में एक नया नाम जुड़ रहा है— ‘कॉकरोच जनता पार्टी’। शुरुआती दौर में भले ही इस नाम को लोगों ने संजीदगी से न लिया हो, लेकिन आज यह देश के करोड़ों युवाओं, खासकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों की सबसे मुखर आवाज बनकर उभरी है। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने साफ कर दिया है कि उनकी पार्टी पारंपरिक ढर्रे की राजनीति को बदलने और देश की बहस के मुद्दों को री-सेट करने के लिए मैदान में उतरी है। इस आंदोलन को संगठित रूप देने के लिए अब तीन ऐसे चेहरों को कमान सौंपी गई है, जो अपने-अपने क्षेत्रों के माहिर खिलाड़ी माने जाते हैं।

सौरव, विजेता और आशुतोष: जानिए कौन हैं सीजेपी के ये तीन सिपहसालार

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पार्टी ने समाज के अलग-अलग बौद्धिक और तकनीकी क्षेत्रों से जुड़े युवाओं को अपना चेहरा बनाया है, ताकि टीवी डिबेट्स से लेकर जमीनी स्तर तक तार्किक तरीके से बात रखी जा सके:

सौरव दास (मुख्य प्रवक्ता): पेशे से खोजी पत्रकार रहे सौरव दास को कानूनी, न्यायिक और सामाजिक मुद्दों की गहरी समझ है। वे आरटीआई (RTI) और सरकारी नीतियों के विश्लेषण के लिए जाने जाते हैं। इससे पहले वे 25 नवंबर को इंडिया गेट पर हुए पर्यावरण प्रदूषण विरोधी प्रदर्शनों का भी नेतृत्व कर चुके हैं। उनकी आक्रामक और तथ्यात्मक शैली को देखते हुए उन्हें मुख्य प्रवक्ता की कुर्सी सौंपी गई है।

विजेता दहिया: दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (DTU) से ग्रेजुएट विजेता बहुमुखी प्रतिभा की धनी हैं। वे एक राजनीतिक शोधार्थी होने के साथ-साथ लेखिका और हरियाणवी फिल्म मेकर भी हैं। उन्होंने ‘पॉवर ऑफ यूनिवर्स’ जैसी किताबें लिखी हैं और यूट्यूबर्स के लिए कई मशहूर स्क्रिप्ट्स तैयार की हैं। वे युवाओं की नब्ज और सांस्कृतिक मुद्दों को बेहतर ढंग से समझती हैं।

आशुतोष राणका: तकनीकी और कॉर्पोरेट जगत का एक बड़ा नाम अब इस आंदोलन का हिस्सा है। आईआईटी (IIT) कानपुर से बीटेक करने के बाद आशुतोष ने लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स (LSE) से उच्च शिक्षा ली। उन्होंने दुनिया की दिग्गज मैनेजमेंट कंसल्टिंग फर्म मैकिन्से (McKinsey & Company) में भी अपनी सेवाएं दी हैं। जयपुर में पर्यावरण और शिक्षा के क्षेत्र में काम करने का उनका लंबा अनुभव अब इस पार्टी के काम आएगा।

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दरअसल, पूरा विवाद नीट (NEET) परीक्षा के नतीजों और सीबीएसई की मूल्यांकन पद्धति में सामने आईं कथित विसंगतियों के बाद भड़का है। युवाओं का आरोप है कि मौजूदा सिस्टम मेधावी छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है। इसी के विरोध में कॉकरोच जनता पार्टी के मुखिया अभिजीत दीपके 6 जून को विदेश से भारत लौट रहे हैं और उन्होंने सीधे दिल्ली में एक शांतिपूर्ण लेकिन विशाल प्रदर्शन का आह्वान किया है। पार्टी की सीधी मांग है कि मौजूदा शिक्षा व्यवस्था की नाकामी को स्वीकार करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा दें।

इस आंदोलन को तब और ज्यादा मजबूती मिल गई जब यह बात सामने आई कि लद्दाख के मशहूर रिफॉर्मर सोनम वांगचुक भी 6 जून के इस प्रदर्शन में युवाओं का हौसला बढ़ाने शामिल हो सकते हैं। सोशल मीडिया पर ‘सीजेपी’ की बढ़ती लोकप्रियता ने स्थापित राजनीतिक दलों को भी सोचने पर मजबूर कर दिया है।

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