Daler Mehndi controversy: उत्तराखंड के कुंजापुरी मेले में मशहूर गायक दलेर मेहंदी को मंच पर फटकार लगाने का मामला अब राजनीतिक और मनोरंजन जगत तक पहुंच गया है। इस विवाद पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि वह गायक दलेर मेहंदी और मीका सिंह से खुद बात करेंगे। मुख्यमंत्री ने भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यह बात कही। कुंजापुरी मेले में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने प्रस्तुति के दौरान दलेर मेहंदी को मंच पर टोका था। इसके बाद मामला चर्चा में आ गया और सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं। कुछ प्रतिक्रियाओं में कलाकार के सम्मान का मुद्दा उठाया गया, जबकि मंत्री के पक्ष में कार्यक्रम के दौरान प्रस्तुति को लेकर सवाल किए जा रहे हैं। विवाद बढ़ने के बाद अब मुख्यमंत्री धामी की ओर से दोनों गायकों से बातचीत करने की बात कही गई है। हालांकि, बातचीत कब होगी और उसमें किन मुद्दों पर चर्चा होगी, इसकी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। फिलहाल, मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी के साथ फिल्म और संगीत जगत से जुड़े लोगों की प्रतिक्रियाएं भी चर्चा में हैं।
अनुपम खेर ने कहा- सार्वजनिक रूप से आरोप लगाना ठीक नहीं
अभिनेता अनुपम खेर का बयान भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। उन्होंने कहा कि वह दलेर मेहंदी को करीब 25 से 30 साल से जानते हैं और वह बड़े कलाकार हैं। अनुपम खेर ने स्पष्ट किया कि वह कुंजापुरी मेले के कार्यक्रम में मौजूद नहीं थे, इसलिए वहां वास्तव में क्या हुआ, इसकी जानकारी उन्हें प्रत्यक्ष रूप से नहीं है। अनुपम खेर ने संभावना जताई कि हो सकता है दलेर मेहंदी ने लिप्सिंग की हो। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले दो-तीन साल से गायक की तबीयत ठीक नहीं चल रही है। उनके मुताबिक, दलेर मेहंदी कार्यक्रम में प्रस्तुति देने के अपने वादे के अनुसार पहुंचे होंगे, लेकिन किसी कलाकार पर सार्वजनिक रूप से आरोप लगाना उचित नहीं है। उनकी प्रतिक्रिया के बाद विवाद में कलाकार की सेहत और कार्यक्रम में उनकी प्रस्तुति को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, अनुपम खेर ने खुद कहा कि वह कार्यक्रम में मौजूद नहीं थे। ऐसे में उनकी टिप्पणी को घटना का प्रत्यक्ष विवरण नहीं, बल्कि दलेर मेहंदी के साथ लंबे परिचय और सामने आई जानकारी के आधार पर दी गई प्रतिक्रिया के तौर पर देखा जाना चाहिए।
राजपाल यादव बोले- कला को खरीदा नहीं जा सकता
अभिनेता राजपाल यादव ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी है। सोशल मीडिया पर वायरल बयान में उन्होंने कहा कि किसी गायक के लिए मंच पर इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल करना शोभा नहीं देता। उन्होंने कला के सम्मान पर जोर देते हुए कहा कि कला को खरीदा नहीं जा सकता। उनके मुताबिक, कला जीवन है और जीवन का सम्मान किया जाना चाहिए। राजपाल यादव ने अपने बयान में यह भी कहा कि दलेर मेहंदी शराब नहीं पीते और उनका स्वास्थ्य खराब चल रहा है। उनका कहना था कि किसी कलाकार की स्थिति को समझे बिना उसके प्रति अपमानजनक व्यवहार नहीं किया जाना चाहिए। हालांकि, उनकी ओर से कही गई स्वास्थ्य संबंधी बातों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है। इस तरह सोशल मीडिया पर बहस केवल कार्यक्रम में हुई घटना तक सीमित नहीं रही, बल्कि कलाकारों के सम्मान और आयोजकों की जिम्मेदारी तक पहुंच गई है। एक ओर दलेर मेहंदी की प्रस्तुति को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर उनके साथ किए गए व्यवहार को लेकर भी आपत्ति जताई जा रही है।
सुबोध उनियाल ने बताया क्यों मंच पर टोका
विवाद के बीच कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल का बयान भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। उनियाल ने कहा कि उस समय उन्हें लगा था कि दलेर मेहंदी नशे में हैं, लेकिन उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि वह किस चीज के प्रभाव में थे। उन्होंने यह भी कहा कि इतने बड़े कलाकार का मेडिकल परीक्षण नहीं कराया जा सकता। बाद में उन्हें बताया गया कि दलेर मेहंदी की तबीयत खराब थी। सुबोध उनियाल के मुताबिक, यदि गायक की तबीयत ठीक नहीं थी तो कार्यक्रम में मौजूद लोगों को इसकी जानकारी दी जानी चाहिए थी या फिर उन्हें कार्यक्रम में नहीं आना चाहिए था। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में प्रस्तुति देने के लिए 35 लाख रुपये दिए गए थे और होटल में ठहरने की अलग से व्यवस्था भी की गई थी। मंत्री ने कहा कि उनका उद्देश्य संगीत या किसी कलाकार को बदनाम करना नहीं था। उनके अनुसार, जब दलेर मेहंदी करीब 45 मिनट तक प्रस्तुति नहीं दे पाए तो जनप्रतिनिधि होने के नाते उन्होंने उन्हें टोका। उनियाल ने यह भी कहा कि कलाकार का सम्मान होना चाहिए, लेकिन कलाकार को भी अपने सम्मान का ध्यान रखना चाहिए।
कलाकार के सम्मान और कार्यक्रम की जिम्मेदारी पर बहस
कुंजापुरी मेले की इस घटना ने कलाकारों की सार्वजनिक प्रस्तुतियों, आयोजकों की जिम्मेदारी और मंच पर व्यवहार को लेकर बहस छेड़ दी है। मंत्री सुबोध उनियाल ने प्रस्तुति में देरी और भुगतान का हवाला दिया है, जबकि अनुपम खेर और राजपाल यादव की प्रतिक्रियाओं में कलाकार के सम्मान और स्वास्थ्य का मुद्दा सामने आया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दलेर मेहंदी और मीका सिंह से बात करने की बात कहकर मामले में अपनी भूमिका स्पष्ट की है। अब यह देखना होगा कि बातचीत के बाद इस विवाद पर क्या स्थिति बनती है। फिलहाल, घटना से जुड़े अलग-अलग पक्षों के बयानों के बीच मूल सवाल यही है कि कार्यक्रम के दौरान वास्तव में क्या हुआ और स्थिति को किस तरह संभाला गया।
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