Breaking News
Magha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं कियाMagha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं किया

Abhijeet Dipke Statement: 10 लाख सदस्यों वाली वेबसाइट बंद होने पर भड़के अभिजीत दिपके, बोले- कॉकरोचों से डरी सरकार

AAmandeep Singh
Abhijeet Dipke Statement: 10 लाख सदस्यों वाली वेबसाइट बंद होने पर भड़के अभिजीत दिपके, बोले- कॉकरोचों से डरी सरकार
शेयर करें
AI Quick Summary

Want to save time? Let our AI read the article and give you 3 quick bullet points.

Listen to this article
AUDIO VERSION

दिल्ली। इंटरनेट और सोशल मीडिया पर पिछले कुछ दिनों से सनसनी बना ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का डिजिटल अभियान शनिवार को अचानक थम गया। इस बहुचर्चित और अनूठे प्लेटफॉर्म की आधिकारिक वेबसाइट को इंटरनेट से पूरी तरह हटा दिया गया है। वेबसाइट के बंद होने की पुष्टि खुद इसके संस्थापक और सोशल मीडिया एक्टिविस्ट अभिजीत दिपके ने की है। इस कार्रवाई के बाद देश का सियासी और डिजिटल पारा चढ़ गया है। दिपके ने केंद्र सरकार को आड़े हाथों लेते हुए इस कदम को पूरी तरह अलोकतांत्रिक और तानाशाही से प्रेरित बताया है।

युवाओं और जेन-जी का पसंदीदा अड्डा था यह प्लेटफॉर्म

विज्ञापन

दरअसल, यह पूरा मामला सिर्फ एक वेबसाइट के बंद होने का नहीं है, बल्कि इसके पीछे युवाओं का एक बड़ा डिजिटल आंदोलन छिपा है। अभिजीत दिपके का यह अजीबोगरीब दिखने वाला अभियान देश के मिलेनियल्स और जेन-जी (आज के युवा) के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा था। यह प्लेटफॉर्म गंभीर राजनीतिक मुद्दों को मीम्स, व्यंग्य और तीखे कटाक्ष के जरिए उठाने का जरिया बन चुका था। दिपके ने माइक्रोब्लॉगिंग साइट ‘एक्स’ (पहले ट्विटर) पर सरकार के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर करते हुए दावा किया कि महज कुछ ही समय में करीब 10 लाख युवा इस वेबसाइट से बतौर सदस्य जुड़ चुके थे।

NEET पेपर लीक मामले ने दी इस अभियान को हवा

इस पूरे विवाद की जड़ें मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG में हुए कथित पेपर लीक और धांधली के बवाल से जुड़ी हुई हैं। परीक्षा में हुई गड़बड़ी को लेकर देश भर के लाखों छात्रों और अभिभावकों में भारी आक्रोश है। इसी गुस्से को ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के मंच ने एक नई आवाज दी थी। युवाओं ने इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल सरकार की नीतियों के खिलाफ अपनी असहमति दर्ज कराने के लिए एक बड़े हथियार के रूप में किया, जिसने देखते ही देखते एक बड़े अभियान का रूप ले लिया।

शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग और सरकार पर तीखा तंज

संस्थापक अभिजीत दिपके के मुताबिक, परीक्षा में धांधली के विरोध में उनकी वेबसाइट पर एक ऑनलाइन पिटीशन (याचिका) शुरू की गई थी। इस पिटीशन के जरिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की जा रही थी, जिस पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के करीब छह लाख सदस्यों ने अपने दस्तखत कर दिए थे। दिपके का आरोप है कि इसी मुहिम से घबराकर वेबसाइट को निशाना बनाया गया है। उन्होंने तंज कसते हुए ‘एक्स’ पर लिखा, “सरकार ने हमारी आइकॉनिक वेबसाइट को डिलीट करवा दिया है। आखिर यह सरकार 10 लाख कॉकरोचों से इतना क्यों डरती है?”

विज्ञापन

दिल्ली की और ख़बरें

ताज़ा ख़बरें सीधे अपने ईमेल पर

जगमार्ग न्यूज़ की बड़ी ख़बरें रोज़ अपने इनबॉक्स में पाएं। मुफ़्त, कभी भी अनसब्सक्राइब करें।